The UP Board Class 12 General Hindi (Samanya Hindi) question paper with solutions (Set 302 BL) is available here for free download. UP Board Class 12 General Hindi 2026 was conducted by the Uttar Pradesh Madhyamik Shiksha Parishad (UPMSP) on February 18, 2026, as a 100-mark paper of 14 compulsory questions to be solved in 3 hours 15 minutes.

UP Board Class 12 General Hindi 2026 Question Paper with Solutions (Set 302 BL) Download PDF Check Solutions

UP Board Class 12 Hindi General 2026 (Set 302 BL) Questions with Solutions

Question 1:

भारतेन्दु युगीन लेखक हैं:

  • (A) रायकृष्ण दास
  • (B) चतुरसेन शास्त्री
  • (C) किशोरीलाल गोस्वामी
  • (D) वियोगी हरि

Question 2:

हिन्दी का पहला पत्र है:

  • (A) 'प्रजा हितैषी'
  • (B) 'उदन्त मार्तण्ड'
  • (C) 'बनारस अखबार'
  • (D) 'बंगदूत'

Question 3:

रामचन्द्र शुक्ल लिखित कहानी है:

  • (A) 'ग्राम'
  • (B) 'दुलाईवाली'
  • (C) 'इन्दुमती'
  • (D) 'ग्यारह वर्ष का समय'

Question 4:

'कालिदास की निरंकुशता' रचना की विधा है:

  • (A) आलोचना साहित्य
  • (B) संस्मरण
  • (C) आत्मकथा
  • (D) जीवनी

Question 5:

'प्रेमसागर' के लेखक हैं:

  • (A) सदल मिश्र
  • (B) रामप्रसाद निरंजनी
  • (C) लल्लू लाल
  • (D) सदासुख लाल

Question 6:

'निज भाषा उन्नति अहै सब उन्नति को मूल' यह कथन है:

  • (A) महावीर प्रसाद द्विवेदी का
  • (B) भारतेन्दु हरिश्चंद्र का
  • (C) प्रेमघन का
  • (D) प्रतापनारायण मिश्र का

Question 7:

'त्रिपथगा' काव्यकृति के रचनाकार हैं:

  • (A) अयोध्या सिंह उपाध्याय 'हरिऔध'
  • (B) महादेवी वर्मा
  • (C) मैथिलीशरण गुप्त
  • (D) जयशंकर प्रसाद

Question 8:

सुमित्रानन्दन पन्त की रचना है:

  • (A) 'ग्राम्या'
  • (B) 'अनामिका'
  • (C) 'कानन-कुसुम'
  • (D) 'विष्णुप्रिया'

Question 9:

'सप्तक' के कवियों को 'राहों का अन्वेषी' कथन है:

  • (A) गिरिजाकुमार माथुर का
  • (B) भारतभूषण अग्रवाल का
  • (C) रामविलास शर्मा का
  • (D) सच्चिदानन्द हीरानन्द वात्स्यायन 'अज्ञेय' का

Question 10:

जयशंकर प्रसाद की कृति नहीं है:

  • (A) 'झंकार'
  • (B) 'झरना'
  • (C) 'आँसू'
  • (D) 'स्कंदगुप्त'

Question 11:

गद्यांश: पृथ्वी और आकाश के अन्तराल में जो कुछ सामग्री भरी है, पृथ्वी के चारों ओर फैले हुए गंभीर सागर में जो जलचर एवं रत्नों की राशियाँ हैं, उन सब के प्रति चेतना और स्वागत के नये भाव राष्ट्र में फैलने चाहिए। राष्ट्र नवयुवकों के हृदय में उन सब के प्रति जिज्ञासा की नई किरणें जब तक नहीं फूटतीं तब तक हम सोए हुए के समान हैं।
विज्ञान और उद्यम दोनों को मिलाकर राष्ट्र के भौतिक स्वरूप का नया ठाट खड़ा करना है। यह कार्य प्रसन्नता, उत्साह और अथक परिश्रम द्वारा नित्य आगे बढ़ाना चाहिए! हमारा यह ध्येय है की राष्ट्र में जितने हाथ हैं, उनमें से कोई भी इस कार्य में भाग लिये बिना रीता न रहे।

(i) उपर्युक्त गद्यांश का सन्दर्भ लिखिए।


Question 12:

गद्यांश: पृथ्वी और आकाश के अन्तराल में जो कुछ सामग्री भरी है, पृथ्वी के चारों ओर फैले हुए गंभीर सागर में जो जलचर एवं रत्नों की राशियाँ हैं, उन सब के प्रति चेतना और स्वागत के नये भाव राष्ट्र में फैलने चाहिए। राष्ट्र नवयुवकों के हृदय में उन सब के प्रति जिज्ञासा की नई किरणें जब तक नहीं फूटतीं तब तक हम सोए हुए के समान हैं।
विज्ञान और उद्यम दोनों को मिलाकर राष्ट्र के भौतिक स्वरूप का नया ठाट खड़ा करना है। यह कार्य प्रसन्नता, उत्साह और अथक परिश्रम द्वारा नित्य आगे बढ़ाना चाहिए! हमारा यह ध्येय है की राष्ट्र में जितने हाथ हैं, उनमें से कोई भी इस कार्य में भाग लिये बिना रीता न रहे।

(ii) रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए।


Question 13:

गद्यांश: पृथ्वी और आकाश के अन्तराल में जो कुछ सामग्री भरी है, पृथ्वी के चारों ओर फैले हुए गंभीर सागर में जो जलचर एवं रत्नों की राशियाँ हैं, उन सब के प्रति चेतना और स्वागत के नये भाव राष्ट्र में फैलने चाहिए। राष्ट्र नवयुवकों के हृदय में उन सब के प्रति जिज्ञासा की नई किरणें जब तक नहीं फूटतीं तब तक हम सोए हुए के समान हैं।
विज्ञान और उद्यम दोनों को मिलाकर राष्ट्र के भौतिक स्वरूप का नया ठाट खड़ा करना है। यह कार्य प्रसन्नता, उत्साह और अथक परिश्रम द्वारा नित्य आगे बढ़ाना चाहिए! हमारा यह ध्येय है की राष्ट्र में जितने हाथ हैं, उनमें से कोई भी इस कार्य में भाग लिये बिना रीता न रहे।

(iii) राष्ट्रीय चेतना में भौतिक ज्ञान-विज्ञान के महत्व को स्पष्ट कीजिए।


Question 14:

गद्यांश: पृथ्वी और आकाश के अन्तराल में जो कुछ सामग्री भरी है, पृथ्वी के चारों ओर फैले हुए गंभीर सागर में जो जलचर एवं रत्नों की राशियाँ हैं, उन सब के प्रति चेतना और स्वागत के नये भाव राष्ट्र में फैलने चाहिए। राष्ट्र नवयुवकों के हृदय में उन सब के प्रति जिज्ञासा की नई किरणें जब तक नहीं फूटतीं तब तक हम सोए हुए के समान हैं।
विज्ञान और उद्यम दोनों को मिलाकर राष्ट्र के भौतिक स्वरूप का नया ठाट खड़ा करना है। यह कार्य प्रसन्नता, उत्साह और अथक परिश्रम द्वारा नित्य आगे बढ़ाना चाहिए! हमारा यह ध्येय है की राष्ट्र में जितने हाथ हैं, उनमें से कोई भी इस कार्य में भाग लिये बिना रीता न रहे।

(iv) लेखक ने राष्ट्र की सुप्त अवस्था कब तक स्वीकार की है?


Question 15:

गद्यांश: पृथ्वी और आकाश के अन्तराल में जो कुछ सामग्री भरी है, पृथ्वी के चारों ओर फैले हुए गंभीर सागर में जो जलचर एवं रत्नों की राशियाँ हैं, उन सब के प्रति चेतना और स्वागत के नये भाव राष्ट्र में फैलने चाहिए। राष्ट्र नवयुवकों के हृदय में उन सब के प्रति जिज्ञासा की नई किरणें जब तक नहीं फूटतीं तब तक हम सोए हुए के समान हैं।
विज्ञान और उद्यम दोनों को मिलाकर राष्ट्र के भौतिक स्वरूप का नया ठाट खड़ा करना है। यह कार्य प्रसन्नता, उत्साह और अथक परिश्रम द्वारा नित्य आगे बढ़ाना चाहिए! हमारा यह ध्येय है की राष्ट्र में जितने हाथ हैं, उनमें से कोई भी इस कार्य में भाग लिये बिना रीता न रहे।

(v) विज्ञान और श्रम के संयोग से राष्ट्र प्रगति के पथ पर कैसे अग्रसर हो सकता है?


Question 16:

गद्यांश: पुष्पित अशोक को देखकर मेरा मन उदास हो जाता है। इसलिए नहीं कि सुन्दर वस्तुओं को हतभाग्य समझने में मुझे कोई विशेष रस मिलता है। कुछ लोगों को मिलता है। वे बहुत दूरदर्शी होते हैं। जो भी सामने पड़ गया, उसके जीवन के अन्तिम महूर्त तक का हिसाब वे लगा लेते हैं। मेरी दृष्टि इतनी दूर तक नहीं जाती। फिर भी मेरा मन इस फूल को देखकर उदास हो जाता है। असली कारण मेरे अन्तर्यामी ही जानते होंगे, कुछ थोड़ा-सा मैं भी अनुमान कर सकता हूँ।

