CBSE conducted the Class 12 Hindi Core exam on February 19, 2024, from 10:30 AM to 1:30 PM. The CBSE Class 12 Hindi Core Question Paper 2024 Set 2 (2/4/2) with solutions is available for download here. The official CBSE question paper, the Collegedunia question paper PDF and the Collegedunia PDF with detailed solutions are given below.
Also Check: CBSE Class 12 Question Paper 2024 (All Subjects)
The question paper has 14 questions, all compulsory, for 80 marks in 3 hours, with 15 minutes of reading time:
- Section A (Khand A) has objective (multiple choice) questions for 40 marks
- Section B (Khand B) has descriptive questions for 40 marks
- The unseen passages (poetry and prose), the textbooks Aroh and Vitan and Abhivyakti aur Madhyam are covered
- Questions of both sections must be answered
- Internal choice is given in Section B
CBSE Class 12 Hindi Core Set 2 - (2/4/2) Question Paper 2024 with Solution PDF
| CBSE Official PDF | CD PDF | CD PDF with Solutions |
|---|---|---|
| Download official PDF 0.17 MB | Download Collegedunia PDF 0.35 MB | Download solutions PDF 0.32 MB |
CBSE Class 12 Hindi Core 2024 Set 2 (2/4/2) Questions with Solutions
Comprehension:
अकेलेपन से जो लोग दुखी हैं,
वृत्तियाँ उनकी
निश्चय ही, बहिर्मुखी हैं।
सृष्टि से बाँधने वाला तार
उनका टूट गया है;
असली आनन्द का आधार
छूट गया है।
उद्गम से छूटी हुई नदियों में ज्वार कहाँ ?
जड़-कटे पौधों में जीवन की धार कहाँ ?
तब भी, जड़-कटे पौधों के ही समान
रोते हैं ये उखड़े हुए लोग बेचारे;
जीना चाहते हैं भीड़-भम्भड़ के
Read More
सहारे।भीड़, मगर, टूटा हुआ तार
और तोड़ती है
कटे हुए पौधों की
जड़ नहीं जोड़ती है।
बाहरी तरंगों पर जितना ही फूलते हैं;
हम अपने को उतना ही और भूलते हैं।
जड़ जमाना चाहते हो
तो एकान्त में जाओ;
अगम-अज्ञात में अपनी सोरें फैलाओ।
अकेलापन है राह
अपने आपको पाने की;
जहाँ से तुम निकल चुके हो,
उस घर में वापस जाने की।
वृत्तियाँ उनकी, निश्चय ही बहिर्मुखी हैं – पंक्ति के संदर्भ में ‘वृत्ति’ का अर्थ है –
‘उद्गम से छूटी हुई नदियों में ज्वार कहाँ ?’ – पंक्ति से अभिप्राय है –
‘बाहरी तरंगों पर जितना ही फूलते हैं’ – पंक्ति में ‘बाहरी तरंग’ से आशय है –
‘जड़ जमाना चाहते हो, तो एकान्त में जाओ’ – इन पंक्तियों में ‘जड़ जमाना’ से अभिप्राय है –
Comprehension:
प्रगति मैदान में बहुत से मेले लगते हैं, लेकिन विश्व पुस्तक मेला का अपना आनंद है। यह मेला नहीं, पुस्तकों के साथ जीने, उन्हें महसूस करने का उत्सव है। बीते तीन दशकों से, जब से सूचना प्रौद्योगिकी का प्रादुर्भाव हुआ है, मुद्रण तकनीक से जुड़े लोग इसी भय में जीते रहे हैं कि कहीं कंप्यूटर, टी.वी., सी.डी. की दुनिया छपे हुए अक्षरों को अपनी बहुरंगी चकाचौंध में उदरस्थ न कर ले। जैसे-जैसे चिंताएँ बढ़ी, पुस्तकों का बाजार भी बढ़ता गया। उसे बढ़ना ही था – आखिर साक्षरता दर बढ़ रही है, ज्ञान पर आधारित जीविकोपार्जन करने वालों की संख्या बढ़ रही है। पुस्तकें इंसान को वैचारिक और मानसिक दुविधाओं के प्रश्नों का विकल्प देती हैं।
