The UP Board Class 12 General Hindi (Samanya Hindi) question paper with solutions (Set 302 BK) is available here for free download. UP Board Class 12 General Hindi 2026 was conducted by the Uttar Pradesh Madhyamik Shiksha Parishad (UPMSP) on February 18, 2026, as a 100-mark paper of 14 compulsory questions to be solved in 3 hours 15 minutes.

UP Board Class 12 General Hindi 2026 Question Paper with Solutions (Set 302 BK) Download PDF Check Solutions

UP Board Class 12 Hindi General 2026 (Set 302 BK) Questions with Solutions

Question 1:

हिन्दी साहित्य का इतिहास लिखने वाले निम्न में से प्रथम विद्वान् हैं

  • (A) आचार्य रामचन्द्र शुक्ल
  • (B) डॉ० हजारीप्रसाद द्विवेदी
  • (C) गार्सा द तासी और शिव सिंह सेंगर
  • (D) डॉ० नगेन्द्र

Question 2:

आचार्य रामचन्द्र शुक्ल की रचना है

  • (A) 'कादम्बरी'
  • (B) 'चिन्तामणि'
  • (C) 'तारापथ'
  • (D) 'कुटज'

Question 3:

'पंचपरमेश्वर' कहानी के लेखक हैं

  • (A) जयशंकर प्रसाद
  • (B) यशपाल
  • (C) मुंशी प्रेमचन्द
  • (D) अमरकान्त

Question 4:

'अंधेर-नगरी' किस विधा की रचना है?

  • (A) उपन्यास
  • (B) कहानी
  • (C) आत्मकथा
  • (D) नाटक

Question 5:

'गुनाहों का देवता' उपन्यास के रचनाकार हैं

  • (A) धर्मवीर भारती
  • (B) केदारनाथ सिंह
  • (C) प्रेमचन्द
  • (D) 'अज्ञेय'

Question 6:

कबीरदास भक्ति काल की किस शाखा से संबन्धित हैं?

  • (A) सगुण भक्तिधारा
  • (B) कृष्णमार्गी शाखा
  • (C) निर्गुण ज्ञानाश्रयी शाखा
  • (D) मुक्ति काव्य धारा

Question 7:

'नीरजा' किसकी रचना है?

  • (A) जयशंकर प्रसाद की
  • (B) सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला' की
  • (C) सुश्री महादेवी वर्मा की
  • (D) रामकुमार वर्मा की

Question 8:

'रीतिकाल' को किस विद्वान् ने 'कलाकाल' कहा है?

  • (A) आचार्य विश्वनाथ प्रसाद मिश्र
  • (B) डॉ० नगेन्द्र
  • (C) डॉ० रामशंकर शुक्ल 'रसाल'
  • (D) मिश्रबंधु

Question 9:

'परिमल' के रचनाकार हैं

  • (A) जयशंकर प्रसाद
  • (B) गजानन माधव मुक्तिबोध
  • (C) 'अज्ञेय'
  • (D) सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला'

Question 10:

'ग्राम्या' किसकी रचना है?

  • (A) महादेवी वर्मा की
  • (B) सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला' की
  • (C) सुमित्रानंदन पंत की
  • (D) भारतेन्दु हरिश्चन्द्र की

Question 11:

गद्यांश: पृथ्वी और आकाश के अंतराल में जो कुछ सामग्री भरी है, पृथ्वी के चारों ओर फैले हुए गंभीर सागर में जो जलचर एवं रत्नों की राशियाँ हैं, उन सबके प्रति चेतना और स्वागत के नये भाव राष्ट्र में फैलने चाहिए। राष्ट्र के नवयुवकों के हृदय में उन सबके प्रति जिज्ञासा की नयी किरणें जब तक नहीं फूटतीं तब तक हम सोये हुए के समान हैं।
विज्ञान और उद्यम दोनों को मिलाकर राष्ट्र के भौतिक स्वरूप का ठाट खड़ा करना है। यह कार्य प्रसन्नता, उत्साह, और अथक परिश्रम द्वारा नित्य आगे बढ़ाना चाहिए। हमारा यह ध्येय हो कि राष्ट्र में जितने हाथ हैं, उनमें से कोई भी इस कार्य में भाग लिये बिना रीता न रहे।

(i) उपर्युक्त गद्यांश का संदर्भ लिखिए।


Question 12:

