The UP Board Class 12 General Hindi (Samanya Hindi) question paper with solutions (Set 302 BH) is available here for free download. UP Board Class 12 General Hindi 2026 was conducted by the Uttar Pradesh Madhyamik Shiksha Parishad (UPMSP) on February 18, 2026, as a 100-mark paper of 14 compulsory questions to be solved in 3 hours 15 minutes.

UP Board Class 12 General Hindi 2026 Question Paper with Solutions (Set 302 BH) Download PDF Check Solutions

UP Board Class 12 Hindi General 2026 (Set 302 BH) Questions with Solutions

Question 1:

'उदंत मार्तण्ड' का प्रकाशन वर्ष है

  • (A) 1832
  • (B) 1836
  • (C) 1826
  • (D) 1831

Question 2:

'सेवा सदन' के लेखक हैं

  • (A) चतुरसेन शास्त्री
  • (B) प्रेमचंद
  • (C) विश्वंभरनाथ शर्मा
  • (D) जयशंकर प्रसाद

Question 3:

'इंदुमती' रचना की विधा है

  • (A) कहानी
  • (B) नाटक
  • (C) उपन्यास
  • (D) एकांकी

Question 4:

'कुटज' निबंध के लेखक हैं

  • (A) यशपाल
  • (B) हजारीप्रसाद द्विवेदी
  • (C) 'अज्ञेय'
  • (D) भारतेन्दु

Question 5:

छायावादोत्तर युग है

  • (A) शुक्लोत्तर-युग
  • (B) शुक्ल-युग
  • (C) भारतेन्दु-युग
  • (D) द्विवेदी-युग

Question 6:

जयशंकर प्रसाद की महाकाव्यात्मक कृति है

  • (A) 'झरना'
  • (B) 'लहर'
  • (C) 'कामायनी'
  • (D) 'आँसू'

Question 7:

'दूसरा सप्तक' का प्रकाशन-वर्ष है

  • (A) 1943
  • (B) 1959
  • (C) 1961
  • (D) 1951

Question 8:

'हालावाद' का प्रवर्तक कहा जाता है

  • (A) गोपाल सिंह नेपाली को
  • (B) हरिवंश राय 'बच्चन' को
  • (C) भगवती चरण वर्मा को
  • (D) महादेवी वर्मा को

Question 9:

सुमित्रानंदन पंत की रचना है

  • (A) 'पल्लव'
  • (B) 'साकेत'
  • (C) 'कामायनी'
  • (D) 'यामा'

Question 10:

'रश्मिरथी' के रचनाकार हैं

  • (A) जयशंकर प्रसाद
  • (B) सुमित्रानन्दन पन्त
  • (C) रामधारी सिंह 'दिनकर'
  • (D) सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला'

Question 11:

गद्यांश: पृथ्वी और आकाश के अंतराल में जो कुछ सामग्री भरी है, पृथ्वी के चारों ओर फैले हुए गंभीर सागर में जलचर एवं रत्नों की राशियाँ हैं, उन सबके प्रति चेतना और स्वागत के नये भाव राष्ट्र में फैलने चाहिए। राष्ट्र नवयुवकों के हृदय में उन सबके प्रति जिज्ञासा की नयी किरणें जब तक नहीं फूटतीं तब तक हम सोए हुए समान हैं। विज्ञान और उद्यम दोनों को मिलाकर राष्ट्र के भौतिक स्वरूप का एक नया ठाट खड़ा करना है।

(i) पाठ का शीर्षक और लेखक का नाम लिखिए।


Question 12:

गद्यांश: पृथ्वी और आकाश के अंतराल में जो कुछ सामग्री भरी है, पृथ्वी के चारों ओर फैले हुए गंभीर सागर में जलचर एवं रत्नों की राशियाँ हैं, उन सबके प्रति चेतना और स्वागत के नये भाव राष्ट्र में फैलने चाहिए। राष्ट्र नवयुवकों के हृदय में उन सबके प्रति जिज्ञासा की नयी किरणें जब तक नहीं फूटतीं तब तक हम सोए हुए समान हैं। विज्ञान और उद्यम दोनों को मिलाकर राष्ट्र के भौतिक स्वरूप का एक नया ठाट खड़ा करना है।

(ii) रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए।


Question 13:

गद्यांश: पृथ्वी और आकाश के अंतराल में जो कुछ सामग्री भरी है, पृथ्वी के चारों ओर फैले हुए गंभीर सागर में जलचर एवं रत्नों की राशियाँ हैं, उन सबके प्रति चेतना और स्वागत के नये भाव राष्ट्र में फैलने चाहिए। राष्ट्र नवयुवकों के हृदय में उन सबके प्रति जिज्ञासा की नयी किरणें जब तक नहीं फूटतीं तब तक हम सोए हुए समान हैं। विज्ञान और उद्यम दोनों को मिलाकर राष्ट्र के भौतिक स्वरूप का एक नया ठाट खड़ा करना है।

