The UP Board Class 12 Hindi question paper with solutions (Set 301 BG) is available here for free download. UP Board Class 12 Hindi 2026 was conducted by the Uttar Pradesh Madhyamik Shiksha Parishad (UPMSP) on February 18, 2026, as a 100-mark paper of 14 questions to be solved in 3 hours 15 minutes.
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UP Board Class 12 Hindi 2026 (Set 301 BG) Questions with Solutions
'शुक्लयुग' के निबन्धकार नहीं हैं :
हिन्दी एकांकी के जनक माने जाते हैं :
'चंपारण में महात्मा गाँधी' जीवनीपरक कृति के लेखक हैं :
'हर्षचरित का सांस्कृतिक अध्ययन' कृति किस गद्य-विधा की रचना है ?
इनमें से लेखक और उसकी कृति का एक विकल्प सुमेलित नहीं है, वह है :
'द्विवेदी-युग' के कवि नहीं हैं :
'स्थूल के प्रति सूक्ष्म का विद्रोह है।' — यह कथन इनमें से किस काव्य-आन्दोलन के लिए कहा गया है ?
इनमें से प्रगतिवादी कवि नहीं हैं :
'तारसप्तक' के कवियों को 'राहों का अन्वेषी' किसने कहा है ?
मैथिलीशरण गुप्त की काव्यकृति नहीं है :
निम्नलिखित गद्यांश पर आधारित नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर लिखिए : "राष्ट्र का तीसरा अंग जन की संस्कृति है। मनुष्यों ने युगों-युगों में जिस सभ्यता का निर्माण किया है, वही उसके जीवन की श्वास-प्रश्वास है। बिना संस्कृति के जन की कल्पना कबन्धमात्र है, संस्कृति ही जन का मस्तिष्क है। संस्कृति के विकास और अभ्युदय के द्वारा ही राष्ट्र की वृद्धि सम्भव है। राष्ट्र के समग्र रूप में भूमि और जन के साथ-साथ जन की संस्कृति का महत्त्वपूर्ण स्थान है। यदि भूमि और जन अपनी संस्कृति से विरहित कर दिये जायँ, तो राष्ट्र का लोप समझना चाहिए।" (i) उपर्युक्त गद्यांश के पाठ एवं लेखक का नाम लिखिए। (ii) रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए। (iii) मनुष्य के जीवन की श्वास-प्रश्वास क्या है? (iv) राष्ट्र का लोप कब समझना चाहिए? (v) राष्ट्र की वृद्धि कैसे सम्भव है?
निम्नलिखित गद्यांश पर आधारित प्रश्नों के उत्तर लिखिए : "अशोक-वृक्ष की पूजा इन्हीं गन्धर्वों और यक्षों की देन है। प्राचीन साहित्य में इस वृक्ष की पूजा के उत्सवों का बड़ा सरस वर्णन मिलता है। असल पूजा अशोक की नहीं, बल्कि उसके अधिष्ठाता कन्दर्प-देवता की होती थी। इसे 'मदनोत्सव' कहते थे। महाराज भोज के 'सरस्वती-कण्ठाभरण' से जान पड़ता है कि यह उत्सव त्रयोदशी के दिन होता था। 'मालविकाग्निमित्र' और 'रत्नावली' में इस उत्सव का बड़ा सरस-मनोहर वर्णन मिलता है। मैं जब अशोक के लाल स्तवकों को देखता हूँ, तो मुझे वह पुराना वातावरण प्रत्यक्ष दिखायी दे जाता है।" (i) उपर्युक्त गद्यांश के पाठ एवं लेखक का नाम लिखिए। (ii) अशोक-वृक्ष की पूजा किसकी देन है? (iii) रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए। (iv) 'मदनोत्सव' किसे कहते हैं? (v) 'सरस्वती-कण्ठाभरण' किसकी रचना है?
निम्नलिखित पद्यांश पर आधारित नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर लिखिए : "कबहुँ होत सत चंद कबहुँ प्रगटत दुरि भाजत। पवन गवन बस बिंब रूप जल मैं बहु साजत॥ मनु ससि भरि अनुराग जमुन जल लोटत डोलै। कै तरंग की डोर हिंडोरनि करति कलोलै॥ कै बालगुड़ी नभ मैं उड़ी सोहत इत-उत धावती। कै अवगाहत डोलत कोउ ब्रजरमनी जल आवती॥" (i) उपर्युक्त पद्यांश के पाठ एवं रचयिता का नाम लिखिए। (ii) रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए। (iii) 'मनु ससि भरि अनुराग जमुन जल लोटत डोलै।' इस पंक्ति में प्रयुक्त अलंकार का नाम लिखिए। (iv) 'बालगुड़ी' तथा 'हिंडोरनि' शब्द का अर्थ लिखिए। (v) 'अवगाहन' यह शब्द किस शब्द का पर्यायवाची शब्द है?