गद्यांश: पृथ्वी और आकाश के अंतराल में जो कुछ सामग्री भरी है, पृथ्वी के चारों ओर फैले हुए गंभीर सागर में जो जलचर एवं रत्नों की राशियाँ हैं, उन सबके प्रति चेतना और स्वागत के नये भाव राष्ट्र में फैलने चाहिए। राष्ट्र के नवयुवकों के हृदय में उन सबके प्रति जिज्ञासा की नयी किरणें जब तक नहीं फूटतीं तब तक हम सोये हुए के समान हैं।
विज्ञान और उद्यम दोनों को मिलाकर राष्ट्र के भौतिक स्वरूप का ठाट खड़ा करना है। यह कार्य प्रसन्नता, उत्साह, और अथक परिश्रम द्वारा नित्य आगे बढ़ाना चाहिए। हमारा यह ध्येय हो कि राष्ट्र में जितने हाथ हैं, उनमें से कोई भी इस कार्य में भाग लिये बिना रीता न रहे।

(ii) रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए।


Question 13:

गद्यांश: पृथ्वी और आकाश के अंतराल में जो कुछ सामग्री भरी है, पृथ्वी के चारों ओर फैले हुए गंभीर सागर में जो जलचर एवं रत्नों की राशियाँ हैं, उन सबके प्रति चेतना और स्वागत के नये भाव राष्ट्र में फैलने चाहिए। राष्ट्र के नवयुवकों के हृदय में उन सबके प्रति जिज्ञासा की नयी किरणें जब तक नहीं फूटतीं तब तक हम सोये हुए के समान हैं।
विज्ञान और उद्यम दोनों को मिलाकर राष्ट्र के भौतिक स्वरूप का ठाट खड़ा करना है। यह कार्य प्रसन्नता, उत्साह, और अथक परिश्रम द्वारा नित्य आगे बढ़ाना चाहिए। हमारा यह ध्येय हो कि राष्ट्र में जितने हाथ हैं, उनमें से कोई भी इस कार्य में भाग लिये बिना रीता न रहे।

(iii) राष्ट्रीय चेतना में भौतिक ज्ञान-विज्ञान के महत्त्व को रेखांकित कीजिए।


Question 14:

गद्यांश: पृथ्वी और आकाश के अंतराल में जो कुछ सामग्री भरी है, पृथ्वी के चारों ओर फैले हुए गंभीर सागर में जो जलचर एवं रत्नों की राशियाँ हैं, उन सबके प्रति चेतना और स्वागत के नये भाव राष्ट्र में फैलने चाहिए। राष्ट्र के नवयुवकों के हृदय में उन सबके प्रति जिज्ञासा की नयी किरणें जब तक नहीं फूटतीं तब तक हम सोये हुए के समान हैं।
विज्ञान और उद्यम दोनों को मिलाकर राष्ट्र के भौतिक स्वरूप का ठाट खड़ा करना है। यह कार्य प्रसन्नता, उत्साह, और अथक परिश्रम द्वारा नित्य आगे बढ़ाना चाहिए। हमारा यह ध्येय हो कि राष्ट्र में जितने हाथ हैं, उनमें से कोई भी इस कार्य में भाग लिये बिना रीता न रहे।

(iv) लेखक ने राष्ट्र की सुप्त अवस्था कब तक स्वीकार की है?


Question 15:

गद्यांश: पृथ्वी और आकाश के अंतराल में जो कुछ सामग्री भरी है, पृथ्वी के चारों ओर फैले हुए गंभीर सागर में जो जलचर एवं रत्नों की राशियाँ हैं, उन सबके प्रति चेतना और स्वागत के नये भाव राष्ट्र में फैलने चाहिए। राष्ट्र के नवयुवकों के हृदय में उन सबके प्रति जिज्ञासा की नयी किरणें जब तक नहीं फूटतीं तब तक हम सोये हुए के समान हैं।
विज्ञान और उद्यम दोनों को मिलाकर राष्ट्र के भौतिक स्वरूप का ठाट खड़ा करना है। यह कार्य प्रसन्नता, उत्साह, और अथक परिश्रम द्वारा नित्य आगे बढ़ाना चाहिए। हमारा यह ध्येय हो कि राष्ट्र में जितने हाथ हैं, उनमें से कोई भी इस कार्य में भाग लिये बिना रीता न रहे।

(v) विज्ञान और श्रम के संयोग से राष्ट्र प्रगति के पथ पर कैसे अग्रसर हो सकता है?


