The UP Board Class 12 Hindi question paper with solutions (Set 301 BA) is available here for free download. UP Board Class 12 Hindi 2026 was conducted by the Uttar Pradesh Madhyamik Shiksha Parishad (UPMSP) on February 18, 2026, as a 100-mark paper of 14 questions to be solved in 3 hours 15 minutes.

UP Board Class 12 Hindi Question Paper with Solutions (Set 301 BA) Download PDF Check Solutions

UP Board Class 12 Hindi 2026 (Set 301 BA) Questions with Solutions

Question 1:

'ध्रुवस्वामिनी' गद्य-विधा की रचना है

  • (A) उपन्यास
  • (B) कहानी
  • (C) नाटक
  • (D) जीवनी

Question 2:

'त्यागपत्र' उपन्यास के लेखक हैं

  • (A) प्रेमचन्द
  • (B) जैनेन्द्र कुमार
  • (C) रामचन्द्र शुक्ल
  • (D) मोहन राकेश

Question 3:

'वसुधा' पत्रिका के सम्पादक हैं

  • (A) हरिशंकर परसाई
  • (B) आचार्य रामचन्द्र शुक्ल
  • (C) प्रताप नारायण मिश्र
  • (D) महादेवी वर्मा

Question 4:

राहुल सांकृत्यायन की रचना है

  • (A) 'अथातो घुमक्कड़ जिज्ञासा'
  • (B) 'परीक्षा गुरु'
  • (C) 'संयोगिता स्वयंवर'
  • (D) इनमें से कोई नहीं

Question 5:

'मेरे निबंध' किसकी रचना है?

  • (A) प्रताप नारायण मिश्र
  • (B) श्याम सुन्दर दास
  • (C) बाबू गुलाब राय
  • (D) आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी

Question 6:

निम्नलिखित में से तारसप्तक के कवि हैं

  • (A) रामविलास शर्मा
  • (B) भवानी प्रसाद मिश्र
  • (C) शमशेर बहादुर सिंह
  • (D) रघुवीर सहाय

Question 7:

'अब्र' उपनाम से उर्दू में गजलों की रचना की

  • (A) भारतेन्दु हरिश्चन्द्र ने
  • (B) बदरी नारायण चौधरी 'प्रेमघन' ने
  • (C) प्रताप नारायण मिश्र ने
  • (D) अमीर खुसरो ने

Question 8:

'यामा' के रचयिता हैं

  • (A) महादेवी वर्मा
  • (B) सुभद्राकुमारी चौहान
  • (C) विद्यापति
  • (D) जगनिक

Question 9:

'अनामिका' किसकी रचना है?

  • (A) जयशंकर प्रसाद
  • (B) महादेवी वर्मा
  • (C) सुमित्रानंदन पंत
  • (D) सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला'

Question 10:

'मैंने उसको जब-जब देखा - लोहा देखा' पंक्ति के रचयिता हैं

  • (A) नागार्जुन
  • (B) केदारनाथ अग्रवाल
  • (C) मुक्तिबोध
  • (D) रामधारी सिंह 'दिनकर'

Question 11:

गद्यांश: राष्ट्र का तीसरा अंग जन की संस्कृति है। मनुष्यों ने युगों-युगों में जिस सभ्यता का निर्माण किया है, वही उसके जीवन की श्वास-प्रश्वास है। बिना संस्कृति के जन की कल्पना कबंध मात्र है, संस्कृति ही जन का मस्तिष्क है। संस्कृति के विकास और अभ्युदय के द्वारा ही राष्ट्र की वृद्धि सम्भव है। राष्ट्र के समग्र रूप में भूमि और जन के साथ-साथ जन की संस्कृति का महत्वपूर्ण स्थान है।

(क) उपर्युक्त गद्यांश के पाठ एवं लेखक के नाम लिखिए।


Question 12:

गद्यांश: राष्ट्र का तीसरा अंग जन की संस्कृति है। मनुष्यों ने युगों-युगों में जिस सभ्यता का निर्माण किया है, वही उसके जीवन की श्वास-प्रश्वास है। बिना संस्कृति के जन की कल्पना कबंध मात्र है, संस्कृति ही जन का मस्तिष्क है। संस्कृति के विकास और अभ्युदय के द्वारा ही राष्ट्र की वृद्धि सम्भव है। राष्ट्र के समग्र रूप में भूमि और जन के साथ-साथ जन की संस्कृति का महत्वपूर्ण स्थान है।

(ख) राष्ट्र का तीसरा अंग क्या है?