निम्नलिखित पद्यांश पर आधारित प्रश्नों के उत्तर लिखिए : "सामने टिकते नहीं वनराज, पर्वत डोलते हैं, काँपता है कुंडली मारे समय का व्याल, मेरी बाँह में मारुत, गरण, गजराज का बल है। मर्त्य मानव की विजय का तूर्य हूँ मैं, उर्वशी! अपने समय का सूर्य हूँ मैं। अंध तम के भाल पर पावक जलाता हूँ, बादलों के सीस पर स्यन्दन चलाता हूँ।" (i) उपर्युक्त पद्यांश के पाठ और कवि का नाम लिखिए। (ii) रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए। (iii) राजा पुरुरवा अपने मन की स्थिति का वर्णन किससे कर रहे हैं? (iv) 'व्याल' और 'स्यन्दन' शब्द का अर्थ लिखिए। (v) 'मारुत' और 'पावक' किसके पर्यायवाची शब्द हैं?
निम्नलिखित में से किसी एक लेखक का जीवन-परिचय देते हुए उनकी कृतियों का उल्लेख कीजिए (वासुदेवशरण अग्रवाल / कन्हैयालाल मिश्र 'प्रभाकर' / हरिशंकर परसाई) : (अधिकतम शब्द-सीमा 80 शब्द)
निम्नलिखित में से किसी एक कवि का जीवन-परिचय देते हुए उसकी साहित्यिक विशेषताएँ लिखिए (भारतेन्दु हरिश्चन्द्र / सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला' / महादेवी वर्मा) : (अधिकतम शब्द-सीमा 80 शब्द)
'लाटी' कहानी के प्रमुख पात्र का चरित्रचित्रण कीजिए। (अधिकतम शब्द-सीमा 80 शब्द)
'पंचलाइट' कहानी के उद्देश्य पर प्रकाश डालिए। (अधिकतम शब्द-सीमा 80 शब्द)
स्वपठित खण्डकाव्य के आधार पर निम्नलिखित में से किसी एक प्रश्न का उत्तर दीजिए : 'रश्मिरथी' खण्डकाव्य के आधार पर 'कर्ण' का चरित्रचित्रण कीजिए। (अधिकतम शब्द-सीमा 80 शब्द)
'रश्मिरथी' खण्डकाव्य की विशेषताएँ लिखिए। (अधिकतम शब्द-सीमा 80 शब्द)
निम्नलिखित संस्कृत गद्यांशों में से किसी एक का सन्दर्भसहित हिन्दी में अनुवाद कीजिए : "संस्कृतसाहित्यस्य आदिकविः वाल्मीकिः, महर्षिव्यासः, कविकुलगुरुः कालिदासः अन्ये च भासभारवि-भवभूत्यादयो महाकवयः स्वकीयैः ग्रन्थरत्नैः अद्यापि पाठकानां हृदि विराजन्ते। इयं भाषा अस्माभिः मातृसमं सम्माननीया वन्दनीया च, यतो भारतमातुः स्वातन्त्र्यं, गौरवम्, अखण्डत्वं सांस्कृतिकमेकत्वञ्च संस्कृतेनैव सुरक्षितुं शक्यन्ते। इयं संस्कृतभाषा सर्वासु भाषासु प्राचीनतमा श्रेष्ठा चास्ति। ततः सुष्ठूक्तम् 'भाषासु मुख्या मधुरा दिव्या गीर्वाणभारती' इति।"
निम्नलिखित संस्कृत गद्यांश का सन्दर्भसहित हिन्दी में अनुवाद कीजिए : "यदा अयं षोडशवर्षदेशीयः आसीत् तदास्य कनीयसी भगिनीः विषूचिकया पञ्चत्वं गता। वर्षत्रयानन्तरम् अस्य पितृव्योऽपि दिवंगतः। द्वयोर्नयोः मृत्युं दृष्ट्वा आसीत् अस्य मनसि — कथमहं कथं वा अयं लोकः मृत्युभयात् मुक्तः स्यादिति चिन्तयतः एतस्य हृदि सहसैव वैराग्यप्रदीपः प्रज्वलितः। एकस्मिन् दिवसे अस्तंगते भगवति भास्वति मूलशङ्करः गृहमत्यजत्। सप्तदशवर्षाणि यावत् अमरत्वप्राप्त्युपायं चिन्तयन् मूलशङ्करः ग्रामाद् ग्रामं, नगरान्नगरं वनाद् वनं, पर्वतात् पर्वतमभ्रमत् परं नाविन्दत् अतितरां तृप्तिम्।"
निम्नलिखित संस्कृत पद्यांशों में से किसी एक का सन्दर्भसहित हिन्दी में अनुवाद कीजिए : "प्रजानां विनयाधानाद् रक्षणाद् भरणादपि। स पिता पितरस्तासां केवलं जन्महेतवः॥"
निम्नलिखित संस्कृत पद्यांश का सन्दर्भसहित हिन्दी में अनुवाद कीजिए : "निन्दन्तु नीतिनिपुणा यदि वा स्तुवन्तु लक्ष्मीः समाविशतु गच्छतु वा यथेष्टम्। अद्यैव वा मरणमस्तु युगान्तरे वा न्याय्यात् पथः प्रविचलन्ति पदं न धीराः॥"
निम्नलिखित में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर संस्कृत में दीजिए : (क) मैत्रेयी कस्य पत्नी आसीत्? (ख) हंसराजः स्वदुहितरं कस्मै अददात्?
