CBSE Class 10 Hindi B Set 3 - (4/4/3) Question Paper 2026 with Solution PDF is now available for download. CBSE conducted Class 10 Hindi B exam on March 2, 2026 from 10:30 AM to 1:30 PM.
CBSE Class 10 Hindi B paper is of 100 marks, divided into 80 marks theory paper and 20 marks internal assessment. The question paper consists of 4 sections - Reading Comprehension, Writing Skills, Grammar and Literature.
CBSE Class 10 Hindi B Set 3- (4/4/3) Question Paper 2026 with Solution PDF
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CBSE Class 10 Hindi B 2026 Set 3 (4/4/3) Questions with Solutions
Comprehension:
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
विश्व में जल-संकट बड़ी समस्या बन चुकी है। इससे हर साल करोड़ों लोग प्रभावित होते हैं। गर्मियों में यह संकट और बढ़ जाता है। गाँवों से महानगरों तक पानी के लिए त्राहि-त्राहि मचने लगती है। यह संकट न केवल ग्रामीण और शहरी आबादी के लिए गंभीर चुनौती है बल्कि कृषि पर भी इसका व्यापक प्रभाव पड़ रहा है। लगातार गिरता भू-जल स्तर, जल संसाधनों की बर्बादी, बढ़ती जनसंख्या और जलवायु परिवर्तन इस संकट को और विकराल बना रहे हैं। अगर समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
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जल-संकट गहराने के कई कारण हैं। हमें पता है कि पानी सीमित है, फिर भी उसे बूँद-बूँद बचाने के बजाए हम उसे व्यर्थ बहा रहे हैं। विश्व की तेजी से बढ़ती आबादी के कारण पानी की माँग बढ़ती जा रही है लेकिन जल संसाधनों का उतनी ही अधिक तेजी से क्षय हो रहा है। कृषि, उद्योग और घरेलू उपयोग के लिए भू-जल का अत्यधिक दोहन किया जा रहा है, जिससे भू-जल का स्तर गिरता जा रहा है। नदियों, झीलों और भू-जल में औद्योगिक कचरे, रसायनों और प्लास्टिक के बढ़ते स्तर के कारण पीने योग्य पानी की लगातार कमी आ रही है।
निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यान से पढ़िए और उचित विकल्प का चयन कर लिखिए :
कथन : भूमिगत जल के प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ा है।
कारण : जल के विविध स्रोतों को संरक्षित एवं सुरक्षित रखने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
विश्व में पानी की माँग दिनोंदिन क्यों बढ़ रही है?
जल-संकट गहराने के प्रमुख कारण नहीं हैं।
‘पानी को बूँद-बूँद बचाने के बजाए हम उसे व्यर्थ कर रहे हैं।’ कथन का आशय स्पष्ट कीजिए।
पेय जल की उपलब्धता में निरंतर गिरावट क्यों आ रही है?
