CBSE conducted the Class 12 Hindi Core exam on February 19, 2024, from 10:30 AM to 1:30 PM. The CBSE Class 12 Hindi Core Question Paper 2024 Set 2 (2/5/2) with solutions is available for download here. The official CBSE question paper, the Collegedunia question paper PDF and the Collegedunia PDF with detailed solutions are given below.
Also Check: CBSE Class 12 Question Paper 2024 (All Subjects)
The question paper has 14 questions, all compulsory, for 80 marks in 3 hours, with 15 minutes of reading time:
- Section A (Khand A) has objective (multiple choice) questions for 40 marks
- Section B (Khand B) has descriptive questions for 40 marks
- The unseen passages (poetry and prose), the textbooks Aroh and Vitan and Abhivyakti aur Madhyam are covered
- Questions of both sections must be answered
- Internal choice is given in Section B
CBSE Class 12 Hindi Core Set 2 - (2/5/2) Question Paper 2024 with Solution PDF
| CBSE Official PDF | CD PDF | CD PDF with Solutions |
|---|---|---|
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CBSE Class 12 Hindi Core 2024 Set 2 (2/5/2) Questions with Solutions
Comprehension:
शब्द तो आए बहुत बाद में
संख्याएँ हमारे साथ जन्म से ही हैं
गर्भ में जब
निर्माण हो रहा था हमारी हड्डियों का
रक्तकणों और कोशिकाओं का
साथ-साथ संख्याएँ भी निर्मित होती जा रही थीं
एक हमारी देह की इकाई की वो संख्या है
जिसमें समाहित हैं सारी संख्याएँ
दो आँखों में स्थित है दो
तीन है उँगलियों के तीन जड़ों में,
हृदय के हिस्से हैं चार
और पाँच का निवास
पाँच उँगलियों में है
आगे की सारी संख्याओं को
देह में तलाशना बहुत मज़ेदार खेल है
नौ को तो अमर कर गए कबीर
कि नौ द्वारे का पिंजरा ता में पंछी पौन……
मुझे तो बहुत चकित करती है यह बात
कि
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देह की संख्याएँ आठ की संख्या निर्धारित करती हैक्योंकि आठ तरह से ही मुड़ती है यह देह
इसीलिए तो कृष्ण कहलाते हैं अष्टावक्र
सात रंग दिखते हैं आँखों को
और जीभ छह तरह के स्वादों को पहचानती है
इसीलिए तो भोजन को कहा गया षट्रस
देखिए एक से बना कैसा प्यारा शब्द
एका
एक जो दूसरे के बिना रह नहीं सकता
जिसके बिना संभव नहीं थी
इस दुनिया की शुरुआत
मैंने तो शुरू में ही कही थी यह बात
कि संख्याएँ शब्दों की पूर्वज हैं
शब्द तो आए बहुत बाद में
और आते ही चले जा रहे हैं
जबकि संख्याएँ सबकी सब आ चुकी हैं
क्या कोई नई संख्या बता सकते हैं आप।
‘एक हमारी देह की इकाई की वो संख्या है
जिसमें समाहित हैं सारी संख्याएँ’ – का अर्थ है :
‘नौ द्वारे का पिंजरा ता में पंछी पौन’ – पंक्ति के संदर्भ में ‘पिंजरा’ शब्द से आशय है –
Comprehension:
तकनीक की हर नई छलांग उत्साह भी पैदा करती है और चिंता भी लाती है। ‘डीपमाइंड’ और ‘ओपनएआई’ जैसी कंपनियों द्वारा बनाए गए नए स्मार्ट चैटबॉट्स ने लोगों का मन मोह लिया है। इनमें इंसानों की तरह सवालों के जवाब देने की क्षमता है। ये बारीकियों की व्याख्या कर सकते हैं, साथ ही, तथ्यों को विश्वास के साथ साझा भी कर सकते हैं। ये चैटबॉट नए नहीं हैं। इंसानों के संवाद करने में सक्षम कंप्यूटर प्रोग्राम या चैटबॉट्स की अवधारणा का 1950 के दशक से ही एक इतिहास रहा है। शुरुआती चैटबॉट्स में से एक एलिजा है, जिसे 1960 के दशक में कंप्यूटर वैज्ञानिक जोसेफ वीजेनबाम ने प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण और कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रौद्योगिकी का परीक्षण करने के लिए बनाया था। यह कीवर्ड और वाक्यांशों का जवाब देकर सहज ढंग से संवाद कर सकता था। चैटजीपीटी को अभी तक का सबसे उन्नत चैटबॉट माना जा रहा है।