Question 13:

गद्यांश: राष्ट्र का तीसरा अंग जन की संस्कृति है। मनुष्यों ने युगों-युगों में जिस सभ्यता का निर्माण किया है, वही उसके जीवन की श्वास-प्रश्वास है। बिना संस्कृति के जन की कल्पना कबंध मात्र है, संस्कृति ही जन का मस्तिष्क है। संस्कृति के विकास और अभ्युदय के द्वारा ही राष्ट्र की वृद्धि सम्भव है। राष्ट्र के समग्र रूप में भूमि और जन के साथ-साथ जन की संस्कृति का महत्वपूर्ण स्थान है।

(ग) जन का मस्तिष्क क्या है?


Question 14:

गद्यांश: राष्ट्र का तीसरा अंग जन की संस्कृति है। मनुष्यों ने युगों-युगों में जिस सभ्यता का निर्माण किया है, वही उसके जीवन की श्वास-प्रश्वास है। बिना संस्कृति के जन की कल्पना कबंध मात्र है, संस्कृति ही जन का मस्तिष्क है। संस्कृति के विकास और अभ्युदय के द्वारा ही राष्ट्र की वृद्धि सम्भव है। राष्ट्र के समग्र रूप में भूमि और जन के साथ-साथ जन की संस्कृति का महत्वपूर्ण स्थान है।

(घ) राष्ट्र की वृद्धि किस प्रकार सम्भव है?


Question 15:

गद्यांश: राष्ट्र का तीसरा अंग जन की संस्कृति है। मनुष्यों ने युगों-युगों में जिस सभ्यता का निर्माण किया है, वही उसके जीवन की श्वास-प्रश्वास है। बिना संस्कृति के जन की कल्पना कबंध मात्र है, संस्कृति ही जन का मस्तिष्क है। संस्कृति के विकास और अभ्युदय के द्वारा ही राष्ट्र की वृद्धि सम्भव है। राष्ट्र के समग्र रूप में भूमि और जन के साथ-साथ जन की संस्कृति का महत्वपूर्ण स्थान है।

(ङ) राष्ट्र के समग्र रूप में किन चीजों का महत्वपूर्ण स्थान है?


Question 16:

पद्यांश: रोकहिं जो तो अमंगल होय औ प्रेम नसै जो कहैं पिय जाइये। जौ कहे जाहु न तो प्रभुता जौ कहूँ न कहै तो सनेह नसाइये। जो 'हरिचंद कहैं तुमरे बिनु जीहै' न तो यह क्यौ पतिआइये। तासों पयान समै तुमरे हम का कहैं आपै हमै समझाइये।।

(क) उपर्युक्त पद्यांश के पाठ और रचयिता का नाम लिखिए।


Question 17:

पद्यांश: रोकहिं जो तो अमंगल होय औ प्रेम नसै जो कहैं पिय जाइये। जौ कहे जाहु न तो प्रभुता जौ कहूँ न कहै तो सनेह नसाइये। जो 'हरिचंद कहैं तुमरे बिनु जीहै' न तो यह क्यौ पतिआइये। तासों पयान समै तुमरे हम का कहैं आपै हमै समझाइये।।

(ख) रेखांकित अंश ('जौ कहे जाहु न तो प्रभुता जौ कहूँ न कहै तो सनेह नसाइये') की व्याख्या कीजिए।


Question 18:

पद्यांश: रोकहिं जो तो अमंगल होय औ प्रेम नसै जो कहैं पिय जाइये। जौ कहे जाहु न तो प्रभुता जौ कहूँ न कहै तो सनेह नसाइये। जो 'हरिचंद कहैं तुमरे बिनु जीहै' न तो यह क्यौ पतिआइये। तासों पयान समै तुमरे हम का कहैं आपै हमै समझाइये।।

(ग) प्रस्तुत पद्यांश किस भाषा में लिखा गया है?