Comprehension:
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
फ्रैंकलिन का प्रसिद्ध कथन है – ‘वक्त को बरबाद न करो क्योंकि जीवन इसी से बना है।’ समय ही जीवन है। जो अवसरों और संभावनाओं से भरा हुआ है।
जो बुद्धिमानी से इसका उपयोग करते हैं, वे सफलता की नींव रखते हैं, जबकि समय को व्यर्थ करने वाले अधूरे कार्यों और अपूर्ण लक्ष्यों के साथ रह जाते हैं। शास्त्रों में कहा गया है, ‘एक-एक पैसे को जोड़कर कोई धनी बनता है, और एक-एक क्षण का उपयोग करके कोई विद्वान।’ समय वास्तव में सीमित संसाधन है। जब हम किसी एक चीज के लिए ‘हाँ’ कहते हैं, तो किसी दूसरी चीज के लिए ‘ना’ कह रहे होते हैं।
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प्राचीन ज्ञान भी यही सिखाता है। अवसर को समय रहते पहचानो और उसका सदुपयोग करो। मानव जीवन एक दुर्लभ उपहार है। यही जीवन हमें विवेक देता है, जो लाभकारी और सुखद के बीच अंतर करने में सक्षम बनाता है। इसलिए हर क्षण का विवेकपूर्ण उपयोग आवश्यक है। जैसे विद्यार्थी परीक्षा के आने के ठीक पहले समय को अच्छी तरह समझकर पूरी निष्ठा से पढ़ाई करते हैं, वैसे ही हमें भी जीवन के हर क्षण को उद्देश्यपूर्ण बनाना चाहिए।हम अकसर कहते हैं, ‘काश मेरे पास और समय होता।’ यह सोच हमें थकान और असंतोष की ओर ले जाती है। साथ ही, हम एक तरह की नकारात्मकता से घिर जाते हैं। सच यह है कि हम सबको समान 24 घंटे मिलते हैं। फ़र्क सिर्फ इस बात से पड़ता है कि हम उनका उपयोग कैसे करते हैं।
विद्वानों ने सिखाया कि सफलता उन्हीं को मिलती है, जो अपने समय को केवल सबसे महत्त्वपूर्ण कार्यों में निवेश करते हैं। प्रकृति हमें हर दिन समय का समान उपहार देती है। समय की कद्र कीजिए, घड़ी की सूइयों की फुसफुसाहट को सुनिए और उसके संकेतों को समझिए। जो लोग हर क्षण को सार्थक बनाते हैं, वे ही जीवन में संतोष और सफलता का सच्चा संतुलन पाते हैं।
निम्नलिखित कथन और कारण पर विचार करते हुए उपयुक्त विकल्प चुनिए :
कथन : समय के सदुपयोग का सफलता से गहरा नाता है।
कारण : सफलता उन्हीं को मिलती है, जो अपने समय को सबसे महत्त्वपूर्ण कार्यों में निवेश करते हैं।
गद्यांश के आधार पर लिखिए कि जो व्यक्ति समय का सदुपयोग करते हैं, उनका जीवन कैसा होता है?
(I) सफल
(II) व्यस्त
(III) सार्थक
(IV) अनियमित
‘काश मेरे पास और समय होता।’ ऐसी सोच किस प्रकार के व्यक्तियों की होती है?
समय को व्यर्थ गँवाने के क्या परिणाम होते हैं?
हर क्षण का विवेकपूर्ण उपयोग क्यों आवश्यक है?
दूसरों की सहायता करने वाले आप महान हैं। – वाक्य में से सर्वनाम पदबंध छाँटकर लिखिए।
हम सबको एड़ियों पर अकड़कर चलना अच्छा लगता था। – रेखांकित पदबंध का भेद लिखिए।
उसके साहसिक कारनामें आसपास के गाँवों में काफी चर्चित थे। – वाक्य में रेखांकित पदबंध का भेद लिखिए।
उसके पिता की प्रत्येक तीन वर्ष पर बदली होती रहती थी। वाक्य में रेखांकित पदबंध का भेद बताते हुए कारण भी स्पष्ट कीजिए।
वे सरल हृदय व्यक्ति थे। – रेखांकित पदबंध का भेद लिखिए।
क्योंकि गांधी जी व्यावहारिकता की कीमत को भी पहचानते थे इसलिए वे अपने विलक्षण आदर्श को चला सके। – रचना की दृष्टि से वाक्य-भेद लिखिए।
टोपी एक कोने में बैठकर रोने लगा। – संयुक्त वाक्य में रूपांतरित करके लिखिए।
उसकी योजना किसी तरह नेपाल पहुँचने की है। – मिश्र वाक्य में रूपांतरित करके लिखिए।
पहले दस-पंद्रह मिनट तो मैं उलझन में पड़ा रहा। – रचना की दृष्टि से वाक्य-भेद लिखिए।
मुझे अच्छी तरह पता है कि वह इन्हीं जंगलों में है। – सरल वाक्य में रूपांतरित करके लिखिए।
‘दाल-भात’ द्वंद्व समास का उदाहरण है, कैसे?