Question 16:

गद्यांश: न्यूनतम में गुजारा करने और जीवन बिताने में भी कोई हर्ज नहीं है। महात्मा गाँधी ने ऐसा ही जीवन जिया था, लेकिन जैसा कि उनके साथ था, आपके मामले में भी यह आपकी पसंद पर निर्भर करता है। आपकी ऐसी जीवन-शैली इसलिये है क्योंकि इससे वे तमाम जरूरतें पूरी होती हैं जो आपके भीतर की गहराइयों से उपजी होती हैं। लेकिन त्याग की प्रतिमूर्ति बनना और जोर-जबरदस्ती से चुनना-सहने का गुणगान करना अलग बातें हैं।

(i) उपर्युक्त गद्यांश के पाठ और लेखक का नाम लिखिए।


Question 17:

गद्यांश: न्यूनतम में गुजारा करने और जीवन बिताने में भी कोई हर्ज नहीं है। महात्मा गाँधी ने ऐसा ही जीवन जिया था, लेकिन जैसा कि उनके साथ था, आपके मामले में भी यह आपकी पसंद पर निर्भर करता है। आपकी ऐसी जीवन-शैली इसलिये है क्योंकि इससे वे तमाम जरूरतें पूरी होती हैं जो आपके भीतर की गहराइयों से उपजी होती हैं। लेकिन त्याग की प्रतिमूर्ति बनना और जोर-जबरदस्ती से चुनना-सहने का गुणगान करना अलग बातें हैं।

(ii) रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए।


Question 18:

गद्यांश: न्यूनतम में गुजारा करने और जीवन बिताने में भी कोई हर्ज नहीं है। महात्मा गाँधी ने ऐसा ही जीवन जिया था, लेकिन जैसा कि उनके साथ था, आपके मामले में भी यह आपकी पसंद पर निर्भर करता है। आपकी ऐसी जीवन-शैली इसलिये है क्योंकि इससे वे तमाम जरूरतें पूरी होती हैं जो आपके भीतर की गहराइयों से उपजी होती हैं। लेकिन त्याग की प्रतिमूर्ति बनना और जोर-जबरदस्ती से चुनना-सहने का गुणगान करना अलग बातें हैं।

(iii) मनुष्य को सदैव किस प्रकार की जीवन शैली अपनानी चाहिए?


Question 19:

गद्यांश: न्यूनतम में गुजारा करने और जीवन बिताने में भी कोई हर्ज नहीं है। महात्मा गाँधी ने ऐसा ही जीवन जिया था, लेकिन जैसा कि उनके साथ था, आपके मामले में भी यह आपकी पसंद पर निर्भर करता है। आपकी ऐसी जीवन-शैली इसलिये है क्योंकि इससे वे तमाम जरूरतें पूरी होती हैं जो आपके भीतर की गहराइयों से उपजी होती हैं। लेकिन त्याग की प्रतिमूर्ति बनना और जोर-जबरदस्ती से चुनना-सहने का गुणगान करना अलग बातें हैं।

(iv) लेखक के अनुसार किस प्रकार का जीवन व्यतीत करने में परेशानी नहीं है?


Question 20:

गद्यांश: न्यूनतम में गुजारा करने और जीवन बिताने में भी कोई हर्ज नहीं है। महात्मा गाँधी ने ऐसा ही जीवन जिया था, लेकिन जैसा कि उनके साथ था, आपके मामले में भी यह आपकी पसंद पर निर्भर करता है। आपकी ऐसी जीवन-शैली इसलिये है क्योंकि इससे वे तमाम जरूरतें पूरी होती हैं जो आपके भीतर की गहराइयों से उपजी होती हैं। लेकिन त्याग की प्रतिमूर्ति बनना और जोर-जबरदस्ती से चुनना-सहने का गुणगान करना अलग बातें हैं।

(v) लेखक किसे एक दूसरे का विरोधी नहीं मानते हैं?


Question 21:

पद्यांश: कोई प्यारा कुसुम कुम्हला गेह में जो पड़ा हो
तो प्यारे के चरण पर ला डाल देना उसी को
यों देना ऐ पवन बतला फूल सी एक बाला
म्लान हो हो कमल-पग को चूमना चाहती है।

(i) उपर्युक्त पद्यांश का सन्दर्भ लिखिए।


Question 22:

पद्यांश: कोई प्यारा कुसुम कुम्हला गेह में जो पड़ा हो
तो प्यारे के चरण पर ला डाल देना उसी को
यों देना ऐ पवन बतला फूल सी एक बाला
म्लान हो हो कमल-पग को चूमना चाहती है।

(ii) प्रस्तुत पद्यांश में राधा ने अपनी तुलना किससे की है?


Question 23:

पद्यांश: कोई प्यारा कुसुम कुम्हला गेह में जो पड़ा हो
तो प्यारे के चरण पर ला डाल देना उसी को
यों देना ऐ पवन बतला फूल सी एक बाला
म्लान हो हो कमल-पग को चूमना चाहती है।

(iii) रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए।


Question 24:

पद्यांश: कोई प्यारा कुसुम कुम्हला गेह में जो पड़ा हो
तो प्यारे के चरण पर ला डाल देना उसी को
यों देना ऐ पवन बतला फूल सी एक बाला
म्लान हो हो कमल-पग को चूमना चाहती है।

(iv) श्रीकृष्ण के कमलवत चरणों को कौन चूमना चाहता है?