(i) उपर्युक्त गद्यांश का सन्दर्भ लिखिए।


Question 17:

गद्यांश: पुष्पित अशोक को देखकर मेरा मन उदास हो जाता है। इसलिए नहीं कि सुन्दर वस्तुओं को हतभाग्य समझने में मुझे कोई विशेष रस मिलता है। कुछ लोगों को मिलता है। वे बहुत दूरदर्शी होते हैं। जो भी सामने पड़ गया, उसके जीवन के अन्तिम महूर्त तक का हिसाब वे लगा लेते हैं। मेरी दृष्टि इतनी दूर तक नहीं जाती। फिर भी मेरा मन इस फूल को देखकर उदास हो जाता है। असली कारण मेरे अन्तर्यामी ही जानते होंगे, कुछ थोड़ा-सा मैं भी अनुमान कर सकता हूँ।

(ii) रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए।


Question 18:

गद्यांश: पुष्पित अशोक को देखकर मेरा मन उदास हो जाता है। इसलिए नहीं कि सुन्दर वस्तुओं को हतभाग्य समझने में मुझे कोई विशेष रस मिलता है। कुछ लोगों को मिलता है। वे बहुत दूरदर्शी होते हैं। जो भी सामने पड़ गया, उसके जीवन के अन्तिम महूर्त तक का हिसाब वे लगा लेते हैं। मेरी दृष्टि इतनी दूर तक नहीं जाती। फिर भी मेरा मन इस फूल को देखकर उदास हो जाता है। असली कारण मेरे अन्तर्यामी ही जानते होंगे, कुछ थोड़ा-सा मैं भी अनुमान कर सकता हूँ।

(iii) इस गद्यांश में लेखक ने स्वयं के विषय में क्या कहा है?


Question 19:

गद्यांश: पुष्पित अशोक को देखकर मेरा मन उदास हो जाता है। इसलिए नहीं कि सुन्दर वस्तुओं को हतभाग्य समझने में मुझे कोई विशेष रस मिलता है। कुछ लोगों को मिलता है। वे बहुत दूरदर्शी होते हैं। जो भी सामने पड़ गया, उसके जीवन के अन्तिम महूर्त तक का हिसाब वे लगा लेते हैं। मेरी दृष्टि इतनी दूर तक नहीं जाती। फिर भी मेरा मन इस फूल को देखकर उदास हो जाता है। असली कारण मेरे अन्तर्यामी ही जानते होंगे, कुछ थोड़ा-सा मैं भी अनुमान कर सकता हूँ।

(iv) प्रस्तुत गद्यांश का उद्देश्य स्पष्ट कीजिए।


Question 20:

गद्यांश: पुष्पित अशोक को देखकर मेरा मन उदास हो जाता है। इसलिए नहीं कि सुन्दर वस्तुओं को हतभाग्य समझने में मुझे कोई विशेष रस मिलता है। कुछ लोगों को मिलता है। वे बहुत दूरदर्शी होते हैं। जो भी सामने पड़ गया, उसके जीवन के अन्तिम महूर्त तक का हिसाब वे लगा लेते हैं। मेरी दृष्टि इतनी दूर तक नहीं जाती। फिर भी मेरा मन इस फूल को देखकर उदास हो जाता है। असली कारण मेरे अन्तर्यामी ही जानते होंगे, कुछ थोड़ा-सा मैं भी अनुमान कर सकता हूँ।

(v) 'अन्तर्यामी और दूरदर्शी' शब्दों के अर्थ लिखिए।


Question 21:

पद्यांश: यही आता है इस मन में,
छोड़ धाम धन जाकर मैं भी रहूँ उसी वन में।
प्रिय के व्रत में विघ्न न डालूँ, रहूँ निकट भी दूर।
व्यथा रहे, पर साथ-साथ ही समाधान भरपूर।
हर्ष डूबा हो रोदन में,
यही आता है इस मन में।

(i) उपर्युक्त पद्यांश का शीर्षक और कवि का नाम लिखिए।


Question 22:

पद्यांश: यही आता है इस मन में,
छोड़ धाम धन जाकर मैं भी रहूँ उसी वन में।
प्रिय के व्रत में विघ्न न डालूँ, रहूँ निकट भी दूर।
व्यथा रहे, पर साथ-साथ ही समाधान भरपूर।
हर्ष डूबा हो रोदन में,
यही आता है इस मन में।

(ii) रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए।


Question 23:

पद्यांश: यही आता है इस मन में,
छोड़ धाम धन जाकर मैं भी रहूँ उसी वन में।
प्रिय के व्रत में विघ्न न डालूँ, रहूँ निकट भी दूर।
व्यथा रहे, पर साथ-साथ ही समाधान भरपूर।
हर्ष डूबा हो रोदन में,
यही आता है इस मन में।

(iii) उपर्युक्त पद्यांश में कौनसा रस प्रयुक्त हुआ है?