(iii) राष्ट्रीय चेतना में भौतिक ज्ञान-विज्ञान के महत्व को स्पष्ट कीजिए।


Question 14:

गद्यांश: पृथ्वी और आकाश के अंतराल में जो कुछ सामग्री भरी है, पृथ्वी के चारों ओर फैले हुए गंभीर सागर में जलचर एवं रत्नों की राशियाँ हैं, उन सबके प्रति चेतना और स्वागत के नये भाव राष्ट्र में फैलने चाहिए। राष्ट्र नवयुवकों के हृदय में उन सबके प्रति जिज्ञासा की नयी किरणें जब तक नहीं फूटतीं तब तक हम सोए हुए समान हैं। विज्ञान और उद्यम दोनों को मिलाकर राष्ट्र के भौतिक स्वरूप का एक नया ठाट खड़ा करना है।

(iv) लेखक ने राष्ट्र की सुप्त अवस्था कब तक स्वीकार की है?


Question 15:

गद्यांश: पृथ्वी और आकाश के अंतराल में जो कुछ सामग्री भरी है, पृथ्वी के चारों ओर फैले हुए गंभीर सागर में जलचर एवं रत्नों की राशियाँ हैं, उन सबके प्रति चेतना और स्वागत के नये भाव राष्ट्र में फैलने चाहिए। राष्ट्र नवयुवकों के हृदय में उन सबके प्रति जिज्ञासा की नयी किरणें जब तक नहीं फूटतीं तब तक हम सोए हुए समान हैं। विज्ञान और उद्यम दोनों को मिलाकर राष्ट्र के भौतिक स्वरूप का एक नया ठाट खड़ा करना है।

(v) राष्ट्र के भौतिक स्वरूप का नया ठाट कैसे खड़ा करना है?


Question 16:

गद्यांश: भारतीय साहित्य में, और इसलिए जीवन में भी इस पुष्प का प्रवेश और निर्गम दोनों ही विचित्र नाटकीय व्यापार हैं। ऐसा तो कोई नहीं कह सकेगा कि कालिदास के पूर्व भारतवर्ष में इस पुष्प का कोई नाम ही नहीं जानता था; परन्तु कालिदास के काव्यों में यह जिस शोभा और सौकुमार्य का भार लेकर प्रवेश करता है, वह पहले कहाँ था। उस प्रवेश में नववधू के गृह-प्रवेश की भाँति शोभा है, गरिमा है, पवित्रता है और सुकुमारता है।

(i) पाठ का शीर्षक और लेखक का नाम लिखिए।


Question 17:

गद्यांश: भारतीय साहित्य में, और इसलिए जीवन में भी इस पुष्प का प्रवेश और निर्गम दोनों ही विचित्र नाटकीय व्यापार हैं। ऐसा तो कोई नहीं कह सकेगा कि कालिदास के पूर्व भारतवर्ष में इस पुष्प का कोई नाम ही नहीं जानता था; परन्तु कालिदास के काव्यों में यह जिस शोभा और सौकुमार्य का भार लेकर प्रवेश करता है, वह पहले कहाँ था। उस प्रवेश में नववधू के गृह-प्रवेश की भाँति शोभा है, गरिमा है, पवित्रता है और सुकुमारता है।

(ii) रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए।


Question 18:

गद्यांश: भारतीय साहित्य में, और इसलिए जीवन में भी इस पुष्प का प्रवेश और निर्गम दोनों ही विचित्र नाटकीय व्यापार हैं। ऐसा तो कोई नहीं कह सकेगा कि कालिदास के पूर्व भारतवर्ष में इस पुष्प का कोई नाम ही नहीं जानता था; परन्तु कालिदास के काव्यों में यह जिस शोभा और सौकुमार्य का भार लेकर प्रवेश करता है, वह पहले कहाँ था। उस प्रवेश में नववधू के गृह-प्रवेश की भाँति शोभा है, गरिमा है, पवित्रता है और सुकुमारता है।

(iii) गद्यांश में लेखक ने किसके महत्व पर प्रकाश डाला है?