चैटजीपीटी को ओपनएआई द्वारा विकसित किया गया है। यह भाषा का एक मॉडल है, जो इंसानों की तरह ही प्रतिक्रिया करता है। कुछ चैटबॉट ज्यादा जटिल संवाद करने में भी सक्षम होते हैं और समय के साथ अपनी प्रतिक्रियाओं को बेहतर बनाने के लिए मशीन लर्निंग एल्गोरिदम का उपयोग करते हैं। अभी चैटजीपीटी सहित अधिकांश चैटबॉट्स अपने लिए सूचनाएँ एक विशाल, लेकिन एक सीमित दायरे से ही प्राप्त करते हैं। जैसे चैटजीपीटी का
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ताजा संस्करण 2021 के अंत तक संचित हुई सूचनाओं तक सीमित है। चैटबॉट अपनी प्रतिक्रिया में कहीं अधिक मुखर हैं और किसी जिज्ञासा पर ज्यादा ध्यान केंद्रित करते हैं जबकि ऐसा करना गूगल या बिंग के लिए मुश्किल है। हालाँकि, चैटजीपीटी की इंसानों जैसी प्रतिक्रिया में सूचना स्रोत का जिक्र नहीं होता और न ही कोई लिंक या उद्धरण दिया जाता है। इसके साथ आसान बातचीत ने दुनियाभर में धूम मचा दी है। उत्साही लोग तरह-तरह के सवाल पूछ रहे हैं। हर संवाद के साथ चैटबॉट का भी परीक्षण और प्रशिक्षण चल रहा है।फिर भी एक चैटबॉट सब कुछ नहीं जानता, जबकि इसका इजहार या इसकी अभिव्यक्ति या लेखन इंसानों की तरह ही है। इसकी जानकारी गलत और दोषपूर्ण भी हो सकती है। इनको अभी भी कई बाधाओं या हदों को पार करना है, सूचनाओं को बढ़ाना है। कई भाषाओं के विकल्पों के साथ डिजिटल संचार पाठ से आवाज की ओर बढ़ रहा है। हर शब्द स्वरबद्ध होता जा रहा है। एलेक्सा जैसे सर्च इंजन और आवाज आधारित अन्य सहायकों से आगे जाने के लिए चैटबॉट्स को ज्यादा सूचनाओं की जरूरत पड़ेगी। लोगों की जिज्ञासाओं को शब्दों से ही नहीं स-स्वर शांत करना होगा।
स्पैरो चैटबॉट जीपीटी की तुलना में कुछ बेहतर है। जल्द ही गलत सवालों को पहचानने वाले चैटबॉट भी आ जाएँगे। अगर समझदारी से इस्तेमाल हुआ, तो चैटबॉट हमारे बहुत काम आएँगे।
गूगल या बिंग की तुलना में चैटबॉट्स के अधिक प्रभावशाली होने का कारण है –
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
(I) चैटबॉट्स जटिल संवाद करने में सक्षम हैं।
(II) चैटबॉट्स का विकास मानव जीवन के एकाकीपन को दूर करने में सक्षम है।
(III) चैटबॉट्स मानव द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब अपने विवेक के आधार पर देता है।
(IV) भविष्य में चैटबॉट्स सही गलत को पहचानने में सक्षम होंगे।
गद्यांश के अनुसार कौन-सा/से कथन सही है/हैं ?
निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए और सही विकल्प चुनकर लिखिए :
कथन : तकनीकी प्रगति उत्साह के साथ-साथ चिंता का कारण भी है।
कारण : यह जीवन को सरल बनाने के साथ जटिल बना रही है।
‘डिजिटल दुनिया पाठ से आवाज की ओर बढ़ रही है’ – पंक्ति से अभिप्राय है –
Comprehension:
पिता का उस पर अगाध प्रेम होने के कारण स्वभावतः ईर्ष्यालु और संपत्ति की रक्षा में सतर्क विमाता ने मरणांतक रोग का समाचार तब भेजा, जब वह मृत्यु की सूचना भी बन चुका था। रोने-पीटने के अपशकुन से बचने के लिए सास ने भी उसे कुछ न बताया। बहुत दिन से नैहर नहीं गई, सो जाकर देख आवे, यही कहकर और पहना-उढ़ाकर सास ने उसे विदा कर दिया। इस अप्रत्याशित अनुग्रह ने उसके पैरों में जो पंख लगा दिए थे, वे गाँव की सीमा में पहुँचते ही झड़
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गए। ‘हाय लछमिन अब आई’ की अस्पष्ट पुनरावृत्तियाँ और स्पष्ट सहानुभूतिपूर्ण दृष्टियाँ उसे घर तक ठेल ले गईं। पर वहाँ न पिता का चिहन शेष था, न विमाता के व्यवहार में शिष्टाचार का लेश था। दुख से शिथिल और अपमान से जलती हुई वह उस घर में पानी भी बिना पिए उलटे पैरों ससुराल लौट पड़ी। सास को खरी खोटी सुनाकर उसने विमाता पर आया हुआ क्रोध शांत किया और पति के ऊपर गहने फेंक-फेंककर उसने पिता के चिर बिछोह की मर्मव्यथा व्यक्त की।विमाता द्वारा भक्तिन के पास उसके पिता की मृत्यु का समाचार देर से पहुँचाने का कारण क्या नहीं है ?