Question 19:

पद्यांश: रोकहिं जो तो अमंगल होय औ प्रेम नसै जो कहैं पिय जाइये। जौ कहे जाहु न तो प्रभुता जौ कहूँ न कहै तो सनेह नसाइये। जो 'हरिचंद कहैं तुमरे बिनु जीहै' न तो यह क्यौ पतिआइये। तासों पयान समै तुमरे हम का कहैं आपै हमै समझाइये।।

(घ) 'प्रभुता' और 'सनेह' शब्दों के अर्थ लिखिए।


Question 20:

पद्यांश: रोकहिं जो तो अमंगल होय औ प्रेम नसै जो कहैं पिय जाइये। जौ कहे जाहु न तो प्रभुता जौ कहूँ न कहै तो सनेह नसाइये। जो 'हरिचंद कहैं तुमरे बिनु जीहै' न तो यह क्यौ पतिआइये। तासों पयान समै तुमरे हम का कहैं आपै हमै समझाइये।।

(ङ) नायिका किस बात में प्रभुता नहीं मानती है?


Question 21:

देख-देख नाचता हृदय बहने को महाविकल-बेकल, इस मरोर से - इसी शोर से सघन घोर गुरु गहन रोर से मुझे गगन का दिखा सघन वह छोर राग अमर! अंबर में भर निज रोर।

(क) उपर्युक्त पद्यांश के पाठ और रचयिता का नाम लिखिए।


Question 22:

देख-देख नाचता हृदय बहने को महाविकल-बेकल, इस मरोर से - इसी शोर से सघन घोर गुरु गहन रोर से मुझे गगन का दिखा सघन वह छोर राग अमर! अंबर में भर निज रोर।

(ख) रेखांकित अंश ('देख-देख नाचता हृदय बहने को महाविकल-बेकल') की व्याख्या कीजिए।


Question 23:

देख-देख नाचता हृदय बहने को महाविकल-बेकल, इस मरोर से - इसी शोर से सघन घोर गुरु गहन रोर से मुझे गगन का दिखा सघन वह छोर राग अमर! अंबर में भर निज रोर।

(ग) इस अवतरण में कवि किसकी गंभीर गर्जना के बारे में बात कर रहा है?


Question 24:

देख-देख नाचता हृदय बहने को महाविकल-बेकल, इस मरोर से - इसी शोर से सघन घोर गुरु गहन रोर से मुझे गगन का दिखा सघन वह छोर राग अमर! अंबर में भर निज रोर।

(घ) 'बेकल' और 'रोर' शब्दों के अर्थ लिखिए।


Question 25:

देख-देख नाचता हृदय बहने को महाविकल-बेकल, इस मरोर से - इसी शोर से सघन घोर गुरु गहन रोर से मुझे गगन का दिखा सघन वह छोर राग अमर! अंबर में भर निज रोर।

(ङ) इस पद्यांश में कवि ने किस प्रसंग का वर्णन किया है?


Question 26:

भाषा स्वयं संस्कृति का एक अटूट अंग है। संस्कृति परंपरा से निःसृत होने पर भी परिवर्तनशील और गतिशील है। उसकी गति विज्ञान की प्रगति के साथ जोड़ी जाती है। वैज्ञानिक आविष्कारों के प्रभाव के कारण उद्भूत नयी सांस्कृतिक हलचलों को शाब्दिक रूप देने के लिए भाषा के परंपरागत रूप पर्याप्त नहीं हैं।

(क) उपर्युक्त गद्यांश के पाठ और लेखक के नाम लिखिए।


Question 27:

भाषा स्वयं संस्कृति का एक अटूट अंग है। संस्कृति परंपरा से निःसृत होने पर भी परिवर्तनशील और गतिशील है। उसकी गति विज्ञान की प्रगति के साथ जोड़ी जाती है। वैज्ञानिक आविष्कारों के प्रभाव के कारण उद्भूत नयी सांस्कृतिक हलचलों को शाब्दिक रूप देने के लिए भाषा के परंपरागत रूप पर्याप्त नहीं हैं।