'शृंगार' रस की परिभाषा लिखकर एक उदाहरण दीजिए।
'रूपक' अलंकार की परिभाषा लिखकर एक उदाहरण दीजिए।
'सोरठा' छन्द की उदाहरण-सहित परिभाषा दीजिए।
निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर निबन्ध लिखिए : विज्ञान वरदान है या अभिशाप
'प्रेजते' का सन्धि-विच्छेद है :
'कश्चित्' का सन्धि-विच्छेद है :
'निस्तारणम्' का सन्धि-विच्छेद है :
'निर्दोष' शब्द में समास है :
'त्रिनेत्रः' शब्द में समास है :
'श्रुत्वा' शब्द में प्रयुक्त प्रत्यय है :
'रूपवान्' शब्द में प्रयुक्त प्रत्यय है :
'येनाङ्गविकारः' का उदाहरण है :
'षष्ठी शेषे' का उदाहरण है :
अपने मोहल्ले की गन्दी नालियों की सफाई के लिए नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी को एक पत्र लिखिए।
UP Board Class 12 Hindi 2026 Exam Pattern and Marking Scheme Explained
UPMSP set this paper (Set 301 BG) in two sections - Section A on the prescribed Hindi textbooks, and Section B on Sanskrit translation and grammar.
- Total questions: 14 questions across MCQs, comprehension passages (गद्यांश/पद्यांश), essay, khand-kavya (खण्डकाव्य) and kahani (कहानी) answers, and Sanskrit translation and grammar
- Total marks: 100
- Duration: 3 hours 15 minutes
- Question types: objective MCQ, comprehension-based short answers, character sketches and essay-type long answers, and Sanskrit-Hindi translation
- Internal choice: most short-answer, khand-kavya, kahani and translation questions offer an "अथवा" (OR) alternative - attempt only one from each pair
High-Weightage Sections in UP Board Class 12 Hindi 2026 to Focus On First
This paper leans heavily on the two comprehension passages and the Sanskrit translation questions, which together make up a third of the paper.
- Comprehension passages (Q3 gadyansh, Q4 padyansh): 20 of 100 marks combined
- Sanskrit translation (Q8): 14 of 100 marks
- Author/poet life sketches (Q5): 10 of 100 marks combined
- Essay (Q11): 9 of 100 marks
- Grammar - sandhi, samas, pratyay, vibhakti (Q12, Q13): 9 of 100 marks
UP Board Class 12 Hindi Question Paper Analysis Video
Source: SKM study
How to Use the UP Board Hindi Question Paper for Practice
Treat this Set 301 BG paper as a timed mock before you check the solutions.
- Attempt all 14 questions in 3 hours 15 minutes under exam conditions first
- For every question offering an "अथवा" (OR) alternative, practise both options, not just the one you'd normally pick
- Revise all six khand-kavya (खण्डकाव्य) titles even though this set only asks about one, since a different set could ask about any of them
- Review each answer against the step-by-step solution PDF, not just the final answer
UP Board Class 12 Hindi Student Reactions 2026
- Reactions to this paper were mixed - the MCQ and grammar sections felt straightforward for students who had revised the textbook thoroughly, while the two long comprehension passages needed careful time management
UP Board Class 12 Hindi 2026 Question Paper FAQs
Ques. When was the UP Board Class 12 Hindi 2026 exam conducted?
Ans. UPMSP conducted the UP Board Class 12 Hindi 2026 exam on February 18, 2026, as part of the intermediate exams that ran from February 18 to March 12, 2026.
Ques. How many questions are there in the UP Board Class 12 Hindi 2026 paper, and is there any choice?
Ans. The paper has 14 questions worth 100 marks across two sections. Most of the short-answer, khand-kavya, kahani and translation questions offer an "अथवा" (OR) alternative - you only need to attempt one from each pair.
Ques. What is the marking scheme for UP Board Class 12 Hindi 2026?
Ans. The paper carries 100 marks in 3 hours 15 minutes across MCQs, comprehension passages, khand-kavya and kahani answers, an essay, and Sanskrit translation and grammar questions.
Ques. Which sections had the highest weightage in UP Board Class 12 Hindi 2026 Set 301 BG?
Ans. The two comprehension passages (Q3, Q4) carried the most marks at 20 of 100 combined, followed by Sanskrit translation (Q8) at 14 marks and the author/poet life sketches (Q5) at 10 marks.
Ques. Where can I download the UP Board Class 12 Hindi 2026 question paper with solutions PDF for free?
Ans. You can download both the question paper and the full step-by-step solutions PDF for Set 301 BG from the table at the top of this page, for free.








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