लोग डरकर अपने-अपने पूजा-स्थलों में प्रार्थना करने लगे। – रेखांकित पद का समास-विग्रह कीजिए और समास का नाम लिखिए।
पंचानन पद समास के किस भेद का उदाहरण है?
नियम के अनुसार ही कार्य करो। – रेखांकित पदों के लिए उपयुक्त समस्तपद और समास के भेद का नाम लिखिए।
‘कर्मधारय समास’ का एक उदाहरण देकर उसका समास-विग्रह भी लिखिए।
‘सिर आँखों पर बिठाना’ – मुहावरे का अर्थ लिखिए और मुहावरे का वाक्य में प्रयोग कीजिए।
‘महंत जी को लग रहा था कि हरिहर ________ गया है।’ – रिक्त स्थान की पूर्ति उपयुक्त मुहावरे से कीजिए।
‘सिर पर नंगी तलवार लटकना’ मुहावरे का वाक्य में इस तरह प्रयोग कीजिए कि अर्थ स्पष्ट हो जाए।
‘बिना परिश्रम के ही सफलता मिल जाना’ – अर्थ को व्यक्त करने वाला एक उपयुक्त मुहावरा लिखिए।
‘चकरा जाना’ और ‘चक्कर में पड़ना’ का अर्थ लिखकर इन दोनों मुहावरों में अंतर स्पष्ट कीजिए।
Comprehension:
निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त विकल्पों का चयन कीजिए :
गिरि का गौरव गाकर झर-झर
मद में नस-नस उत्तेजित कर
मोती की लड़ियों-से सुंदर
झरते हैं झाग भरे निर्झर!
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गिरिवर के उर से उठ-उठकरउच्चाकांक्षाओं से तरुवर
हैं झाँक रहे नीरव-नभ पर
अनिमेष, अटल, कुछ चिंतापर।
‘अनिमेष’ का अर्थ नहीं है
पद्यांश में किसकी तुलना मोती की लड़ियों से की गई है?
‘नीरव-नभ’ का आशय है
पेड़ ‘चिंतापर’ क्यों दिखाई दे रहे हैं?
निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए विकल्पों के सही उत्तर चुनकर लिखिए :
कथन : एकाग्रता, अटल विश्वास और लक्ष्य पर दृष्टि सफल होने के सहायक तत्त्व हैं।
कारण : जीवन में सफलता बिना प्रयास के भाग्य से स्वयं ही प्राप्त हो जाती है।
‘मनुष्यता’ कविता के आधार पर लिखिए कि ‘अखंड आत्म भाव’ रखने के क्या लाभ हैं?
‘साखी’ में कबीर ने प्रभु प्राप्ति में सबसे बड़ी बाधा किसे और क्यों बताया है?
‘आत्म त्राण’ कविता के संदर्भ में लिखिए कि संकट में अपनों का साथ न मिलने तथा उनसे छले जाने पर भी कवि संकट का सामना कैसे करना चाहता है?