Question 19:

गद्यांश: भारतीय साहित्य में, और इसलिए जीवन में भी इस पुष्प का प्रवेश और निर्गम दोनों ही विचित्र नाटकीय व्यापार हैं। ऐसा तो कोई नहीं कह सकेगा कि कालिदास के पूर्व भारतवर्ष में इस पुष्प का कोई नाम ही नहीं जानता था; परन्तु कालिदास के काव्यों में यह जिस शोभा और सौकुमार्य का भार लेकर प्रवेश करता है, वह पहले कहाँ था। उस प्रवेश में नववधू के गृह-प्रवेश की भाँति शोभा है, गरिमा है, पवित्रता है और सुकुमारता है।

(iv) “इस पुष्प का प्रवेश और निर्गम दोनों ही विचित्र नाटकीय व्यापार हैं” आशय स्पष्ट कीजिए।


Question 20:

गद्यांश: भारतीय साहित्य में, और इसलिए जीवन में भी इस पुष्प का प्रवेश और निर्गम दोनों ही विचित्र नाटकीय व्यापार हैं। ऐसा तो कोई नहीं कह सकेगा कि कालिदास के पूर्व भारतवर्ष में इस पुष्प का कोई नाम ही नहीं जानता था; परन्तु कालिदास के काव्यों में यह जिस शोभा और सौकुमार्य का भार लेकर प्रवेश करता है, वह पहले कहाँ था। उस प्रवेश में नववधू के गृह-प्रवेश की भाँति शोभा है, गरिमा है, पवित्रता है और सुकुमारता है।

(v) कालिदास के काव्य में अशोक के फूल का कैसा वर्णन मिलता है?


Question 21:

पद्यांश: दुःख की पिछली रजनी बीच
विकसता सुख का नवल प्रभात;
एक परदा यह झीना नील
छिपाये है जिसमें सुख गात।
जिसे तुम समझे हो अभिशाप,
जगत की ज्वालाओं का मूल;
ईश का वह रहस्य वरदान
कभी मत इसको जाना भूल।

(i) उपर्युक्त पद्यांश का सन्दर्भ लिखिए।


Question 22:

पद्यांश: दुःख की पिछली रजनी बीच
विकसता सुख का नवल प्रभात;
एक परदा यह झीना नील
छिपाये है जिसमें सुख गात।
जिसे तुम समझे हो अभिशाप,
जगत की ज्वालाओं का मूल;
ईश का वह रहस्य वरदान
कभी मत इसको जाना भूल।

(ii) रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए।


Question 23:

पद्यांश: दुःख की पिछली रजनी बीच
विकसता सुख का नवल प्रभात;
एक परदा यह झीना नील
छिपाये है जिसमें सुख गात।
जिसे तुम समझे हो अभिशाप,
जगत की ज्वालाओं का मूल;
ईश का वह रहस्य वरदान
कभी मत इसको जाना भूल।

(iii) प्रस्तुत पद्यांश का केन्द्रीय भाव लिखिए।


Question 24:

पद्यांश: दुःख की पिछली रजनी बीच
विकसता सुख का नवल प्रभात;
एक परदा यह झीना नील
छिपाये है जिसमें सुख गात।
जिसे तुम समझे हो अभिशाप,
जगत की ज्वालाओं का मूल;
ईश का वह रहस्य वरदान
कभी मत इसको जाना भूल।

(iv) श्रद्धा किसके हताश मन को प्रेरणा दे रही है और कैसे?


Question 25:

पद्यांश: दुःख की पिछली रजनी बीच
विकसता सुख का नवल प्रभात;
एक परदा यह झीना नील
छिपाये है जिसमें सुख गात।
जिसे तुम समझे हो अभिशाप,
जगत की ज्वालाओं का मूल;
ईश का वह रहस्य वरदान
कभी मत इसको जाना भूल।

(v) 'रजनी' व 'प्रभात' शब्दों के दो-दो पर्यायवाची शब्द लिखिए।


Question 26:

पद्यांश: बाँध लेंगे क्या तुझे यह मोम के बंधन सजीले?
पंथ की बाधा बनेंगे तितलियों के पर रंगीले?
विश्व का क्रंदन भुला देगी मधुप की मधुर गुनगुन,
क्या डुबो देंगे तुझे यह फूल के दल ओस-गीले?
तू न अपनी छाँह को अपने लिए कारा बनाना!
जाग तुझको दूर जाना!

(i) उपर्युक्त पद्यांश का संदर्भ लिखिए।


Question 27:

पद्यांश: बाँध लेंगे क्या तुझे यह मोम के बंधन सजीले?
पंथ की बाधा बनेंगे तितलियों के पर रंगीले?
विश्व का क्रंदन भुला देगी मधुप की मधुर गुनगुन,
क्या डुबो देंगे तुझे यह फूल के दल ओस-गीले?
तू न अपनी छाँह को अपने लिए कारा बनाना!
जाग तुझको दूर जाना!

(ii) रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए।


Question 28:

पद्यांश: बाँध लेंगे क्या तुझे यह मोम के बंधन सजीले?
पंथ की बाधा बनेंगे तितलियों के पर रंगीले?
विश्व का क्रंदन भुला देगी मधुप की मधुर गुनगुन,
क्या डुबो देंगे तुझे यह फूल के दल ओस-गीले?
तू न अपनी छाँह को अपने लिए कारा बनाना!
जाग तुझको दूर जाना!

(iii) कवयित्री अपने प्रिय को प्रेरित करते हुए क्या कहती हैं?