Question 24:

पद्यांश: यही आता है इस मन में,
छोड़ धाम धन जाकर मैं भी रहूँ उसी वन में।
प्रिय के व्रत में विघ्न न डालूँ, रहूँ निकट भी दूर।
व्यथा रहे, पर साथ-साथ ही समाधान भरपूर।
हर्ष डूबा हो रोदन में,
यही आता है इस मन में।

(iv) 'रहूँ निकट भी दूर' से क्या अभिप्राय है?


Question 25:

पद्यांश: यही आता है इस मन में,
छोड़ धाम धन जाकर मैं भी रहूँ उसी वन में।
प्रिय के व्रत में विघ्न न डालूँ, रहूँ निकट भी दूर।
व्यथा रहे, पर साथ-साथ ही समाधान भरपूर।
हर्ष डूबा हो रोदन में,
यही आता है इस मन में।

(v) उपर्युक्त पद्यांश का काव्य सौन्दर्य लिखिए।


Question 26:

पद्यांश: मैं नीर भरी दुख की बदली!
स्पंदन में चिर निस्पंद बसा,
क्रंदन में आहत विश्व हँसा,
नयनों में दीपक से जलते,
पलकों में निर्झरिणी मचली!

(i) उपर्युक्त पद्यांश का सन्दर्भ लिखिए।


Question 27:

पद्यांश: मैं नीर भरी दुख की बदली!
स्पंदन में चिर निस्पंद बसा,
क्रंदन में आहत विश्व हँसा,
नयनों में दीपक से जलते,
पलकों में निर्झरिणी मचली!

(ii) रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए।


Question 28:

पद्यांश: मैं नीर भरी दुख की बदली!
स्पंदन में चिर निस्पंद बसा,
क्रंदन में आहत विश्व हँसा,
नयनों में दीपक से जलते,
पलकों में निर्झरिणी मचली!

(iii) 'नयनों में दीपक से जलते' में कौनसा अलंकार प्रयुक्त हुआ है? स्पष्ट करें।


Question 29:

पद्यांश: मैं नीर भरी दुख की बदली!
स्पंदन में चिर निस्पंद बसा,
क्रंदन में आहत विश्व हँसा,
नयनों में दीपक से जलते,
पलकों में निर्झरिणी मचली!

(iv) कवयित्री के निरन्तर रुदन का क्या कारण है?


Question 30:

पद्यांश: मैं नीर भरी दुख की बदली!
स्पंदन में चिर निस्पंद बसा,
क्रंदन में आहत विश्व हँसा,
नयनों में दीपक से जलते,
पलकों में निर्झरिणी मचली!

(v) उपर्युक्त पद्यांश में कवयित्री ने स्वयं को क्या बताया है?


Question 31:

निम्नलिखित में से किसी एक लेखक का साहित्यिक परिचय देते हुए उनकी प्रमुख रचनाओं का उल्लेख कीजिए: वासुदेव शरण अग्रवाल


Question 32:

निम्नलिखित में से किसी एक लेखक का साहित्यिक परिचय देते हुए उनकी प्रमुख रचनाओं का उल्लेख कीजिए: कन्हैयालाल मिश्र 'प्रभाकर'


Question 33:

निम्नलिखित में से किसी एक लेखक का साहित्यिक परिचय देते हुए उनकी प्रमुख रचनाओं का उल्लेख कीजिए: प्रो. जी. सुन्दर रेड्डी


Question 34:

निम्नलिखित में से किसी एक लेखक का साहित्यिक परिचय देते हुए उनकी प्रमुख रचनाओं का उल्लेख कीजिए: डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम


Question 35:

निम्नलिखित में से किसी एक कवि का साहित्यिक परिचय देते हुए उनकी प्रमुख रचनाओं का उल्लेख कीजिए: सच्चिदानन्द हीरानन्द वात्स्यायन 'अज्ञेय'


Question 36:

निम्नलिखित में से किसी एक कवि का साहित्यिक परिचय देते हुए उनकी प्रमुख रचनाओं का उल्लेख कीजिए: महादेवी वर्मा


Question 37:

निम्नलिखित में से किसी एक कवि का साहित्यिक परिचय देते हुए उनकी प्रमुख रचनाओं का उल्लेख कीजिए: जय शंकर प्रसाद


Question 38:

निम्नलिखित में से किसी एक कवि का साहित्यिक परिचय देते हुए उनकी प्रमुख रचनाओं का उल्लेख कीजिए: अयोध्यासिंह उपाध्याय 'हरिऔध'


Question 39:

'पंचलाइट' कहानी का सारांश अपने शब्दों में लिखिए।


Question 40:

'लाटी' कहानी के उद्देश्य पर प्रकाश डालिए।


Question 41:

'मुक्ति यज्ञ' खण्डकाव्य का कथानक अपने शब्दों में लिखिए। (अधिकतम शब्द सीमा 80 शब्द)


Question 42:

'मुक्ति यज्ञ' खण्डकाव्य के आधार पर गाँधीजी की चारित्रिक विशेषताओं पर प्रकाश डालिए। (अधिकतम शब्द सीमा 80 शब्द)


Question 43:

'श्रवणकुमार' खण्डकाव्य के 'आखेट' सर्ग की कथावस्तु अपने शब्दों में लिखिए। (अधिकतम शब्द सीमा 80 शब्द)


Question 44:

'श्रवणकुमार' खण्डकाव्य के आधार पर 'श्रवणकुमार' का चरित्र चित्रण कीजिए। (अधिकतम शब्द सीमा 80 शब्द)


Question 45:

'रश्मिरथी' खण्डकाव्य के पञ्चम सर्ग की कथावस्तु अपने शब्दों में लिखिए। (अधिकतम शब्द सीमा 80 शब्द)


Question 46:

'रश्मिरथी' खण्डकाव्य के आधार पर कर्ण का चरित्र चित्रण कीजिए। (अधिकतम शब्द सीमा 80 शब्द)


Question 47:

'सत्य की जीत' खण्डकाव्य की कथावस्तु अपने शब्दों में लिखिए। (अधिकतम शब्द सीमा 80 शब्द)


Question 48:

'सत्य की जीत' खण्डकाव्य के आधार पर द्रौपदी का चरित्र चित्रण कीजिए। (अधिकतम शब्द सीमा 80 शब्द)


Question 49:

'त्यागपथी' खण्डकाव्य के नायक की चारित्रिक विशेषताओं पर प्रकाश डालिए। (अधिकतम शब्द सीमा 80 शब्द)


Question 50:

'त्यागपथी' खण्डकाव्य का कथानक संक्षेप में अपने शब्दों में लिखिए। (अधिकतम शब्द सीमा 80 शब्द)


Question 51:

'आलोकवृत्त' खण्डकाव्य का कथासार अपने शब्दों में लिखिए। (अधिकतम शब्द सीमा 80 शब्द)


Question 52:

'आलोकवृत्त' खण्डकाव्य के नायक का चरित्र चित्रण कीजिए। (अधिकतम शब्द सीमा 80 शब्द)


Question 53:

दिये गये संस्कृत गद्यांश का ससन्दर्भ हिन्दी में अनुवाद कीजिए:
इयं भाषा अस्माभिः मातृसमं सम्माननीया वन्दनीया च, यतो भारतमातुः स्वातन्त्र्यं, गौरवम्, अखण्डत्वं सांस्कृतिकमेकत्वञ्च संस्कृतेनैव सुरक्षितुं शक्यन्ते । इयं संस्कृतभाषा सर्वासु भाषासु प्राचीनतमा श्रेष्ठा चास्ति । ततः सुष्ठुक्तम् 'भाषासु मुख्या मधुरा दिव्या गीर्वाणभारती' इति ।


Question 54:

दिये गये संस्कृत गद्यांश का ससन्दर्भ हिन्दी में अनुवाद कीजिए:
हंसराजः तस्यै वरं दत्त्वा हिमवति शकुनिसङ्घे संन्यपतन् । नानाप्रकाराः हंसमयूरादयः शकुनिगणाः समागत्य एकस्मिन् महति पाषाणतले संन्यपतन् । हंसराजः आत्मनः चित्तरुचितं स्वामिकम् आगत्य वृणुयात् इति दुहितरमादिदेश ।


Question 55:

दिये गये संस्कृत पद्यांशों में से किसी एक का ससन्दर्भ हिन्दी में अनुवाद कीजिए:
जलबिन्दुनिपातेन क्रमशः पूर्यते घटः ।
स हेतुः सर्वविद्यानां धर्मस्य च धनस्य च ॥


Question 56:

दिये गये संस्कृत पद्यांशों में से किसी एक का ससन्दर्भ हिन्दी में अनुवाद कीजिए:
अभूत् प्राची पिङ्गा रसपतिरिव प्राप्य कनकं
गतच्छायश्चन्द्रो बुधजन इव ग्राम्यसदसि ।
क्षणं क्षीणास्तारा नृपतय इवानुद्यमपराः
न दीपा राजन्ते द्रविणरहितानामिव गुणाः ॥


Question 57:

निम्नलिखित लोकोक्तियों एवं मुहावरों में से किसी एक का अर्थ लिखकर वाक्य में प्रयोग कीजिए: अपना ही राग अलापना


Question 58:

निम्नलिखित लोकोक्तियों एवं मुहावरों में से किसी एक का अर्थ लिखकर वाक्य में प्रयोग कीजिए: लोहे के चने चबाना