असल में विश्व पुस्तक मेला सिर्फ किताब खरीदने-बेचने की जगह नहीं है। यह पुस्तक प्रेमियों की जरूरत को एक स्थान पर पूरा करने का केवल बाजार नहीं है क्योंकि केवल पुस्तक खरीदने के लिए तो दर्जनों वेबसाइट उपलब्ध हैं, जो घर बैठे किताबें पहुँचा देती हैं, बल्कि एक उत्सव है। दरअसल, पुस्तक भी इंसानी प्यार की तरह होती है, जिससे जब तक बात न करो, सामने न हो, स्पर्श न करो, अपनत्व का अहसास नहीं होता। फिर, तुलनात्मकता के लिए एक ही स्थान पर एक साथ इतने सजीव
Read More
उत्पाद मिलना एक बेहतर प्रचार का विकल्प और मनोवृत्ति भी है। पुस्तक मेला एक त्योहार है, पाठकों, लेखकों, व्यापारियों, बच्चों का। हर दिन कई सौ पुस्तकों का लोकार्पण, बीस-पच्चीस गोष्ठी-विमर्श, दस-पंद्रह लेखकों से बातचीत के सत्र और बच्चों की गतिविधियाँ। ढेर सारे विचार, मतांतर एक ही छत के नीचे, पर सभी का एक ही लक्ष्य, ज्ञान को विस्तार मिले।दिन चढ़ते ही लोग कंधे छीलती भीड़ में उचक-उचक कर लेखकों को पहचानने का प्रयास करते हैं। कहीं कविता पाठ चलता है, तो कहीं पर व्यंग्य और कहानी पेश करने का आयोजन। इस मेले की खासियत यह भी है कि दूर-दराज से आए और नए लेखक अपनी पांडुलिपियाँ लेकर प्रकाशकों को तलाशते दिखते हैं। विदेशी मंडप में भले ही अधिकांश पुस्तकें केवल प्रदर्शन के लिए होती हैं, लेकिन कुछ लोग इनसे प्रेरणा प्राप्त करते भी दिखाई देते हैं। बच्चों की नैसर्गिक रचनात्मक क्षमता को बढ़ावा देने के लिए बाल मंडप एक महत्त्वपूर्ण आकर्षण होता है। पुस्तक मेला में दिल और दिमाग, दोनों पुस्तक के साथ धड़कते-मचलते हैं, तभी तो यह मेला नहीं हैं, आनंदोत्सव है। पुस्तकों का वसंतोत्सव है, जो आश्वस्त करता है कि मुद्रित शब्दों की शक्ति, सहकार और सौंदर्य अब भी विद्यमान है।
सूचना प्रौद्योगिकी के प्रादुर्भाव से किस क्षेत्र के लोगों को अधिक चिंता होने लगी ?
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
(I) पुस्तक मेले में सितारों और चित्रकारों से मिलने का अवसर प्राप्त होता है।
(II) सैकड़ों पुस्तकों का लोकार्पण और लेखकों के साथ विचार-विमर्श करने का अवसर प्राप्त होता है।
(III) अलग-अलग मत के लोग एक छत के नीचे खड़े होकर चर्चा करते हैं।
(IV) पुस्तक मेले में घूमने-फिरने और मित्र बनाने का अवसर मिलता है।
गद्यांश के अनुसार कौन-सा/कौन-से कथन सही है/हैं ?
गद्यांश में पुस्तक मेले को लेखक ने ‘आनंदोत्सव’ की संज्ञा दी है, क्योंकि –
गद्यांश में आई “कंप्यूटर, टी.वी., सी.डी. की दुनिया छपे हुए अक्षरों को अपनी बहुरंगी चकाचौंध में उदरस्थ न कर ले।” – पंक्ति का आशय है –
निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए और सही विकल्प चुनकर लिखिए :
कथन : विश्व पुस्तक मेला सिर्फ किताब खरीदने और बेचने की जगह नहीं है।
कारण : आज किताब खरीदने-बेचने के लिए दर्जनों वेबसाइट उपलब्ध हैं।
Comprehension:
उहाँ राम लछिमनहि निहारी। बोले बचन मनुज अनुसारी।।
अर्ध राति गइ कपि नहिं आयउ। राम उठाइ अनुज उर लायऊ।।
सकहु न दुखित देखि मोहि काऊ। बंधु सदा तव मृदुल सुभाऊ।।
मम हित लागि तजेहु पितु माता। सहेहु बिपिन हिम आतप बाता।।
सो अनुराग कहाँ अब भाई। उठहु न सुनि मम बच बिकलाई।।
‘सकहु न दुखित ......... मृदुल सुभाऊ’ चौपाई के आधार पर लक्ष्मण के स्वभाव की विशेषताएँ हैं –
‘सो अनुराग कहाँ अब भाई’ पंक्ति द्वारा राम लक्ष्मण के हृदय में विद्यमान किस भाव की ओर संकेत कर रहे हैं ?