‘पैरों के पंख गाँव की सीमा में पहुँचते ही झड़ गए।’ – पंक्ति का आशय है –
‘हाय लछमिन अब आई’ – गाँववालों द्वारा कहे गए ये शब्द प्रकट करते हैं –
निम्नलिखित कथनों पर विचार करते हुए गद्यांश के अनुसार सही कथन को चयनित कर लिखिए :
Comprehension:
हरषि राम भेटेउ हनुमाना। अति कृतग्य प्रभु परम सुजाना।।
तुरत बैद तब कीन्हि उपाई। उठि बैठे लछिमन हरषाई।।
हृदयँ लाइ प्रभु भेंटेउ भ्राता। हरषे सकल भालु कपि ब्राता।।
कपि
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पुनि बैद तहाँ पहुँचावा। जेहि बिधि तबहिं ताहि लइ आवा।।यह बृत्तांत दसानन सुनेऊ। अति बिषाद पुनि पुनि सिर धुनेऊ।।
ब्याकुल कुंभकरन पहिं आवा। बिबिध जतन करि ताहि जगावा।।
निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए और सही विकल्प चुनकर लिखिए :
कथन : दुखी रावण बार-बार सिर धुन कर पछता रहा था।
कारण : विजय की आशाओं पर पानी फिरता दिख रहा था।
किशनदा की तरह घर-गृहस्थी का बबाल न पालकर जीवन समाज के नाम समर्पित करने की भावना यशोधर बाबू के मन में क्यों आती थी ?
यशोधर बाबू ने डी.डी.ए. के फ़्लैट के लिए पैसा क्यों जमा नहीं किया था ?
किशनदा कभी-कभी इस अनुरोध की रक्षा कर देते। – इस वाक्य में किस ‘अनुरोध की रक्षा’ की बात हो रही है ?
निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए और सही विकल्प को चुनकर लिखिए :
कथन : यदि ईख को और कुछ दिन खेत में खड़ी रहने दिया जाए तो गुड़ जरा ज्यादा निकलता है।
कारण : देर तक खेत में खड़ी रहने वाली ईख में पानी की मात्रा कम होती है और रस गाढ़ा हो जाता है।
‘अब तू बता, मैं का करूँ ?’ – कथन से आनंदा के माँ के चरित्र की कौन-सी विशेषता प्रकट होती है ?
‘मेरी ही पाठशाला मुझे चोंच मार-मार कर घायल कर रही थी।’ – इस पंक्ति का आशय है –
मुअनजो-दड़ो के मिले अवशेषों में अपने मूल स्वरूप के नजदीक बचे निर्माण के रूप में है –
प्रो. गुप्ता की लेखन में विशेष रुचि है, कॉलेज की पत्रिका के लिए वह लेख लिखते हैं। अब वह समाचार-पत्रों में अपना हाथ माँजना चाहते हैं। उन्हें किस शीर्षक के अंतर्गत अपने लेख भेजने चाहिए ?
जनसंचार के अन्य माध्यमों की तुलना में इंटरनेट पत्रकारिता के तेजी से लोकप्रिय होने के कारण हैं –
पाठकों, दर्शकों और श्रोताओं तक सूचनाएँ पहुँचाने के लिए पत्रकारों द्वारा अपनाए जाने वाले विभिन्न रूप कहलाते हैं –
काव्य खंड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए :
‘बात सीधी थी पर’ कविता से ली गई पंक्ति ‘जोर जबरदस्ती से बात की चूड़ी मर गई’ – का आशय स्पष्ट कीजिए।
काव्य खंड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए :
‘हम दूरदर्शन पर बोलेंगे, हम समर्थ शक्तिवान’ – ‘कैमरे में बंद अपाहिज’ कविता से ली गई इन पंक्तियों में निहित व्यंग्यार्थ को स्पष्ट कीजिए।
काव्य खंड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए :
‘छोटा मेरा खेत’ कविता के आधार पर कवि-कर्म और कृषि-कर्म में समानता और विविधता का उल्लेख अपने शब्दों में कीजिए।
काव्य खंड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 40 शब्दों में दीजिए :
‘बगुलों के पंख’ कविता में ‘हौले-हौले जाती मुझे बाँध निज माया से’ – पंक्ति का क्या अभिप्राय है ?