Question 25:

पद्यांश: कोई प्यारा कुसुम कुम्हला गेह में जो पड़ा हो
तो प्यारे के चरण पर ला डाल देना उसी को
यों देना ऐ पवन बतला फूल सी एक बाला
म्लान हो हो कमल-पग को चूमना चाहती है।

(v) राधा पवन-दूतिका से मुरझाए हुए पुष्प के माध्यम से क्या संदेश देना चाहती है?


Question 26:

पद्यांश: मैं नीर भरी दुःख की बदली।
स्पंदन में चिर निस्पंद बसा
क्रंदन में आहत विश्व हँसा
नयनों में दीपक से जलते
पलकों में निर्झरिणी मचली।

(i) उपर्युक्त पद्यांश का संदर्भ लिखिए।


Question 27:

पद्यांश: मैं नीर भरी दुःख की बदली।
स्पंदन में चिर निस्पंद बसा
क्रंदन में आहत विश्व हँसा
नयनों में दीपक से जलते
पलकों में निर्झरिणी मचली।

(ii) रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए।


Question 28:

पद्यांश: मैं नीर भरी दुःख की बदली।
स्पंदन में चिर निस्पंद बसा
क्रंदन में आहत विश्व हँसा
नयनों में दीपक से जलते
पलकों में निर्झरिणी मचली।

(iii) 'नयनों में दीपक से जलते' में कौन सा अलंकार प्रयुक्त हुआ है?


Question 29:

पद्यांश: मैं नीर भरी दुःख की बदली।
स्पंदन में चिर निस्पंद बसा
क्रंदन में आहत विश्व हँसा
नयनों में दीपक से जलते
पलकों में निर्झरिणी मचली।

(iv) कवयित्री के निरंतर रुदन का क्या कारण है?


Question 30:

पद्यांश: मैं नीर भरी दुःख की बदली।
स्पंदन में चिर निस्पंद बसा
क्रंदन में आहत विश्व हँसा
नयनों में दीपक से जलते
पलकों में निर्झरिणी मचली।

(v) उपर्युक्त पद्यांश में कवयित्री ने स्वयं को क्या बताया है?


Question 31:

निम्नलिखित में से किसी एक लेखक का साहित्यिक परिचय देते हुए उनकी प्रमुख रचनाओं का उल्लेख कीजिए (अधिकतम शब्द सीमा 80 शब्द): हरिशंकर परसाई


Question 32:

निम्नलिखित में से किसी एक लेखक का साहित्यिक परिचय देते हुए उनकी प्रमुख रचनाओं का उल्लेख कीजिए (अधिकतम शब्द सीमा 80 शब्द): कन्हैयालाल मिश्र 'प्रभाकर'


Question 33:

निम्नलिखित में से किसी एक लेखक का साहित्यिक परिचय देते हुए उनकी प्रमुख रचनाओं का उल्लेख कीजिए (अधिकतम शब्द सीमा 80 शब्द): डॉ० ए०पी०जे० अब्दुल कलाम


Question 34:

निम्नलिखित में से किसी एक कवि का साहित्यिक परिचय देते हुए उनकी प्रमुख रचनाओं का उल्लेख कीजिए (अधिकतम शब्द सीमा 80 शब्द): अयोध्या सिंह उपाध्याय 'हरिऔध'


Question 35:

निम्नलिखित में से किसी एक कवि का साहित्यिक परिचय देते हुए उनकी प्रमुख रचनाओं का उल्लेख कीजिए (अधिकतम शब्द सीमा 80 शब्द): सुमित्रानंदन पंत


Question 36:

निम्नलिखित में से किसी एक कवि का साहित्यिक परिचय देते हुए उनकी प्रमुख रचनाओं का उल्लेख कीजिए (अधिकतम शब्द सीमा 80 शब्द): महादेवी वर्मा


Question 37:

'पंचलाइट' अथवा 'ध्रुवयात्रा' कहानी के उद्देश्य पर प्रकाश डालिए। (अधिकतम शब्द सीमा 80 शब्द)


Question 38:

'बहादुर' अथवा 'लाटी' कहानी का सारांश लिखिए। (अधिकतम शब्द सीमा 80 शब्द)


Question 39:

'मुक्तियज्ञ' खण्डकाव्य की कथावस्तु लिखिए। (अधिकतम शब्द सीमा 80 शब्द)


Question 40:

'मुक्तियज्ञ' खण्डकाव्य के आधार पर 'गाँधीजी' का चरित्र-चित्रण कीजिए। (अधिकतम शब्द सीमा 80 शब्द)


Question 41:

'रश्मिरथी' खण्डकाव्य के नायक का चरित्र-चित्रण कीजिए। (अधिकतम शब्द सीमा 80 शब्द)