(ख) रेखांकित अंश ('संस्कृति परंपरा से निःसृत होने पर भी परिवर्तनशील और गतिशील है') की व्याख्या कीजिए।


Question 28:

भाषा स्वयं संस्कृति का एक अटूट अंग है। संस्कृति परंपरा से निःसृत होने पर भी परिवर्तनशील और गतिशील है। उसकी गति विज्ञान की प्रगति के साथ जोड़ी जाती है। वैज्ञानिक आविष्कारों के प्रभाव के कारण उद्भूत नयी सांस्कृतिक हलचलों को शाब्दिक रूप देने के लिए भाषा के परंपरागत रूप पर्याप्त नहीं हैं।

(ग) भाषा किसका अटूट अंग है?


Question 29:

भाषा स्वयं संस्कृति का एक अटूट अंग है। संस्कृति परंपरा से निःसृत होने पर भी परिवर्तनशील और गतिशील है। उसकी गति विज्ञान की प्रगति के साथ जोड़ी जाती है। वैज्ञानिक आविष्कारों के प्रभाव के कारण उद्भूत नयी सांस्कृतिक हलचलों को शाब्दिक रूप देने के लिए भाषा के परंपरागत रूप पर्याप्त नहीं हैं।

(घ) 'उद्भूत' और 'परम्परागत' शब्दों के अर्थ लिखिए।


Question 30:

भाषा स्वयं संस्कृति का एक अटूट अंग है। संस्कृति परंपरा से निःसृत होने पर भी परिवर्तनशील और गतिशील है। उसकी गति विज्ञान की प्रगति के साथ जोड़ी जाती है। वैज्ञानिक आविष्कारों के प्रभाव के कारण उद्भूत नयी सांस्कृतिक हलचलों को शाब्दिक रूप देने के लिए भाषा के परंपरागत रूप पर्याप्त नहीं हैं।

(ङ) नयी सांस्कृतिक हलचलें कैसे उत्पन्न होती हैं?


Question 31:

निम्नलिखित में से किसी एक लेखक का जीवन-परिचय देते हुए, उनकी कृतियों का उल्लेख कीजिए (अधिकतम शब्द-सीमा 80 शब्द): पं० दीनदयाल उपाध्याय


Question 32:

निम्नलिखित में से किसी एक लेखक का जीवन-परिचय देते हुए, उनकी कृतियों का उल्लेख कीजिए (अधिकतम शब्द-सीमा 80 शब्द): कन्हैयालाल मिश्र 'प्रभाकर'


Question 33:

निम्नलिखित में से किसी एक लेखक का जीवन-परिचय देते हुए, उनकी कृतियों का उल्लेख कीजिए (अधिकतम शब्द-सीमा 80 शब्द): वासुदेवशरण अग्रवाल


Question 34:

निम्नलिखित में से किसी एक कवि का जीवन-परिचय देते हुए, उनकी प्रमुख कृतियों पर प्रकाश डालिए (अधिकतम शब्द-सीमा 80 शब्द): सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय'


Question 35:

निम्नलिखित में से किसी एक कवि का जीवन-परिचय देते हुए, उनकी प्रमुख कृतियों पर प्रकाश डालिए (अधिकतम शब्द-सीमा 80 शब्द): जगन्नाथ दास 'रत्नाकर'


Question 36:

निम्नलिखित में से किसी एक कवि का जीवन-परिचय देते हुए, उनकी प्रमुख कृतियों पर प्रकाश डालिए (अधिकतम शब्द-सीमा 80 शब्द): सुमित्रानंदन पंत


Question 37:

'खून का रिश्ता' कहानी के प्रमुख पात्र का चरित्र-चित्रण कीजिए। (अधिकतम शब्द-सीमा 80 शब्द)


Question 38:

'लाटी' कहानी के उद्देश्य पर प्रकाश डालिए। (अधिकतम शब्द-सीमा 80 शब्द)