Question 29:

पद्यांश: बाँध लेंगे क्या तुझे यह मोम के बंधन सजीले?
पंथ की बाधा बनेंगे तितलियों के पर रंगीले?
विश्व का क्रंदन भुला देगी मधुप की मधुर गुनगुन,
क्या डुबो देंगे तुझे यह फूल के दल ओस-गीले?
तू न अपनी छाँह को अपने लिए कारा बनाना!
जाग तुझको दूर जाना!

(iv) 'बाँध लेंगे क्या तुझे यह मोम के बंधन सजीले' पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए।


Question 30:

पद्यांश: बाँध लेंगे क्या तुझे यह मोम के बंधन सजीले?
पंथ की बाधा बनेंगे तितलियों के पर रंगीले?
विश्व का क्रंदन भुला देगी मधुप की मधुर गुनगुन,
क्या डुबो देंगे तुझे यह फूल के दल ओस-गीले?
तू न अपनी छाँह को अपने लिए कारा बनाना!
जाग तुझको दूर जाना!

(v) कवयित्री अपने प्राणों को उद्बोधित करती हुई क्या कहती हैं?


Question 31:

निम्नलिखित में से किसी एक लेखक का साहित्यिक परिचय देते हुए उनकी प्रमुख रचनाओं का उल्लेख कीजिए (अधिकतम शब्द सीमा 80 शब्द): प्रो० जी० सुंदर रेड्डी


Question 32:

निम्नलिखित में से किसी एक लेखक का साहित्यिक परिचय देते हुए उनकी प्रमुख रचनाओं का उल्लेख कीजिए (अधिकतम शब्द सीमा 80 शब्द): कन्हैयालाल मिश्र 'प्रभाकर'


Question 33:

निम्नलिखित में से किसी एक लेखक का साहित्यिक परिचय देते हुए उनकी प्रमुख रचनाओं का उल्लेख कीजिए (अधिकतम शब्द सीमा 80 शब्द): हरिशंकर परसाई


Question 34:

निम्नलिखित में से किसी एक कवि का साहित्यिक परिचय देते हुए उनकी प्रमुख कृतियों का उल्लेख कीजिए (अधिकतम शब्द सीमा 80 शब्द): मैथिलीशरण गुप्त


Question 35:

निम्नलिखित में से किसी एक कवि का साहित्यिक परिचय देते हुए उनकी प्रमुख कृतियों का उल्लेख कीजिए (अधिकतम शब्द सीमा 80 शब्द): सुमित्रानन्दन पन्त


Question 36:

निम्नलिखित में से किसी एक कवि का साहित्यिक परिचय देते हुए उनकी प्रमुख कृतियों का उल्लेख कीजिए (अधिकतम शब्द सीमा 80 शब्द): रामधारी सिंह 'दिनकर'


Question 37:

'ध्रुवयात्रा' कहानी के उद्देश्य पर प्रकाश डालिए। (अधिकतम शब्द सीमा 80 शब्द)


Question 38:

'लाटी' कहानी का कथासार अपने शब्दों में लिखिए। (अधिकतम शब्द सीमा 80 शब्द)


Question 39:

'मुक्तियज्ञ' खण्डकाव्य के नायक की चारित्रिक विशेषताओं का उल्लेख कीजिए। (अधिकतम शब्द सीमा 80 शब्द)


Question 40:

'मुक्तियज्ञ' खण्डकाव्य की कथावस्तु को संक्षेप में लिखिए। (अधिकतम शब्द सीमा 80 शब्द)


Question 41:

'रश्मिरथी' खण्डकाव्य की कथावस्तु को अपने शब्दों में लिखिए। (अधिकतम शब्द सीमा 80 शब्द)


Question 42:

'रश्मिरथी' खण्डकाव्य के नायक का चरित्रांकन कीजिए। (अधिकतम शब्द सीमा 80 शब्द)


Question 43:

'आलोकवृत्त' खण्डकाव्य की कथावस्तु लिखिए। (अधिकतम शब्द सीमा 80 शब्द)


Question 44:

'आलोकवृत्त' खण्डकाव्य के नायक का चरित्र-चित्रण कीजिए। (अधिकतम शब्द सीमा 80 शब्द)


Question 45:

'त्यागपथी' खण्डकाव्य के नायक का चरित्रांकन कीजिए। (अधिकतम शब्द सीमा 80 शब्द)


Question 46:

'त्यागपथी' खण्डकाव्य के किसी एक सर्ग की कथावस्तु लिखिए। (अधिकतम शब्द सीमा 80 शब्द)


Question 47:

'श्रवणकुमार' खण्डकाव्य के नायक की चारित्रिक विशेषताओं का उल्लेख कीजिए। (अधिकतम शब्द सीमा 80 शब्द)


Question 48:

'श्रवणकुमार' खण्डकाव्य की कथावस्तु लिखिए। (अधिकतम शब्द सीमा 80 शब्द)


Question 49:

'सत्य की जीत' खण्डकाव्य से सबसे प्रभावी व्यक्तित्व का चरित्रांकन कीजिए। (अधिकतम शब्द सीमा 80 शब्द)


Question 50:

'सत्य की जीत' खण्डकाव्य की कथावस्तु अपने शब्दों में वर्णित कीजिए। (अधिकतम शब्द सीमा 80 शब्द)


Question 51:

दिये गये संस्कृत गद्यांशों में से किसी एक का ससन्दर्भ हिन्दी में अनुवाद कीजिये:
संस्कृतस्य साहित्यं सरसं, व्याकरणञ्च सुनिश्चितम् । तस्य गद्ये पद्ये च लालित्यं, भावबोधसामर्थ्यम्, अद्वितीयं श्रुतिमाधुर्यञ्च वर्तते । किं बहुना चरित्रनिर्माणार्थं यादृशीं सत्प्रेरणां संस्कृतवाङ्मयं ददाति न तादृशीं किञ्चिदन्यत् । मूलभूतानां मानवीयगुणानां यादृशी विवेचना संस्कृतसाहित्ये वर्तते, नान्यत्र तादृशी ।


Question 52:

दिये गये संस्कृत गद्यांशों में से किसी एक का ससन्दर्भ हिन्दी में अनुवाद कीजिये:
अतीते प्रथमकल्पे जनाः एकमभिरूपं सौभाग्यप्राप्तं सर्वाकारपरिपूर्णं पुरुषं राजानमकुर्वन् । चतुष्पदा अपि सन्निपत्य एकं सिंहं राजानमकुर्वन् । ततः शकुनिगणाः हिमवत्प्रदेशे एकस्मिन् पाषाणे सन्निपत्य मनुष्येषु राजा प्रज्ञायते तथा चतुष्पदेषु च । अस्माकं पुनरन्तरे राजा नास्ति । अराजको वासो नाम न वर्तते । एको राजस्थाने स्थापयितव्यः इति उक्तवन्तः । अथ ते परस्परमवलोकयन्तः एकमुलूकं दृष्ट्वा 'अयं नो रोचते' इत्यवोचन् ।


Question 53:

दिये गये श्लोकों में से किसी एक का ससन्दर्भ हिन्दी में अनुवाद कीजिए:
जल-बिन्दु-निपातेन क्रमशः पूर्यते घटः ।
स हेतुः सर्वविद्यानां धर्मस्य च धनस्य च ॥


Question 54:

दिये गये श्लोकों में से किसी एक का ससन्दर्भ हिन्दी में अनुवाद कीजिए:
जयन्ति ते महाभागा जन-सेवा-परायणाः ।
जरामृत्युभयं नास्ति येषां कीर्तितनोः क्वचित् ॥


Question 55:

निम्नलिखित मुहावरों एवं लोकोक्तियों में से किसी एक का अर्थ लिखकर वाक्य में प्रयोग कीजिए: अक्ल के घोड़े दौड़ाना


Question 56:

निम्नलिखित मुहावरों एवं लोकोक्तियों में से किसी एक का अर्थ लिखकर वाक्य में प्रयोग कीजिए: बालू से तेल निकालना


Question 57:

निम्नलिखित मुहावरों एवं लोकोक्तियों में से किसी एक का अर्थ लिखकर वाक्य में प्रयोग कीजिए: अपना हाथ जगन्नाथ


Question 58:

निम्नलिखित मुहावरों एवं लोकोक्तियों में से किसी एक का अर्थ लिखकर वाक्य में प्रयोग कीजिए: आँख के अंधे नाम नयनसुख


Question 59:

अपठित गद्यांश: आधुनिक युग में योग का महत्व बढ़ गया है। इसके बढ़ने का कारण व्यस्तता और मन की व्यग्रता है। यदि मनुष्य शारीरिक रूप से स्वस्थ है, तो वह संसार में रहकर जीवन का सुख भोग सकता है और अपने सभी कर्तव्यों एवं मनोकामनाओं को पूर्ण कर सकता है। शरीर ही वह माध्यम है, जिसके द्वारा हम अपने सभी कामों को संपन्न कर सकते हैं। इसलिए अपने शरीर को स्वस्थ रखना हमारा प्रथम कर्तव्य है, जिसे योग द्वारा स्वस्थ बनाया जा सकता है। 21 जून, 2015 को प्रथम बार सम्पूर्ण विश्व में 'विश्व योग दिवस' मनाया गया। इसके साथ ही यह घोषणा भी की गई कि प्रत्येक वर्ष 21 जून को विश्व योग दिवस के रूप में मनाया जायेगा।

(i) हमारा प्रथम कर्तव्य क्या है?