Question 59:

निम्नलिखित लोकोक्तियों एवं मुहावरों में से किसी एक का अर्थ लिखकर वाक्य में प्रयोग कीजिए: घी का लड्डू टेढ़ा भला


Question 60:

निम्नलिखित लोकोक्तियों एवं मुहावरों में से किसी एक का अर्थ लिखकर वाक्य में प्रयोग कीजिए: समरथ को नहिं दोष गोसाईं


Question 61:

अपठित गद्यांश: हमारी सांस्कृतिक अस्मिता का ह्रास तो हो ही रहा है, हम लक्ष्य भ्रम से भी पीड़ित हैं। विकास के विराट उद्देश्य से पीछे हट रहे हैं, हम झूठी तुष्टि के तात्कालिक लक्ष्यों का पीछा कर रहे हैं। मर्यादायें टूट रही हैं। नैतिक मानदण्ड ढीले पड़ रहे हैं। व्यक्ति केन्द्रिकता बढ़ रही है। स्वार्थ परमार्थ पर हावी हो रहा है। भोग की आकांक्षाएँ आसमान को छू रही हैं। उपभोक्ता संस्कृति हमारी सामाजिक नींव को हिला रही है।

(i) उपर्युक्त गद्यांश का शीर्षक लिखिए।


Question 62:

अपठित गद्यांश: हमारी सांस्कृतिक अस्मिता का ह्रास तो हो ही रहा है, हम लक्ष्य भ्रम से भी पीड़ित हैं। विकास के विराट उद्देश्य से पीछे हट रहे हैं, हम झूठी तुष्टि के तात्कालिक लक्ष्यों का पीछा कर रहे हैं। मर्यादायें टूट रही हैं। नैतिक मानदण्ड ढीले पड़ रहे हैं। व्यक्ति केन्द्रिकता बढ़ रही है। स्वार्थ परमार्थ पर हावी हो रहा है। भोग की आकांक्षाएँ आसमान को छू रही हैं। उपभोक्ता संस्कृति हमारी सामाजिक नींव को हिला रही है।

(ii) उपभोक्ता संस्कृति का अर्थ स्पष्ट कीजिए।


Question 63:

अपठित गद्यांश: हमारी सांस्कृतिक अस्मिता का ह्रास तो हो ही रहा है, हम लक्ष्य भ्रम से भी पीड़ित हैं। विकास के विराट उद्देश्य से पीछे हट रहे हैं, हम झूठी तुष्टि के तात्कालिक लक्ष्यों का पीछा कर रहे हैं। मर्यादायें टूट रही हैं। नैतिक मानदण्ड ढीले पड़ रहे हैं। व्यक्ति केन्द्रिकता बढ़ रही है। स्वार्थ परमार्थ पर हावी हो रहा है। भोग की आकांक्षाएँ आसमान को छू रही हैं। उपभोक्ता संस्कृति हमारी सामाजिक नींव को हिला रही है।

(iii) हम लक्ष्य भ्रम से पीड़ित क्यों हैं?


Question 64:

अपठित गद्यांश: जीवन की अनन्तता का प्रतीक ...... वह झरना उन अद्भुत ....., अनूठे क्षणों में मुझमें जीवन की शक्ति का अहसास हो रहा था। इस कदर प्रतीत हुआ कि जैसे मैं स्वयं भी देश और काल की सीमाओं से दूर बहती धारा में बहने लगा हूँ। भीतर की सारी तामसिकताएँ और दुष्ट वासनाएँ इस निर्मल धारा में बह गईं। मन हुआ कि ऐसे ही अनन्त समय तक बहता रहूँ ...... सुनता रहूँ झरने की पुकार को।

(i) 'झरना' को किसका प्रतीक कहा गया है?


Question 65:

अपठित गद्यांश: जीवन की अनन्तता का प्रतीक ...... वह झरना उन अद्भुत ....., अनूठे क्षणों में मुझमें जीवन की शक्ति का अहसास हो रहा था। इस कदर प्रतीत हुआ कि जैसे मैं स्वयं भी देश और काल की सीमाओं से दूर बहती धारा में बहने लगा हूँ। भीतर की सारी तामसिकताएँ और दुष्ट वासनाएँ इस निर्मल धारा में बह गईं। मन हुआ कि ऐसे ही अनन्त समय तक बहता रहूँ ...... सुनता रहूँ झरने की पुकार को।

(ii) प्रकृति के उस अनन्त स्वरूप को देखकर लेखक को कैसी अनुभूति होती है?