Question 39:

'रश्मिरथी' खण्डकाव्य के अंतिम सर्ग की घटना पर प्रकाश डालिए।


Question 40:

'रश्मिरथी' खण्डकाव्य के आधार पर 'कुन्ती' को चरित्र-चित्रण कीजिए।


Question 41:

'श्रवण कुमार' खण्डकाव्य के प्रमुख पात्र का चरित्र-चित्रण कीजिए।


Question 42:

'श्रवण कुमार' खण्डकाव्य की विशेषताएँ संक्षेप में लिखिए।


Question 43:

'आलोक-वृत्त' खण्डकाव्य की प्रमुख घटनाओं पर प्रकाश डालिए।


Question 44:

'आलोक-वृत्त' खण्डकाव्य के आधार पर 'महात्मा गाँधी' का चरित्र-चित्रण कीजिए।


Question 45:

'मुक्तियज्ञ' खण्डकाव्य की प्रमुख विशेषताएँ लिखिए।


Question 46:

'मुक्तियज्ञ' खण्डकाव्य की प्रमुख घटनाओं पर प्रकाश डालिए।


Question 47:

'त्यागपथी' खण्डकाव्य की वह घटना जो आपको प्रेरणादायी लगी हो, उसका संक्षिप्त वर्णन कीजिए।


Question 48:

'त्यागपथी' खण्डकाव्य के प्रमुख नारी पात्र का चरित्र-चित्रण कीजिए।


Question 49:

'सत्य की जीत' खण्डकाव्य के आधार पर 'युधिष्ठिर' का चरित्रांकन कीजिए।


Question 50:

'सत्य की जीत' खण्डकाव्य की प्रमुख विशेषताएँ लिखिए।


Question 51:

निम्नलिखित संस्कृत गद्यांश में से किसी एक का सन्दर्भ सहित हिन्दी में अनुवाद कीजिए:
संस्कृतस्य साहित्यं सरसं, व्याकरणश्च सुनिश्चितम् । तस्य गद्ये पद्ये च लालित्यं, भावबोधसामर्थ्यम्, अद्वितीयं श्रुतिमाधुर्यश्च वर्तते । किं बहुना चरित्रनिर्माणार्थं यादृशीं सत्प्रेरणां संस्कृतवाङ्मयं ददाति न तादृशीं किश्चिदन्यत् । मूलभूतानां मानवीयगुणानां यादृशी विवेचना संस्कृतसाहित्ये वर्तते, नान्यत्र तादृशी । दया, दान, शौचम्, औदार्यम्, अनसूया, क्षमा अन्ये चानेके गुणाः अस्य साहित्यस्य अनुशीलनेन सञ्जायते ।


Question 52:

निम्नलिखित संस्कृत गद्यांश में से किसी एक का सन्दर्भ सहित हिन्दी में अनुवाद कीजिए
अतीते प्रथमकल्पे चतुष्पदाः सिंहं राजानमकुर्वत् । मत्स्या आनन्दमत्स्यं, शकुनयः सुवर्णहंसम् । तस्य पुनः सुवर्णराजहंसस्य दुहिता हंसपोतिका अतीव रूपवती आसीत् । स तस्यै वरमदात् यत् सा आत्मनश्चिररुचितं स्वामिनं वृणुयात् इति । हंसराजः तस्यै वरं दत्वा हिमवति शकुनिसङ्घे संन्यपतत् । नानाप्रकाराः हंसमयूरादयः शकुनिगणाः समागत्य एकस्मिन् महति पाषाणतले संन्यपतन् ।


Question 53:

निम्नलिखित संस्कृत पद्यांशों में से किसी एक का सन्दर्भ सहित हिन्दी में अनुवाद कीजिए:
अनाकृष्टस्य विषयैर्विद्यानां पारदृश्वनः । तस्य धर्मरतेरासीद् वृद्धत्वं जरसा विना ।।


Question 54:

निम्नलिखित संस्कृत पद्यांशों में से किसी एक का सन्दर्भ सहित हिन्दी में अनुवाद कीजिए
न चौरहार्यं न च राजहार्यं न भ्रातृभाज्यं न च भारकारि । व्यये कृते वर्द्धत एव नित्यं विद्याधनं सर्वधनं प्रधानम् ।।


Question 55:

निम्नलिखित में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर संस्कृत में दीजिए। (क) मूर्खाणां कालः कथम् गच्छति?