लक्ष्मण के हृदय में राम के प्रति अगाध प्रेम को व्यक्त करने वाली पंक्ति है –
Comprehension:
क्या-क्या सामान बाँध लें, जिससे मुझे वहाँ किसी प्रकार की असुविधा न हो सके। ऐसी यात्रा में किसी को किसी के साथ जाने का अधिकार नहीं, यह आश्वासन भक्तिन के लिए कोई मूल्य नहीं रखता। वह मेरे न जाने की कल्पना से इतनी प्रसन्न नहीं होती, जितनी अपने साथ न जा सकने की संभावना से अपमानित। भला ऐसा अंधेर हो सकता
Read More
है। जहाँ मालिक वहाँ नौकर – मालिक को ले जाकर बंद कर देने में इतना अन्याय नहीं; पर नौकर को अकेले मुक्त छोड़ देने में पहाड़ के बराबर अन्याय है। ऐसा अन्याय होने पर भक्तिन को बड़े लाट तक लड़ना पड़ेगा। किसी की माई यदि बड़े लाट तक नहीं लड़ी, तो नहीं लड़ी; पर भक्तिन का तो बिना लड़े काम ही नहीं चल सकता।‘ऐसी यात्रा में किसी को किसी के साथ जाने का अधिकार नहीं।’ पंक्ति में प्रयुक्त ‘ऐसी यात्रा’ से क्या अभिप्राय है ?
‘क्या-क्या ...... असुविधा न हो सके।’ – इस वाक्य से महादेवी जी के प्रति भक्तिन की किस भावना का पता चलता है ?
यशोधर बाबू बच्चों की तरक्की की खुशी को भी ‘समहाउ इंप्रापर’ क्यों अनुभव करते थे ?
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
(I) किशनदा ने यशोधर बाबू को नौकरी दिलवाई और जीवन में मार्गदर्शन किया।
(II) यशोधर बाबू का दैनिक खर्च नगण्य था इसलिए उनके बटुए में पैसे कम होते थे।
(III) दफ़्तर से लौटते हुए बिड़ला मंदिर जाना उन्होंने किशनदा से सीखा था।
(IV) यशोधर बाबू का मानना था काम तो सब अपने हाथ से ही ठीक रहता है।
‘सिल्वर वैडिंग’ कहानी के अनुसार उपर्युक्त में से कौन-सा/कौन-से कथन सही है/हैं ?
मुअनजो-दड़ो की खुदाई में मिले कोठार का उपयोग अनाज संग्रह के लिए किया जाता होगा। इस विश्वास का आधार है –
“अब तू ही बता, मैं का करूँ ?” – इस कथन से आनंदा की माँ के चरित्र की कौन-सी विशेषता प्रकट होती है ?
‘उस चक्की की अपेक्षा मास्टर की छड़ी की मार अच्छी लगती थी।’ – इस वाक्य में किस चक्की की ओर संकेत किया गया है ?
‘अतीत में दबे पाँव’ पाठ के संदर्भ में निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए और सही विकल्प चुनकर लिखिए :
कथन : देखना अपनी आँख से देखना है। बाकी सब आँख का झपकना है।
कारण : यथार्थ का अनुभव स्वयं किया जा सकता है, कहना-सुनना केवल दिखावा मात्र है।
‘अतीत में दबे पाँव’ पाठ से उद्धृत ‘रेगिस्तान के जहाज से हवा के जहाज का यह ऐतिहासिक गठजोड़ है।’ – कथन का अभिप्राय है –
रमेश को हिन्दी भाषा के शब्दों को समझने में कठिनाई का अनुभव होता है इसीलिए संचार के निम्नलिखित माध्यमों में से उसके लिए कौन-सा माध्यम उपयुक्त रहेगा ?