Question 66:

अपठित गद्यांश: जीवन की अनन्तता का प्रतीक ...... वह झरना उन अद्भुत ....., अनूठे क्षणों में मुझमें जीवन की शक्ति का अहसास हो रहा था। इस कदर प्रतीत हुआ कि जैसे मैं स्वयं भी देश और काल की सीमाओं से दूर बहती धारा में बहने लगा हूँ। भीतर की सारी तामसिकताएँ और दुष्ट वासनाएँ इस निर्मल धारा में बह गईं। मन हुआ कि ऐसे ही अनन्त समय तक बहता रहूँ ...... सुनता रहूँ झरने की पुकार को।

(iii) रेखांकित अंश का भाव स्पष्ट कीजिए।


Question 67:

निम्नलिखित शब्द-युग्मों का सही अर्थ चयन करके लिखिए: भवन - भुवन

  • (A) जगत - निर्जन
  • (B) घर - संसार
  • (C) ग्रह - गृह
  • (D) इनमें से कोई नहीं

Question 68:

निम्नलिखित शब्द-युग्मों का सही अर्थ चयन करके लिखिए: अम्ब - अम्बु

  • (A) माता - पानी
  • (B) जल - जननी
  • (C) जलद - नीरज
  • (D) इनमें से कोई नहीं

Question 69:

निम्नलिखित शब्दों में से किसी एक शब्द के दो अर्थ लिखिए: अनल


Question 70:

निम्नलिखित शब्दों में से किसी एक शब्द के दो अर्थ लिखिए: विधि


Question 71:

निम्नलिखित शब्दों में से किसी एक शब्द के दो अर्थ लिखिए: नीरज


Question 72:

निम्नलिखित शब्दों में से किसी एक शब्द के दो अर्थ लिखिए: सुरभि


Question 73:

निम्नलिखित वाक्यांशों के लिए एक सही शब्द चुनकर लिखिए: कम बोलने वाला -

  • (A) वाचाल
  • (B) बहुभाषी
  • (C) मितभाषी
  • (D) इनमें से कोई नहीं

Question 74:

निम्नलिखित वाक्यांशों के लिए एक सही शब्द चुनकर लिखिए: जिसका कोई रक्षक न हो -

  • (A) अनभिज्ञ
  • (B) अनाथ
  • (C) सनाथ
  • (D) इनमें से कोई नहीं

Question 75:

निम्नलिखित में से किन्हीं दो वाक्यों को शुद्ध करके लिखिए: यह पुस्तक देवेश ने लिखा।


Question 76:

निम्नलिखित में से किन्हीं दो वाक्यों को शुद्ध करके लिखिए: आज मेरा बड़ा भाई आ गया।


Question 77:

निम्नलिखित में से किन्हीं दो वाक्यों को शुद्ध करके लिखिए: मैं अभी अभी खाना खाने को बैठा।


Question 78:

निम्नलिखित में से किन्हीं दो वाक्यों को शुद्ध करके लिखिए: उपरोक्त कथन सही है।


Question 79:

'वीर' अथवा 'शान्तरस' का लक्षणसहित एक उदाहरण लिखिए।


Question 80:

'श्लेष' अथवा 'उत्प्रेक्षा' अलंकार का लक्षणसहित एक उदाहरण लिखिए।


Question 81:

'दोहा' अथवा 'कुण्डलिया' छन्द का लक्षणसहित एक उदाहरण लिखिए।


Question 82:

दैनिक समाचार पत्र में प्रकाशित विज्ञापन के आधार पर संबंधित कालेज में लिपिक के पद पर अपनी नियुक्ति हेतु प्रबन्धक को आवेदन पत्र लिखिए, जिसमें अपनी शैक्षिक योग्यता का भी उल्लेख हो।


Question 83:

बैंक के शाखा प्रबन्धक के नाम एक आवेदन पत्र लिखिए, जिसमें किसी व्यवसाय को स्थापित करने हेतु ऋण की माँग की गई हो।


Question 84:

निम्नलिखित विषयों में से किसी एक विषय पर अपनी भाषा शैली में निबंध लिखिए: पर्यावरण-संरक्षण


Question 85:

निम्नलिखित विषयों में से किसी एक विषय पर अपनी भाषा शैली में निबंध लिखिए: आतंकवाद की समस्या और समाधान


Question 86:

निम्नलिखित विषयों में से किसी एक विषय पर अपनी भाषा शैली में निबंध लिखिए: अन्तरिक्ष में भारत के बढ़ते कदम


Question 87:

निम्नलिखित विषयों में से किसी एक विषय पर अपनी भाषा शैली में निबंध लिखिए: वृक्षारोपण एवं वन-संरक्षण


Question 88:

निम्नलिखित विषयों में से किसी एक विषय पर अपनी भाषा शैली में निबंध लिखिए: साहित्य और समाज

UP Board Class 12 General Hindi 2026 Exam Pattern and Marking Scheme Explained

The Set 302 BL paper is written in Hindi and is split into two sections of 50 marks each. Every question is compulsory, but most of them carry an internal choice.