Question 56:

निम्नलिखित में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर संस्कृत में दीजिए। (ग) हिन्दू विश्वविद्यालयस्य संस्थापकः कः आसीत्?


Question 57:

'हास्य' रस अथवा 'करुण' रस की परिभाषा लिखकर एक उदाहरण दीजिए।


Question 58:

उपमा अलंकार अथवा श्लेष अलंकार की परिभाषा लिखकर एक उदाहरण दीजिए।


Question 59:

'सोरठा' छन्द अथवा 'वसन्ततिलका' छन्द की परिभाषा लिखकर एक उदाहरण दीजिए।


Question 60:

निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर निबन्ध लिखिए: सोशल मीडिया : वरदान या अभिशाप


Question 61:

निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर निबन्ध लिखिए: जीवन और समय प्रबन्धन


Question 62:

निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर निबन्ध लिखिए: वन-संरक्षण का महत्त्व


Question 63:

निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर निबन्ध लिखिए: राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त


Question 64:

निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर निबन्ध लिखिए: विश्व में हिन्दी के बढ़ते कदम


Question 65:

'निश्चयः' का सन्धि-विच्छेद है

  • (A) निश् + चयः
  • (B) निस + चयः
  • (C) निस् + चयः
  • (D) निश + चयः

Question 66:

'प्रोषति' का सन्धि-विच्छेद है

  • (A) प्रा + ओषति
  • (B) प्र + ओषति
  • (C) प्रौ + ओषति
  • (D) प्रे + ओषति

Question 67:

'गायति' का सन्धि-विच्छेद है

  • (A) गै + अति
  • (B) गे + अति
  • (C) गो + अति
  • (D) गौ + अति

Question 68:

निम्नलिखित में से किसी एक पद का विग्रह करके समास स्पष्ट कीजिए: महादेवः


Question 69:

निम्नलिखित में से किसी एक पद का विग्रह करके समास स्पष्ट कीजिए: नीलकमलम्


Question 70:

निम्नलिखित में से किसी एक पद का विग्रह करके समास स्पष्ट कीजिए: अनुरूपम्


Question 71:

निम्नलिखित में से किन्हीं दो शब्दों में प्रत्यय बताइए। 'खादित्वा' शब्द में प्रत्यय है

  • (A) तव्यत्
  • (B) क्त्वा
  • (C) अनीयर्
  • (D) क्त

Question 72:

निम्नलिखित में से किन्हीं दो शब्दों में प्रत्यय बताइए। 'गन्तव्यः' शब्द में प्रत्यय है

  • (A) तव्यत्
  • (B) क्त
  • (C) अनीयर्
  • (D) क्त्वा

Question 73:

निम्नलिखित में से किन्हीं दो शब्दों में प्रत्यय बताइए। 'श्रीमान्' शब्द में प्रत्यय है

  • (A) क्त
  • (B) वतुप्
  • (C) मतुप्
  • (D) त्व

Question 74:

रेखांकित पदों में से किसी एक पद में प्रयुक्त विभक्ति तथा सम्बन्धित नियम लिखिए: कृष्णम् अभितः गोपाः।


Question 75:

रेखांकित पदों में से किसी एक पद में प्रयुक्त विभक्ति तथा सम्बन्धित नियम लिखिए: त्वं मया सार्धम् आपणं चल।


Question 76:

रेखांकित पदों में से किसी एक पद में प्रयुक्त विभक्ति तथा सम्बन्धित नियम लिखिए: प्रजाभ्यः स्वस्ति।


Question 77:

मुहल्ले में आवारा कुत्तों की समस्या के समाधान के लिए नगर निगम को एक पत्र लिखिए।


Question 78:

कक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर अपने मित्र को बधाई देते हुए पत्र लिखिए।

UP Board Class 12 Hindi 2026 Exam Pattern and Marking Scheme Explained

UPMSP set this paper (Set 301 BA) in two sections - Section A on the prescribed Hindi textbooks, and Section B on Sanskrit translation and grammar.