Question 42:

'रश्मिरथी' खण्डकाव्य की कथावस्तु को संक्षेप में लिखिए। (अधिकतम शब्द सीमा 80 शब्द)


Question 43:

'आलोकवृत्त' खण्डकाव्य के नायक की चारित्रिक विशेषताओं का उल्लेख कीजिए। (अधिकतम शब्द सीमा 80 शब्द)


Question 44:

'आलोकवृत्त' खण्डकाव्य की कथावस्तु को अपने शब्दों में लिखिये। (अधिकतम शब्द सीमा 80 शब्द)


Question 45:

'त्यागपथी' खण्डकाव्य के आधार पर 'राज्यश्री' का चरित्र-चित्रण कीजिए। (अधिकतम शब्द सीमा 80 शब्द)


Question 46:

'त्यागपथी' खण्डकाव्य के चतुर्थ सर्ग का कथानक लिखिए। (अधिकतम शब्द सीमा 80 शब्द)


Question 47:

'श्रवणकुमार' खण्डकाव्य के आधार पर 'दशरथ' का चरित्र-चित्रण कीजिए। (अधिकतम शब्द सीमा 80 शब्द)


Question 48:

'श्रवणकुमार' खण्डकाव्य के संदेश सर्ग की कथावस्तु संक्षेप में लिखिए। (अधिकतम शब्द सीमा 80 शब्द)


Question 49:

'सत्य की जीत' खण्डकाव्य के आधार पर 'द्रौपदी' का चरित्र-चित्रण कीजिए। (अधिकतम शब्द सीमा 80 शब्द)


Question 50:

'सत्य की जीत' खण्डकाव्य का कथानक संक्षेप में लिखिए। (अधिकतम शब्द सीमा 80 शब्द)


Question 51:

दिये गये संस्कृत गद्यांशों में से किसी एक का ससन्दर्भ हिन्दी में अनुवाद कीजिये:
संस्कृतसाहित्यस्य आदिकविः वाल्मीकिः, महर्षिव्यासः, कविकुलगुरुः कालिदासः अन्ये च भास-भारवि-भवभूत्यादयो महाकवयः स्वकीयैः ग्रन्थरत्नैः अद्यापि पाठकानां हृदि विराजन्ते । इयं भाषा अस्माभिः मातृसमं सम्माननीया वन्दनीया च यतो भारतमातुः स्वातन्त्र्यं गौरवम् अखण्डत्वं सांस्कृतिकमेकत्वञ्च संस्कृतेनैव सुरक्षितुं शक्यन्ते । इयं संस्कृत भाषा सर्वासुभाषासु प्राचीनतमा श्रेष्ठा चास्ति । ततः सुष्ठूक्तम् भाषासु मुख्या मधुरा दिव्या गिर्वाणभारती इति ।


Question 52:

दिये गये संस्कृत गद्यांशों में से किसी एक का ससन्दर्भ हिन्दी में अनुवाद कीजिये:
अथैकः शकुनिः सर्वेषां मध्यादाशयग्रहणार्थं त्रिकृत्वः अश्रावयत् । ततः एकः काकः उत्थाय तिष्ठ तावत्, अस्य एतस्मिन् राज्याभिषेक काले एवं रूपं मुखम् क्रुद्धस्य च कीदृशं भविष्यति ? अनेन हि क्रुद्धेन अवलोकिताः वयं तप्तकटाहे प्रक्षिप्ततिलाः इव तत्र तत्रैव धक्ष्यामः । ईदृशो राजा मह्यं न रोचते इत्याह - न मे रोचते भद्रं व उलूकस्याभिषेचनम् । अक्रुद्धस्य मुखं पश्य कथं क्रुद्धो भविष्यति ॥


Question 53:

दिये गये श्लोकों में से किसी एक का ससन्दर्भ हिन्दी में अनुवाद कीजिए:
विद्या विवादाय धनं मदाय शक्तिः परेषां परिपीडनाय ।
खलस्य साधोः विपरीतमेतज्ज्ञानाय दानाय च रक्षणाय ॥


Question 54:

दिये गये श्लोकों में से किसी एक का ससन्दर्भ हिन्दी में अनुवाद कीजिए:
न चौरहार्यं न राजहार्यं न भ्रातृभाज्यं न च भारकारि ।
व्यये कृते वर्धत एव नित्यं विद्या धनं सर्वधनप्रधानम् ॥


Question 55:

निम्नलिखित मुहावरों और लोकोक्तियों में से किसी एक का अर्थ लिखकर वाक्य में प्रयोग कीजिए: नाच न आवै आँगन टेढ़ा


Question 56:

निम्नलिखित मुहावरों और लोकोक्तियों में से किसी एक का अर्थ लिखकर वाक्य में प्रयोग कीजिए: नौ दो ग्यारह होना


Question 57:

निम्नलिखित मुहावरों और लोकोक्तियों में से किसी एक का अर्थ लिखकर वाक्य में प्रयोग कीजिए: आँख दिखाना


Question 58:

अपठित गद्यांश: इच्छाएं नाना हैं और नाना विधि हैं और वे उसे प्रवृत्त रखती हैं। उस प्रवृत्ति से वह रह-रहकर थक जाता है और निवृत्ति चाहता है। यह प्रवृत्ति और निवृत्ति का चक्र उसको द्वन्द्व से थका मारता है। इस संसार को वह अभी राग-भाव से चाहता है कि अगले क्षण उतने ही भाव-विराग से वह उसका विनाश चाहता है। पर राग-द्वेष की वासनाओं से अंत में झुंझलाइट ही उसे हाथ आती है।

(i) प्रवृत्ति और निवृत्ति के चक्र में फँसा मनुष्य क्यों रुक जाता है?


Question 59:

अपठित गद्यांश: इच्छाएं नाना हैं और नाना विधि हैं और वे उसे प्रवृत्त रखती हैं। उस प्रवृत्ति से वह रह-रहकर थक जाता है और निवृत्ति चाहता है। यह प्रवृत्ति और निवृत्ति का चक्र उसको द्वन्द्व से थका मारता है। इस संसार को वह अभी राग-भाव से चाहता है कि अगले क्षण उतने ही भाव-विराग से वह उसका विनाश चाहता है। पर राग-द्वेष की वासनाओं से अंत में झुंझलाइट ही उसे हाथ आती है।

(ii) प्रेम और ईर्ष्या की वासनाओं में पड़कर मनुष्य की स्थिति कैसी हो जाती है?


Question 60:

अपठित गद्यांश: इच्छाएं नाना हैं और नाना विधि हैं और वे उसे प्रवृत्त रखती हैं। उस प्रवृत्ति से वह रह-रहकर थक जाता है और निवृत्ति चाहता है। यह प्रवृत्ति और निवृत्ति का चक्र उसको द्वन्द्व से थका मारता है। इस संसार को वह अभी राग-भाव से चाहता है कि अगले क्षण उतने ही भाव-विराग से वह उसका विनाश चाहता है। पर राग-द्वेष की वासनाओं से अंत में झुंझलाइट ही उसे हाथ आती है।

(iii) व्यक्ति को जीवन में कौन-सा द्वन्द्व थका देता है?


Question 61:

अपठित गद्यांश: आज के अनेक आर्थिक और सामाजिक विधानों की हम जाँच करें तो पता चलेगा कि वे हमारी सांस्कृतिक चेतना के क्षीण होने के कारण युगानुकूल परिवर्तन की कमी से बनी हुई रूढ़ियों के साथ संघर्ष की परिस्थिति से उत्पन्न माँग को पूरा करने के लिये अपनाये गये उपाय या अन्य द्वारा थोपी गई या उनका अनुकरण का स्वीकार की गई व्यवस्थाएँ मात्र है। भारतीय संस्कृति के नाम पर उन्हें जिन्दा रखा जा सकता है।

(i) युगानुरूप परिवर्तन एवं विकास न होने का क्या कारण है?


Question 62:

अपठित गद्यांश: आज के अनेक आर्थिक और सामाजिक विधानों की हम जाँच करें तो पता चलेगा कि वे हमारी सांस्कृतिक चेतना के क्षीण होने के कारण युगानुकूल परिवर्तन की कमी से बनी हुई रूढ़ियों के साथ संघर्ष की परिस्थिति से उत्पन्न माँग को पूरा करने के लिये अपनाये गये उपाय या अन्य द्वारा थोपी गई या उनका अनुकरण का स्वीकार की गई व्यवस्थाएँ मात्र है। भारतीय संस्कृति के नाम पर उन्हें जिन्दा रखा जा सकता है।

(ii) भारतीय सांस्कृतिक चेतना के कमजोर होने का मुख्य कारण क्या है?