टी.वी. पर एंकर द्वारा रिपोर्टर से मिली जानकारी के आधार पर सूचनाएँ देना कहलाता है –
किसी भी क्षेत्र में हो रहे भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और गड़बड़ियों को उजागर करने के लिए तैयार की गई रिपोर्ट कहलाएगी –
उलटा पिरामिड शैली की लोकप्रियता के संदर्भ में कौन-सा/कौन-से कथन सही है/हैं, उचित विकल्प चुनकर लिखिए :
(I) समाचार लेखन की सबसे लोकप्रिय, उपयोगी और बुनियादी शैली है।
(II) इस शैली में सबसे महत्त्वपूर्ण तथ्य या सूचना पिरामिड के निचले हिस्से में होती है।
(III) लेखन और संपादन की सुविधा के कारण यह समाचार लेखन की मानक शैली है।
(IV) इस शैली का आरम्भ द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान हुआ।
काव्य-खंड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए :
‘मैं फूट पड़ा तुम कहते छंद बनाना’ – ‘आत्मपरिचय’ कविता से ली गई इस पंक्ति का आशय स्पष्ट कीजिए।
काव्य-खंड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए :
‘कविता के बहाने’ कविता से ली गई पंक्ति ‘सब घर एक कर देने के माने’ – का आशय कविता और बच्चों के संदर्भ में स्पष्ट कीजिए।
काव्य-खंड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए :
‘बात सीधी थी पर’ कविता के आधार पर लिखिए कि ‘कील की तरह ठोकना’ का क्या अर्थ है ? कवि ने अपनी बात को कील की तरह क्यों ठोक दिया ?
काव्य-खंड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 40 शब्दों में दीजिए :
‘कैमरे में बंद अपाहिज’ कविता में मीडियाकर्मियों को धुर संवेदनहीन व्यक्तियों के रूप में प्रस्तुत किया गया है, क्या वास्तव में हमारा समाज इतना ही संवेदनहीन हो गया है, या उसका कोई उज्ज्वल पक्ष भी है ? तर्कपूर्ण उत्तर दीजिए।
काव्य-खंड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 40 शब्दों में दीजिए :
‘बादल राग’ कविता के आधार पर लिखिए कि विप्लवी बादल की युद्ध रूपी नौका में क्या-क्या भरा हुआ है ? इसकी क्या विशेषता है ? स्पष्ट कीजिए।
काव्य-खंड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 40 शब्दों में दीजिए :
‘रुबाइयाँ’ शीर्षक से ली गई ‘घुटनियों में लेके है पिन्हाती कपड़े’ – पंक्ति के आधार पर माँ की विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
गद्य खंड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए :
“मन लक्ष्य से भरा हो तो बाजार भी फैला का फैला ही रह जाएगा।” ‘बाजार दर्शन’ पाठ के संदर्भ में इस कथन का आशय स्पष्ट कीजिए।
गद्य खंड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए :
‘काले मेघा पानी दे’ पाठ में लेखक ने लोक प्रचलित विश्वास और विज्ञान के द्वंद्व को पानी के संदर्भ में किस प्रकार रचा है ? स्पष्ट कीजिए।
गद्य खंड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए :
‘शिरीष के फूल’ पाठ में लेखक द्वारा शिरीष, अवधूत और गाँधी जी को समानांतर किस आधार पर रखा गया है ? तर्कपूर्ण उत्तर दीजिए।
गद्य खंड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 40 शब्दों में दीजिए :
लुट्टन सिंह के पक्ष में न तो राजमत था और न ही बहुमत, फिर भी उसे कुश्ती में विजय कैसे प्राप्त हुई ? ‘पहलवान की ढोलक’ पाठ के आधार पर लिखिए।
गद्य खंड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 40 शब्दों में दीजिए :
श्रम विभाजन और श्रमिक विभाजन का अंतर ‘श्रम विभाजन और जाति प्रथा’ पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
गद्य खंड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 40 शब्दों में दीजिए :
‘मेरी कल्पना का आदर्श समाज’ पाठ के आधार पर लिखिए कि लोकतंत्र से क्या अभिप्राय है।
निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के लगभग 40 शब्दों में उत्तर दीजिए :
‘अभी तुम्हारे अब्बा की इतनी साख है कि सौ रुपए उधार ले सके।’ – यह कथन यशोधर बाबू द्वारा किन परिस्थितियों में कहा गया ? स्पष्ट कीजिए।
निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के लगभग 40 शब्दों में उत्तर दीजिए :
‘प्रोत्साहन से आत्मविश्वास को दृढ़ता मिलती है।’ – ‘जूझ’ कहानी के आधार पर इस कथन को सिद्ध कीजिए।
निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के लगभग 40 शब्दों में उत्तर दीजिए :
साधन संपन्न, समृद्ध सभ्यता होते हुए भी सिंधु घाटी सभ्यता की संपन्नता की बात इतिहास में कम क्यों हुई है ?