‘कर चले हम फ़िदा’ कविता से उद्धृत ‘राम भी तुम, तुम्हीं लक्ष्मण साथियों’ पंक्ति का आशय स्पष्ट कीजिए।
Comprehension:
निम्नलिखित पठित गद्यांश पर आधारित बहुविकल्पी प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :
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पंछी, मानव, पशु, नदी, पर्वत, समंदर आदि की इसमें बराबर की हिस्सेदारी है। यह और बात है कि इस हिस्सेदारी में मानव जाति ने अपनी बुद्धि से बड़ी-बड़ी दीवारें खड़ी कर दी हैं। पहले पूरा परिवार एक परिवार के समान था, अब टुकड़ों में बँटकर एक दूसरे से दूर हो चुका है। पहले बड़े-बड़े दालानों-आँगनों में सब मिलजुलकर रहते थे, अब छोटे-छोटे डिब्बे जैसे घरों में जीवन सिमटने लगा है। बढ़ती हुई आबादियों ने समंदर को पीछे सरकाना शुरू कर दिया है, पेड़ों को रास्तों से हटाना शुरू कर दिया है, फैलते हुए प्रदूषण ने पंछियों को बस्तियों से भगाना शुरू कर दिया है। बारूद की विनाशलीलाओं ने वातावरण को सताना शुरू कर दिया। अब गरमी में ज़्यादा गरमी, बेवक्त की बरसातें, ज़लज़ले, सैलाब, तूफ़ान और नित नए रोग, मानव और प्रकृति के इसी असंतुलन के परिणाम हैं। नेचर की सहनशक्ति की एक सीमा होती है। नेचर के गुस्से का एक नमूना कुछ साल पहले बंबई में देखने को मिला था और यह नमूना इतना डरावना था कि बंबई निवासी डरकर अपने-अपने पूजा-स्थल में अपने खुदाओं से प्रार्थना करने लगे थे।अपनी बुद्धि से बड़ी-बड़ी दीवारें खड़ी कर देने का आशय है –
बंबई निवासी ईश्वर से प्रार्थना क्यों करने लगे?
निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए विकल्पों से सही उत्तर चुनकर लिखिए :
कथन : मानव और प्रकृति के बीच बढ़ते असंतुलन का मुख्य कारण मानव की बढ़ती स्वार्थपरता है।
कारण : बुद्धि के विकास ने ही मानव को अच्छे-बुरे का ज्ञान करवाया जिससे अंततः पर्यावरण सकारात्मक रूप से प्रभावित हुआ।
प्रकृति के असंतुलन का परिणाम नहीं है
‘पहले पूरा संसार एक परिवार के समान था’ – का भाव है
वामीरो के बार-बार इंकार और उपेक्षा के बाद भी तताँरा उससे अपना गाना पूरा करने का आग्रह करता रहा, यहाँ तक कि उसका रास्ता रोककर खड़ा हो गया। वर्तमान में यदि कोई ऐसा करे तो क्या आप उसे उचित मानेंगे?
‘गिन्नी का सोना’ पाठ पाठकों को एक जागरूक और सक्रिय नागरिक बनने की प्रेरणा देता है। कथन के पक्ष में अपने विचार लिखिए।
‘तीसरी कसम’ जैसी साहित्यिक और कलात्मक फ़िल्मों की व्यावसायिक सफलता संदिग्ध क्यों हो जाती है?
‘डायरी का एक पन्ना’ के आधार पर स्पष्ट कीजिए कि प्रतीकात्मक समारोह एवं घटनाएँ भी सच्ची भावनाओं को जन्म दे सकती हैं।
‘जिनसे अपनापन मिले, अपने वे ही होते हैं फिर चाहे वे अलग परिवार, जाति, धर्म के ही क्यों न हों।’ – ‘टोपी शुक्ला’ पाठ के आधार पर इस कथन के पक्ष में अपने विचार व्यक्त कीजिए।
‘सपनों के से दिन’ पाठ में लेखक और उन जैसे परिवारों की अपने बच्चों को पढ़वाने में अरुचि के क्या कारण रहे होंगे? क्या वर्तमान में भी बच्चों की पढ़ाई को लेकर समान दृष्टिकोण है? अपने विचार के पक्ष में तर्कपूर्ण उत्तर लिखिए।