Question 63:

अपठित गद्यांश: आज के अनेक आर्थिक और सामाजिक विधानों की हम जाँच करें तो पता चलेगा कि वे हमारी सांस्कृतिक चेतना के क्षीण होने के कारण युगानुकूल परिवर्तन की कमी से बनी हुई रूढ़ियों के साथ संघर्ष की परिस्थिति से उत्पन्न माँग को पूरा करने के लिये अपनाये गये उपाय या अन्य द्वारा थोपी गई या उनका अनुकरण का स्वीकार की गई व्यवस्थाएँ मात्र है। भारतीय संस्कृति के नाम पर उन्हें जिन्दा रखा जा सकता है।

(iii) 'परिस्थिति' एवं 'सांस्कृतिक' शब्दों का भाव स्पष्ट कीजिए।


Question 64:

निम्नलिखित शब्द-युग्मों का सही अर्थ चयन करके लिखिए: तुरंग-तरंग -

  • (A) हाथी और घोड़ा
  • (B) घोड़ा और लहर
  • (C) कर्कश और ध्वनि
  • (D) विष और हलचल

Question 65:

निम्नलिखित शब्द-युग्मों का सही अर्थ चयन करके लिखिए: कंगाल-कंकाल -

  • (A) पक्षी और मृत शरीर
  • (B) हड्डी और कंगन
  • (C) निर्धन और अस्थिपंजर
  • (D) स्वरूप और भूखा

Question 66:

निम्नलिखित शब्दों में से किसी एक शब्द के दो सही अर्थ लिखिए: मंगल


Question 67:

निम्नलिखित शब्दों में से किसी एक शब्द के दो सही अर्थ लिखिए: मित्र


Question 68:

निम्नलिखित शब्दों में से किसी एक शब्द के दो सही अर्थ लिखिए: विधि


Question 69:

निम्नलिखित शब्दों में से किसी एक शब्द के दो सही अर्थ लिखिए: द्विज


Question 70:

निम्नलिखित वाक्यांशों के लिए एक सही शब्द का चयन करके लिखिए: ईश्वर में विश्वास करने वाला -

  • (A) पुजारी
  • (B) संन्यासी
  • (C) आस्तिक
  • (D) कर्मठ

Question 71:

निम्नलिखित वाक्यांशों के लिए एक सही शब्द का चयन करके लिखिए: जो सब कुछ जानता हो -

  • (A) ज्ञाता
  • (B) विद्वान्
  • (C) सर्वज्ञ
  • (D) नीतिज्ञ

Question 72:

निम्नलिखित में से किन्हीं दो वाक्यों को शुद्ध करके लिखिए: आपका आर्शीवाद चाहिए।


Question 73:

निम्नलिखित में से किन्हीं दो वाक्यों को शुद्ध करके लिखिए: चाचाजी की दशा सोचनीय है।


Question 74:

निम्नलिखित में से किन्हीं दो वाक्यों को शुद्ध करके लिखिए: मोहन मेरा कनिष्ठ भ्राता है।


Question 75:

निम्नलिखित में से किन्हीं दो वाक्यों को शुद्ध करके लिखिए: राम की पितार्भक्ति अनुकरणीय है।


Question 76:

'शांत' रस अथवा 'हास्य' रस का लक्षण सहित एक उदाहरण लिखिए।


Question 77:

'उपमा' अलंकार अथवा 'संदेह' अलंकार का लक्षण एवं एक उदाहरण लिखिए।


Question 78:

'चौपाई' छन्द अथवा 'सोरठा' छन्द का लक्षण एवं उदाहरण लिखिए।


Question 79:

दैनिक समाचार पत्र में प्रकाशित विज्ञापन के आधार पर संबन्धित कॉलेज में 'कम्प्यूटर ऑपरेटर' के पद पर नियुक्ति हेतु उस कॉलेज के प्रबन्धक को आवेदन पत्र लिखिये जिसमें अपनी शैक्षिक योग्यता का भी उल्लेख हो।


Question 80:

अपने गाँव में फर्जी राशन कार्डों की जाँच हेतु जिला पूर्ति अधिकारी को एक शिकायती पत्र लिखिए।


Question 81:

निम्नलिखित विषयों में से किसी एक विषय पर अपनी भाषा-शैली में निबन्ध लिखिए: नयी शिक्षा नीति 2020 की विशेषताएँ


Question 82:

निम्नलिखित विषयों में से किसी एक विषय पर अपनी भाषा-शैली में निबन्ध लिखिए: आतंकवाद की समस्या और समाधान


Question 83:

निम्नलिखित विषयों में से किसी एक विषय पर अपनी भाषा-शैली में निबन्ध लिखिए: बेरोजगारी की समस्या और समाधान


Question 84:

निम्नलिखित विषयों में से किसी एक विषय पर अपनी भाषा-शैली में निबन्ध लिखिए: पर्यावरण संरक्षण का महत्त्व


Question 85:

निम्नलिखित विषयों में से किसी एक विषय पर अपनी भाषा-शैली में निबन्ध लिखिए: जीवन में वृक्षारोपण का महत्त्व

UP Board Class 12 General Hindi 2026 Exam Pattern and Marking Scheme Explained

The Set 302 BK paper is written in Hindi and is split into two sections of 50 marks each. Every question is compulsory, but most of them carry an internal choice.