निम्नलिखित विषयों में से किसी एक विषय पर लगभग 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए :
जीवन में सदाचार का महत्त्व
निम्नलिखित विषयों में से किसी एक विषय पर लगभग 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए :
सौर ऊर्जाः ऊर्जा का अक्षय स्रोत
निम्नलिखित विषयों में से किसी एक विषय पर लगभग 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए :
रेल की खिड़की से बाहर का दृश्य
निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के लगभग 60 शब्दों में उत्तर लिखिए :
समाचार पत्र-पत्रिका के संदर्भ में लेख से क्या तात्पर्य है ? लेख लिखते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए ?
निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के लगभग 60 शब्दों में उत्तर लिखिए :
पत्रकारीय लेखन का संबंध किससे है और यह साहित्यिक और सृजनात्मक लेखन से अलग कैसे है ?
निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के लगभग 60 शब्दों में उत्तर लिखिए :
मीडिया की भाषा में ‘बीट’ किसे कहते हैं ? बीट रिपोर्टर बनने के लिए एक पत्रकार में क्या योग्यता होनी चाहिए ?
मुद्रित माध्यमों में पढ़ी हुई कहानी की तुलना में दृश्य माध्यम पर देखी गई कहानी को लोग देर तक क्यों याद रखते हैं ?
“कैमरे में बंद अपाहिज” कविता के आधार पर शारीरिक चुनौती झेलने वाले व्यक्ति और दूरदर्शन कर्मी के बीच हुए संवाद के दृश्य को लगभग 40 शब्दों में लिखिए।
रेडियो नाटक की कहानी पूरी तरह एक्शन (क्रिया) प्रधान क्यों नहीं होनी चाहिए ?
CBSE Class 12 Hindi Core Question Paper Pattern 2024
The CBSE Class 12 Hindi Core 2024 theory paper is of 80 marks and has 14 questions, all compulsory, in two sections (Khand): Section A has objective (multiple choice) questions for 40 marks and Section B has descriptive questions for 40 marks. The time allowed is 3 hours, with 15 minutes of extra reading time. Internal choice is given in Section B. The table below gives the paper pattern from the official CBSE question paper.
| Section | Question Type | Attempt | Marks |
|---|---|---|---|
| Section A - Objective (Multiple Choice) Questions | Unseen poetry passage: five MCQs (1 mark each) | All compulsory | 5 |
| Unseen prose passage: ten MCQs (1 mark each) | All compulsory | 10 | |
| Textbook MCQs (Aroh Part 2 and Vitan Part 2): ten MCQs (1 mark each) | All compulsory | 10 | |
| Poetry extract (Aroh): five MCQs (1 mark each) | All compulsory | 5 | |
| Prose extract (Aroh / Vitan): five MCQs (1 mark each) | All compulsory | 5 | |
| Abhivyakti aur Madhyam (media): five MCQs (1 mark each) | All compulsory | 5 | |
| Section B - Descriptive Questions | Creative writing, about 120 words (1 topic out of 3, 6 marks) | 1 out of 3 | 6 |
| Two short-answer questions, about 40 words (2 marks each), each with an internal choice | Both, with choice | 4 | |
| Media writing questions, about 60 words (3 marks each) | 2 out of 3 | 6 | |
| Poetry questions, about 40 words (2 marks each) | 2 out of 3 | 4 | |
| Poetry questions, about 60 words (3 marks each) | 2 out of 3 | 6 | |
| Prose questions, about 60 words (3 marks each) | 2 out of 3 | 6 | |
| Prose questions, about 40 words (2 marks each) | 2 out of 3 | 4 | |
| Vitan questions, about 40 words (2 marks each) | 2 out of 3 | 4 | |
| Total | 14 questions | 80 |
CBSE Class 12 Hindi Core Unit-Wise Weightage
| Unit | Marks |
|---|---|
| Apathit Bodh (unseen comprehension: one poetry and one prose passage) | 15 |
| Abhivyakti aur Madhyam (textbook) | 21 |
| Aroh Part 2 and Vitan Part 2 (textbooks) | 44 |
| Theory Paper | 80 |
| Internal Assessment | 20 |
| Grand Total | 100 |








Comments