  • Total questions: 14 questions in two sections - Khand Ka (Q1 to Q7) and Khand Kha (Q8 to Q14)
  • Total marks: 100 - 50 marks in each section
  • Duration: 3 hours 15 minutes, with the first 15 minutes given for reading the question paper
  • Khand Ka (50 marks): 10 MCQs (Q1 and Q2), a prose and a poetry passage with 5 questions each (Q3 and Q4, 10 marks each), literary biography of a writer and a poet (Q5, 5 + 5 marks), a story question (Q6, 5 marks) and a khandkavya question (Q7, 5 marks)
  • Khand Kha (50 marks): Sanskrit passage and shloka translation (Q8, 7 + 7 marks), idiom or proverb (Q9, 2 marks), unseen passage (Q10, 5 marks), word knowledge (Q11, 8 marks), rasa, alankar and chhand (Q12, 6 marks), letter writing (Q13, 6 marks) and essay (Q14, 9 marks)
  • Word limits: literary biography, story and khandkavya answers are capped at 80 words

High-Weightage Sections in UP Board Class 12 General Hindi 2026 to Focus On First

Passage-based answers and the writing questions decided most of the marks in Set 302 BL.

  • Prose and poetry passages (Q3 and Q4): 20 of 100 marks - the prose passages came from Rashtra ka Swaroop (Vasudevsharan Agrawal) and Ashok ke Phool (Hazariprasad Dwivedi), and the poetry passages from Saket (Maithilisharan Gupt) and 'Main Neer Bhari Dukh ki Badli' (Mahadevi Verma)
  • Sanskrit translation (Q8): 14 of 100 marks - one Sanskrit prose passage and one shloka, each with 2 marks for the reference and 5 marks for the Hindi translation
  • Writing skills (Q13 and Q14): 15 of 100 marks - a 6-mark letter and a 9-mark essay; the essay topics were पर्यावरण-संरक्षण; आतंकवाद की समस्या और समाधान; अन्तरिक्ष में भारत के बढ़ते कदम; वृक्षारोपण एवं वन-संरक्षण; साहित्य और समाज
  • MCQs on Hindi literature (Q1 and Q2): 10 of 100 marks - authors, works, literary periods and journals
  • Biographies, story and khandkavya (Q5 to Q7): 20 of 100 marks - writer and poet profiles, one story question and one khandkavya question

How to Use the UP Board General Hindi Question Paper for Practice

Treat this Set 302 BL paper as a timed mock before you check the solutions.

  • Attempt all 14 questions in 3 hours 15 minutes under exam conditions first
  • Practise both options of the choice questions, not just the one you would normally pick
  • Keep to the 80-word limit for the biography, story and khandkavya answers
  • Write the Sanskrit translations with the reference first, since each carries 2 of its 7 marks
  • Review each answer against the step-by-step solution PDF, not just the final answer

UP Board Class 12 General Hindi 2026 Question Paper FAQs

Ques. When was the UP Board Class 12 General Hindi 2026 exam conducted?

Ans. UPMSP conducted the UP Board Class 12 General Hindi 2026 exam on February 18, 2026, in the morning shift from 8:30 am to 11:45 am, during the intermediate exams that ran from February 18 to March 12, 2026. The official time table is on upmsp.edu.in.

Ques. How many questions are there in the UP Board Class 12 General Hindi 2026 paper, and is there any choice?

Ans. The paper has 14 questions worth 100 marks, and all are compulsory. Most of them offer an internal choice, such as an OR passage in Q3 and Q4, one of three authors or poets in Q5, one khandkavya out of six in Q7 and one of five essay topics in Q14.

Ques. What is the marking scheme for UP Board Class 12 General Hindi 2026?

Ans. Q1 and Q2 are MCQs of 1 mark each, Q3 and Q4 carry 10 marks each, Q5 carries 10 marks, Q6 and Q7 carry 5 marks each, Q8 carries 14 marks, Q9 carries 2 marks, Q10 carries 5 marks, Q11 carries 8 marks, Q12 and Q13 carry 6 marks each and Q14 carries 9 marks, for a total of 100 marks in 3 hours 15 minutes.

Ques. Which questions carried the highest weightage in UP Board Class 12 General Hindi 2026 Set 302 BL?

Ans. The two passage questions (Q3 and Q4) carried 20 marks, the Sanskrit translation (Q8) carried 14 marks and the letter and essay (Q13 and Q14) carried 15 marks together.

Ques. Where can I download the UP Board Class 12 General Hindi 2026 Set 302 BL question paper with solutions PDF for free?

Ans. You can download both the question paper and the full step-by-step solutions PDF for Set 302 BL from the table at the top of this page, for free.