Question 60:

अपठित गद्यांश: आधुनिक युग में योग का महत्व बढ़ गया है। इसके बढ़ने का कारण व्यस्तता और मन की व्यग्रता है। यदि मनुष्य शारीरिक रूप से स्वस्थ है, तो वह संसार में रहकर जीवन का सुख भोग सकता है और अपने सभी कर्तव्यों एवं मनोकामनाओं को पूर्ण कर सकता है। शरीर ही वह माध्यम है, जिसके द्वारा हम अपने सभी कामों को संपन्न कर सकते हैं। इसलिए अपने शरीर को स्वस्थ रखना हमारा प्रथम कर्तव्य है, जिसे योग द्वारा स्वस्थ बनाया जा सकता है। 21 जून, 2015 को प्रथम बार सम्पूर्ण विश्व में 'विश्व योग दिवस' मनाया गया। इसके साथ ही यह घोषणा भी की गई कि प्रत्येक वर्ष 21 जून को विश्व योग दिवस के रूप में मनाया जायेगा।

(ii) शरीर का स्वस्थ रहना क्यों आवश्यक है?


Question 61:

अपठित गद्यांश: आधुनिक युग में योग का महत्व बढ़ गया है। इसके बढ़ने का कारण व्यस्तता और मन की व्यग्रता है। यदि मनुष्य शारीरिक रूप से स्वस्थ है, तो वह संसार में रहकर जीवन का सुख भोग सकता है और अपने सभी कर्तव्यों एवं मनोकामनाओं को पूर्ण कर सकता है। शरीर ही वह माध्यम है, जिसके द्वारा हम अपने सभी कामों को संपन्न कर सकते हैं। इसलिए अपने शरीर को स्वस्थ रखना हमारा प्रथम कर्तव्य है, जिसे योग द्वारा स्वस्थ बनाया जा सकता है। 21 जून, 2015 को प्रथम बार सम्पूर्ण विश्व में 'विश्व योग दिवस' मनाया गया। इसके साथ ही यह घोषणा भी की गई कि प्रत्येक वर्ष 21 जून को विश्व योग दिवस के रूप में मनाया जायेगा।

(iii) आधुनिक युग में योग का महत्व क्यों बढ़ा है? स्पष्ट कीजिए।


Question 62:

अपठित गद्यांश: बाढ़ की विभीषिका का दृश्य बहुत भयानक होता है। चारों ओर अफ़रा-तफ़री का माहौल होता है। लोग अपनी जान बचाने का विफल प्रयास करते नज़र आते हैं। जल-प्रवाह तेज़ होने या नदियों के तटबंध टूटने से आई बाढ़ में लोगों को अपनी जान बचाने का भी मौका नहीं मिलता। मिट्टी तथा खपरैल से बने घर, ताश के पत्तों की तरह बाढ़ के पानी में बहते नज़र आते हैं। लोग जान बचाने के लिए ऊँचे स्थानों की शरण लेते नज़र आते हैं। ऐसी विपदा की स्थिति में नदी में जान बचाने के लिए तैरते साँप दुःख एवं भय को और बढ़ा देते हैं। सरकार द्वारा लोगों को बचाने के लिए नावों एवं हेलीकॉप्टरों से उन तक खाद्य सामग्री पहुँचाने का प्रबंध भी किया जाता है।

(i) बाढ़ की विभीषिका का दृश्य कैसा होता है?


Question 63:

अपठित गद्यांश: बाढ़ की विभीषिका का दृश्य बहुत भयानक होता है। चारों ओर अफ़रा-तफ़री का माहौल होता है। लोग अपनी जान बचाने का विफल प्रयास करते नज़र आते हैं। जल-प्रवाह तेज़ होने या नदियों के तटबंध टूटने से आई बाढ़ में लोगों को अपनी जान बचाने का भी मौका नहीं मिलता। मिट्टी तथा खपरैल से बने घर, ताश के पत्तों की तरह बाढ़ के पानी में बहते नज़र आते हैं। लोग जान बचाने के लिए ऊँचे स्थानों की शरण लेते नज़र आते हैं। ऐसी विपदा की स्थिति में नदी में जान बचाने के लिए तैरते साँप दुःख एवं भय को और बढ़ा देते हैं। सरकार द्वारा लोगों को बचाने के लिए नावों एवं हेलीकॉप्टरों से उन तक खाद्य सामग्री पहुँचाने का प्रबंध भी किया जाता है।

(ii) जल-प्रवाह तेज़ होने से क्या प्रभाव पड़ता है?