  • Total questions: 14 questions across MCQs, comprehension passages (गद्यांश/पद्यांश), essay, khand-kavya (खण्डकाव्य) and kahani (कहानी) answers, and Sanskrit translation and grammar
  • Total marks: 100
  • Duration: 3 hours 15 minutes
  • Question types: objective MCQ, comprehension-based short answers, character sketches and essay-type long answers, and Sanskrit-Hindi translation
  • Internal choice: most short-answer, khand-kavya, kahani, translation and letter-writing questions offer an "अथवा" (OR) alternative - attempt only one from each pair

High-Weightage Sections in UP Board Class 12 Hindi 2026 to Focus On First

This paper leans heavily on the prescribed khand-kavya (खण्डकाव्य) and kahani (कहानी) answers and the two comprehension passages, which together make up close to half the paper.

  • Khand-kavya character sketches and event summaries (Q7): 30 of 100 marks across six khand-kavya titles - Rashmirathi, Shravan Kumar, Alok-Vrit, Muktiyagya, Tyagpathi and Satya ki Jeet
  • Comprehension passages (Q3 gadyansh, Q4 padyansh): 20 of 100 marks combined
  • Author/poet life sketches and essay (Q5, Q11): 14 of 100 marks combined
  • Sanskrit translation (Q8): 14 of 100 marks
  • Grammar - sandhi, samas, pratyay, vibhakti (Q12, Q13): 9 of 100 marks

UP Board Class 12 Hindi Question Paper Analysis Video

Source: SKM study

How to Use the UP Board Hindi Question Paper for Practice

Treat this Set 301 BA paper as a timed mock before you check the solutions.

  • Attempt all 14 questions in 3 hours 15 minutes under exam conditions first
  • For every question offering an "अथवा" (OR) alternative, practise both options, not just the one you'd normally pick
  • Revise all six khand-kavya (खण्डकाव्य) titles and both kahani (कहानी) stories, since Q6 and Q7 alone carry 35 marks
  • Review each answer against the step-by-step solution PDF, not just the final answer

UP Board Class 12 Hindi Student Reactions 2026

  • Reactions to this paper were mixed - the MCQ and grammar sections felt straightforward for students who had revised the textbook thoroughly, while the khand-kavya section (Q7, six choices) needed careful time management given how many titles it covers

UP Board Class 12 Hindi 2026 Question Paper FAQs

Ques. When was the UP Board Class 12 Hindi 2026 exam conducted?

Ans. UPMSP conducted the UP Board Class 12 Hindi 2026 exam on February 18, 2026, as part of the intermediate exams that ran from February 18 to March 12, 2026.

Ques. How many questions are there in the UP Board Class 12 Hindi 2026 paper, and is there any choice?

Ans. The paper has 14 questions worth 100 marks across two sections. Most of the short-answer, khand-kavya, kahani, translation and letter-writing questions offer an "अथवा" (OR) alternative - you only need to attempt one from each pair.

Ques. What is the marking scheme for UP Board Class 12 Hindi 2026?

Ans. The paper carries 100 marks in 3 hours 15 minutes across MCQs, comprehension passages, khand-kavya and kahani answers, an essay, and Sanskrit translation and grammar questions.

Ques. Which sections had the highest weightage in UP Board Class 12 Hindi 2026 Set 301 BA?

Ans. The khand-kavya character sketches and event summaries (Q7) carried the most marks at 30 of 100, followed by the two comprehension passages (Q3, Q4) at 20 marks combined and Sanskrit translation (Q8) at 14 marks.

Ques. Where can I download the UP Board Class 12 Hindi 2026 question paper with solutions PDF for free?

Ans. You can download both the question paper and the full step-by-step solutions PDF for Set 301 BA from the table at the top of this page, for free.