ठाकुरबारी में महंत जी की नियुक्ति अस्थायी थी फिर भी उन्होंने हरिहर काका की ज़मीन को ठाकुर जी के नाम करवाने के लिए हर तरह के हथकंडे अपनाए। उनके द्वारा किए जाने वाले इन कृत्यों के पीछे के संभावित कारणों का उल्लेख कीजिए।
आप उत्कर्ष/प्रगति हैं। वर्तमान में तेज़ी से बदलते परिप्रेक्ष्य में किशोरों को आजीविका (करियर) संबंधी मार्गदर्शन की नितांत आवश्यकता है। इस विषय पर आधारित शृंखला शुरू किए जाने का निवेदन करते हुए दूरदर्शन निदेशालय को लगभग 80 शब्दों में एक ई-मेल लिखिए।
‘जाड़े की शाम थी। आज रोज़ की तुलना में कोहरा अधिक ही घना था। मैं अपनी नृत्य-कक्षा से लौट रहा था।’ …… – पंक्ति को आधार बनाकर लगभग 100 शब्दों में एक लघुकथा लिखिए।
निम्नलिखित विषय पर दिए गए संकेत-बिंदुओं के आधार पर लगभग 120 शब्दों में एक अनुच्छेद लिखिए :
परिश्रम सफलता की कुंजी है
संकेत बिंदु : सूक्ति का अर्थ • विद्यार्थी जीवन में महत्त्व • वर्तमान में इसकी आवश्यकता क्यों
निम्नलिखित विषय पर दिए गए संकेत-बिंदुओं के आधार पर लगभग 120 शब्दों में एक अनुच्छेद लिखिए :
भीड़ भरे बाज़ार का दृश्य
संकेत बिंदु : चारों तरफ लोगों की गरमागरमी • दुकानदारों की आवाज • खरीद-फरोख़्त करते लोग
निम्नलिखित विषय पर दिए गए संकेत-बिंदुओं के आधार पर लगभग 120 शब्दों में एक अनुच्छेद लिखिए :
ऑनलाइन भुगतान की सुविधा
संकेत बिंदु : भुगतान करने का नया तरीका • देश की अर्थव्यवस्था में सहायक • सावधानी अपेक्षित
निम्नलिखित विषय पर लगभग 100 शब्दों में औपचारिक पत्र लिखिए :
आप दसवीं कक्षा के विद्यार्थी शोभा/शोभित हैं। विद्यालय में योग की कक्षाओं की नियमित व्यवस्था हेतु प्रधानाचार्य को एक पत्र लिखिए।
निम्नलिखित विषय पर लगभग 100 शब्दों में औपचारिक पत्र लिखिए :
आप शोभा/शोभित हैं। अपने क्षेत्र में पेय जल के बढ़ते संकट की ओर ध्यान दिलाने के लिए किसी दैनिक समाचार-पत्र के संपादक को पत्र लिखिए।
निम्नलिखित विषय पर लगभग 40 शब्दों में विज्ञापन लिखिए :
‘स्वदेशी अपनाओ, आत्मनिर्भर बनो’ – स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग के प्रति जन-जागरूकता के लिए एक आकर्षक विज्ञापन तैयार कीजिए।
निम्नलिखित विषय पर लगभग 40 शब्दों में विज्ञापन लिखिए :
मिट्टी के बर्तन बनाने वाली कंपनी ‘विरासत’ की ओर से अपने उत्पादों की जानकारी देने तथा बिक्री बढ़ाने के लिए एक आकर्षक विज्ञापन तैयार कीजिए।
निम्नलिखित विषय पर लगभग 60 शब्दों में सूचना लिखिए :
आप स्वयंसेवी संस्था ‘रोशनी’ की/के अध्यक्ष प्रणीति/प्रणीष हैं। ‘विश्व तंबाकू निषेध दिवस’ के अवसर पर मादक द्रव्यों से होने वाले नुकसान के प्रति आम लोगों को जागरूक करने के लिए संस्था द्वारा एक कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। जन साधारण को इस बात की जानकारी देने के लिए एक सूचना तैयार कीजिए।
निम्नलिखित विषय पर लगभग 60 शब्दों में सूचना लिखिए :
आप अ.ब.स. विद्यालय के वरिष्ठ विज्ञान अध्यापिका/अध्यापक प्रणीति/प्रणीष हैं। आपके विद्यालय में ‘राष्ट्रीय विज्ञान दिवस’ के अवसर पर विज्ञान मेले का आयोजन होने वाला है। इस बारे में सभी विद्यार्थियों को जानकारी देने के लिए एक सूचना तैयार कीजिए।








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