Question 64:

अपठित गद्यांश: बाढ़ की विभीषिका का दृश्य बहुत भयानक होता है। चारों ओर अफ़रा-तफ़री का माहौल होता है। लोग अपनी जान बचाने का विफल प्रयास करते नज़र आते हैं। जल-प्रवाह तेज़ होने या नदियों के तटबंध टूटने से आई बाढ़ में लोगों को अपनी जान बचाने का भी मौका नहीं मिलता। मिट्टी तथा खपरैल से बने घर, ताश के पत्तों की तरह बाढ़ के पानी में बहते नज़र आते हैं। लोग जान बचाने के लिए ऊँचे स्थानों की शरण लेते नज़र आते हैं। ऐसी विपदा की स्थिति में नदी में जान बचाने के लिए तैरते साँप दुःख एवं भय को और बढ़ा देते हैं। सरकार द्वारा लोगों को बचाने के लिए नावों एवं हेलीकॉप्टरों से उन तक खाद्य सामग्री पहुँचाने का प्रबंध भी किया जाता है।

(iii) सरकार द्वारा लोगों की जान बचाने के लिए क्या किया जाता है?


Question 65:

निम्नलिखित शब्द-युग्मों का सही अर्थ चयन करके लिखिए: अवलंब-अविलंब -

  • (A) लगातार और सुंदर
  • (B) सहारा और शीघ्र
  • (C) शीघ्र और सहारा
  • (D) सुंदर और लगातार

Question 66:

निम्नलिखित शब्द-युग्मों का सही अर्थ चयन करके लिखिए: भवन-भुवन -

  • (A) घर और संसार
  • (B) संसार और घर
  • (C) महल और संसार
  • (D) संसार और महल

Question 67:

निम्नलिखित शब्दों में से किसी एक शब्द के दो सही अर्थ लिखिए: पद


Question 68:

निम्नलिखित शब्दों में से किसी एक शब्द के दो सही अर्थ लिखिए: विधि


Question 69:

निम्नलिखित शब्दों में से किसी एक शब्द के दो सही अर्थ लिखिए: नीरज


Question 70:

निम्नलिखित शब्दों में से किसी एक शब्द के दो सही अर्थ लिखिए: अंश


Question 71:

निम्नलिखित वाक्यांशों के लिए एक सही शब्द का चयन करके लिखिए: सौ वर्ष का समय -

  • (A) सैकड़ा
  • (B) आकड़ा
  • (C) शताब्दी
  • (D) संवत्

Question 72:

निम्नलिखित वाक्यांशों के लिए एक सही शब्द का चयन करके लिखिए: अधिक बोलने वाला -

  • (A) वाचाल
  • (B) वादी
  • (C) मिष्टभाषी
  • (D) बहुज्ञ

Question 73:

निम्नलिखित में से किन्हीं दो वाक्यों को शुद्ध करके लिखिए: यह अनुदित रचना है।


Question 74:

निम्नलिखित में से किन्हीं दो वाक्यों को शुद्ध करके लिखिए: आपका आर्शीवाद चाहिए।


Question 75:

निम्नलिखित में से किन्हीं दो वाक्यों को शुद्ध करके लिखिए: पक्षी पेड़ में हैं।


Question 76:

निम्नलिखित में से किन्हीं दो वाक्यों को शुद्ध करके लिखिए: तुम मेरे को पुस्तक दे दो।


Question 77:

'करुण रस' अथवा 'शृंगार रस' का लक्षण और उदाहरण लिखिए।


Question 78:

'भ्रान्तिमान' अलंकार अथवा 'अनुप्रास' अलंकार का लक्षण और उदाहरण लिखिए।


Question 79:

'दोहा' छन्द अथवा 'कुंडलिया' छन्द का लक्षण और एक उदाहरण लिखिए।


Question 80:

बैंक के शाखा-प्रबन्धक को स्वरोजगार हेतु ऋण की माँग करते हुए आवेदन-पत्र लिखिए।


Question 81:

अपने मुहल्ले की समुचित सफाई हेतु नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी को एक पत्र लिखिए।


Question 82:

निम्नलिखित विषयों में से किसी एक विषय पर अपनी भाषा-शैली में निबन्ध लिखिए: व्यावसायिक शिक्षा के विविध आयाम


Question 83:

निम्नलिखित विषयों में से किसी एक विषय पर अपनी भाषा-शैली में निबन्ध लिखिए: वर्तमान युवा : दशा और दिशा


Question 84:

निम्नलिखित विषयों में से किसी एक विषय पर अपनी भाषा-शैली में निबन्ध लिखिए: वसुधैव कुटुम्बकम्


Question 85:

निम्नलिखित विषयों में से किसी एक विषय पर अपनी भाषा-शैली में निबन्ध लिखिए: प्राकृतिक आपदाएँ और उनका प्रबन्धन


Question 86:

निम्नलिखित विषयों में से किसी एक विषय पर अपनी भाषा-शैली में निबन्ध लिखिए: पुस्तकालय का महत्व

UP Board Class 12 General Hindi 2026 Exam Pattern and Marking Scheme Explained

The Set 302 BH paper is written in Hindi and is split into two sections of 50 marks each. Every question is compulsory, but most of them carry an internal choice.