  • Total questions: 14 questions in two sections - Khand Ka (Q1 to Q7) and Khand Kha (Q8 to Q14)
  • Total marks: 100 - 50 marks in each section
  • Duration: 3 hours 15 minutes, with the first 15 minutes given for reading the question paper
  • Khand Ka (50 marks): 10 MCQs (Q1 and Q2), a prose and a poetry passage with 5 questions each (Q3 and Q4, 10 marks each), literary biography of a writer and a poet (Q5, 5 + 5 marks), a story question (Q6, 5 marks) and a khandkavya question (Q7, 5 marks)
  • Khand Kha (50 marks): Sanskrit passage and shloka translation (Q8, 7 + 7 marks), idiom or proverb (Q9, 2 marks), unseen passage (Q10, 5 marks), word knowledge (Q11, 8 marks), rasa, alankar and chhand (Q12, 6 marks), letter writing (Q13, 6 marks) and essay (Q14, 9 marks)
  • Word limits: literary biography, story and khandkavya answers are capped at 80 words

High-Weightage Sections in UP Board Class 12 General Hindi 2026 to Focus On First

Passage-based answers and the writing questions decided most of the marks in Set 302 BK.

  • Prose and poetry passages (Q3 and Q4): 20 of 100 marks - the prose passages came from Rashtra ka Swaroop (Vasudevsharan Agrawal) and Ham aur Hamara Adarsh (A. P. J. Abdul Kalam), and the poetry passages from Priya Pravas (Ayodhya Singh Upadhyay 'Hariaudh') and 'Main Neer Bhari Dukh ki Badli' (Mahadevi Verma)
  • Sanskrit translation (Q8): 14 of 100 marks - one Sanskrit prose passage and one shloka, each with 2 marks for the reference and 5 marks for the Hindi translation
  • Writing skills (Q13 and Q14): 15 of 100 marks - a 6-mark letter and a 9-mark essay; the essay topics were नयी शिक्षा नीति 2020 की विशेषताएँ; आतंकवाद की समस्या और समाधान; बेरोजगारी की समस्या और समाधान; पर्यावरण संरक्षण का महत्त्व; जीवन में वृक्षारोपण का महत्त्व
  • MCQs on Hindi literature (Q1 and Q2): 10 of 100 marks - authors, works, literary periods and journals
  • Biographies, story and khandkavya (Q5 to Q7): 20 of 100 marks - writer and poet profiles, one story question and one khandkavya question

How to Use the UP Board General Hindi Question Paper for Practice

Treat this Set 302 BK paper as a timed mock before you check the solutions.

  • Attempt all 14 questions in 3 hours 15 minutes under exam conditions first
  • Practise both options of the choice questions, not just the one you would normally pick
  • Keep to the 80-word limit for the biography, story and khandkavya answers
  • Write the Sanskrit translations with the reference first, since each carries 2 of its 7 marks
  • Review each answer against the step-by-step solution PDF, not just the final answer

UP Board Class 12 General Hindi 2026 Question Paper FAQs

Ques. When was the UP Board Class 12 General Hindi 2026 exam conducted?

Ans. UPMSP conducted the UP Board Class 12 General Hindi 2026 exam on February 18, 2026, in the morning shift from 8:30 am to 11:45 am, during the intermediate exams that ran from February 18 to March 12, 2026. The official time table is on upmsp.edu.in.

Ques. How many questions are there in the UP Board Class 12 General Hindi 2026 paper, and is there any choice?

Ans. The paper has 14 questions worth 100 marks, and all are compulsory. Most of them offer an internal choice, such as an OR passage in Q3 and Q4, one of three authors or poets in Q5, one khandkavya out of six in Q7 and one of five essay topics in Q14.

Ques. What is the marking scheme for UP Board Class 12 General Hindi 2026?

Ans. Q1 and Q2 are MCQs of 1 mark each, Q3 and Q4 carry 10 marks each, Q5 carries 10 marks, Q6 and Q7 carry 5 marks each, Q8 carries 14 marks, Q9 carries 2 marks, Q10 carries 5 marks, Q11 carries 8 marks, Q12 and Q13 carry 6 marks each and Q14 carries 9 marks, for a total of 100 marks in 3 hours 15 minutes.

Ques. Which questions carried the highest weightage in UP Board Class 12 General Hindi 2026 Set 302 BK?

Ans. The two passage questions (Q3 and Q4) carried 20 marks, the Sanskrit translation (Q8) carried 14 marks and the letter and essay (Q13 and Q14) carried 15 marks together.

Ques. Where can I download the UP Board Class 12 General Hindi 2026 Set 302 BK question paper with solutions PDF for free?

Ans. You can download both the question paper and the full step-by-step solutions PDF for Set 302 BK from the table at the top of this page, for free.