  • Total questions: 14 questions in two sections - Khand Ka (Q1 to Q7) and Khand Kha (Q8 to Q14)
  • Total marks: 100 - 50 marks in each section
  • Duration: 3 hours 15 minutes, with the first 15 minutes given for reading the question paper
  • Khand Ka (50 marks): 10 MCQs (Q1 and Q2), a prose and a poetry passage with 5 questions each (Q3 and Q4, 10 marks each), literary biography of a writer and a poet (Q5, 5 + 5 marks), a story question (Q6, 5 marks) and a khandkavya question (Q7, 5 marks)
  • Khand Kha (50 marks): Sanskrit passage and shloka translation (Q8, 7 + 7 marks), idiom or proverb (Q9, 2 marks), unseen passage (Q10, 5 marks), word knowledge (Q11, 8 marks), rasa, alankar and chhand (Q12, 6 marks), letter writing (Q13, 6 marks) and essay (Q14, 9 marks)
  • Word limits: literary biography, story and khandkavya answers are capped at 80 words

High-Weightage Sections in UP Board Class 12 General Hindi 2026 to Focus On First

Passage-based answers and the writing questions decided most of the marks in Set 302 BH.

  • Prose and poetry passages (Q3 and Q4): 20 of 100 marks - the prose passages came from Rashtra ka Swaroop (Vasudevsharan Agrawal) and Ashok ke Phool (Hazariprasad Dwivedi), and the poetry passages from Kamayani 'Shraddha' (Jaishankar Prasad) and 'Jaag Tujhko Door Jaana' (Mahadevi Verma)
  • Sanskrit translation (Q8): 14 of 100 marks - one Sanskrit prose passage and one shloka, each with 2 marks for the reference and 5 marks for the Hindi translation
  • Writing skills (Q13 and Q14): 15 of 100 marks - a 6-mark letter and a 9-mark essay; the essay topics were व्यावसायिक शिक्षा के विविध आयाम; वर्तमान युवा : दशा और दिशा; वसुधैव कुटुम्बकम्; प्राकृतिक आपदाएँ और उनका प्रबन्धन; पुस्तकालय का महत्व
  • MCQs on Hindi literature (Q1 and Q2): 10 of 100 marks - authors, works, literary periods and journals
  • Biographies, story and khandkavya (Q5 to Q7): 20 of 100 marks - writer and poet profiles, one story question and one khandkavya question

How to Use the UP Board General Hindi Question Paper for Practice

Treat this Set 302 BH paper as a timed mock before you check the solutions.

  • Attempt all 14 questions in 3 hours 15 minutes under exam conditions first
  • Practise both options of the choice questions, not just the one you would normally pick
  • Keep to the 80-word limit for the biography, story and khandkavya answers
  • Write the Sanskrit translations with the reference first, since each carries 2 of its 7 marks
  • Review each answer against the step-by-step solution PDF, not just the final answer

UP Board Class 12 General Hindi 2026 Question Paper FAQs

Ques. When was the UP Board Class 12 General Hindi 2026 exam conducted?

Ans. UPMSP conducted the UP Board Class 12 General Hindi 2026 exam on February 18, 2026, in the morning shift from 8:30 am to 11:45 am, during the intermediate exams that ran from February 18 to March 12, 2026. The official time table is on upmsp.edu.in.

Ques. How many questions are there in the UP Board Class 12 General Hindi 2026 paper, and is there any choice?

Ans. The paper has 14 questions worth 100 marks, and all are compulsory. Most of them offer an internal choice, such as an OR passage in Q3 and Q4, one of three authors or poets in Q5, one khandkavya out of six in Q7 and one of five essay topics in Q14.

Ques. What is the marking scheme for UP Board Class 12 General Hindi 2026?

Ans. Q1 and Q2 are MCQs of 1 mark each, Q3 and Q4 carry 10 marks each, Q5 carries 10 marks, Q6 and Q7 carry 5 marks each, Q8 carries 14 marks, Q9 carries 2 marks, Q10 carries 5 marks, Q11 carries 8 marks, Q12 and Q13 carry 6 marks each and Q14 carries 9 marks, for a total of 100 marks in 3 hours 15 minutes.

Ques. Which questions carried the highest weightage in UP Board Class 12 General Hindi 2026 Set 302 BH?

Ans. The two passage questions (Q3 and Q4) carried 20 marks, the Sanskrit translation (Q8) carried 14 marks and the letter and essay (Q13 and Q14) carried 15 marks together.

Ques. Where can I download the UP Board Class 12 General Hindi 2026 Set 302 BH question paper with solutions PDF for free?

Ans. You can download both the question paper and the full step-by-step solutions PDF for Set 302 BH from the table at the top of this page, for free.