काव्य खंड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 40 शब्दों में दीजिए :
‘बादल राग’ शीर्षक कविता में बादलों को ‘जीवन का पारावार’ क्यों कहा गया है ?
काव्य खंड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 40 शब्दों में दीजिए :
‘पतंग’ कविता में ‘डाल की तरह लचीले वेग’ – से कवि का क्या आशय है ?
गद्य खंड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए :
‘काले मेघा पानी दे’ पाठ के कथन ‘काले मेघा दल के दल उमड़ते हैं, पानी झमाझम बरसता है, पर गगरी फूटी की फूटी रह जाती है, बैल पियासे के पियासे रह जाते हैं ?’ का आशय स्पष्ट कीजिए।
गद्य खंड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए :
‘शिरीष के फूल’ पाठ से ली गई पंक्ति ‘ऐसे दुमदारों से तो लँडूरे भले’ का आशय स्पष्ट करते हुए लिखिए कि लेखक ने ऐसा किस संदर्भ में कहा है ?
गद्य खंड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए :
‘पहलवान की ढोलक’ पाठ में मलेरिया और हैज़े से पीड़ित गाँव की दयनीय स्थिति को चित्रित किया गया है। वर्तमान समय में क्या इस स्थिति में कुछ सुधार आया है ? तर्कपूर्ण उत्तर दीजिए।
गद्य खंड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 40 शब्दों में दीजिए :
‘बाज़ार दर्शन’ पाठ के आधार पर लिखिए कि बाज़ार में कौन-सा चुंबकीय जादू होता है ? कारण सहित अपने शब्दों में लिखिए।
गद्य खंड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 40 शब्दों में दीजिए :
‘श्रम विभाजन और जाति प्रथा’ पाठ के आधार पर लिखिए कि मनुष्य को पेशा बदलने की आवश्यकता क्यों पड़ती है ?
गद्य खंड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 40 शब्दों में दीजिए :
‘आंबेडकर के अनुसार शारीरिक वंश परंपरा की दृष्टि से मनुष्य में भिन्नता होने के कारण क्या उनके साथ असमान व्यवहार किया जाना चाहिए ?’ कथन पर टिप्पणी कीजिए।
निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 40 शब्दों में दीजिए :
वर्तमान युग में युवा पीढ़ी और बुजुर्गों के दृष्टिकोण में बहुत अन्तर दिखाई देता है, इसका क्या कारण है ? ‘सिल्वर वैडिंग’ कहानी के संदर्भ में लिखिए।
निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 40 शब्दों में दीजिए :
‘जूझ’ कहानी का उद्देश्य क्या है ?
निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 40 शब्दों में दीजिए :
‘मुअनजो-दड़ो के घरों के अधूरे पायदानों पर खड़े होकर आप इतिहास को नहीं उसके पार झाँक सकते हैं।’ इस कथन से लेखक का क्या आशय है ?
निम्नलिखित विषयों में से किसी एक विषय पर लगभग 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए :
ओ.टी.टी. पर्दा : मनोरंजन की नई परिभाषा
निम्नलिखित विषयों में से किसी एक विषय पर लगभग 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए :
बढ़ती जनसंख्या : घटते संसाधन
निम्नलिखित विषयों में से किसी एक विषय पर लगभग 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए :
घर के कबाड़घर में रखा पुराना टी.वी.
निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए :
तकनीकी विकास के बावजूद हिन्दी की वेब पत्रकारिता अपने शैशवकाल में ही क्यों है ? इसके विकास के लिए क्या आवश्यक है ?
निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए :
मुद्रित माध्यमों की तुलना में भाषा-शैली के स्तर पर रेडियो और टी.वी. पर प्रस्तुत किए जाने वाले समाचारों में विशेष सावधानी क्यों बरतनी चाहिए ?
निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए :
समाचार-पत्रों में अगर आर्थिक जगत से जुड़ी खबरें न हों तो वह संपूर्ण नहीं माना जाएगा, क्यों ?
कहानीकार द्वारा कहानी में वर्णित मानसिक द्वंद्व को नाटक में किस प्रकार रूपांतरित किया जा सकता है ?
“लक्ष्मण-मूर्च्छा और राम का विलाप” प्रसंग के आधार पर रावण और कुंभकरण के बीच हुए संवाद के दृश्य को लगभग 40 शब्दों में लिखिए।
सिनेमा या रंगमंच (दृश्य माध्यम) और रेडियो नाटक में क्या अंतर है ?
CBSE Class 12 Hindi Core Question Paper Pattern 2024
The CBSE Class 12 Hindi Core 2024 theory paper is of 80 marks and has 14 questions, all compulsory, in two sections (Khand): Section A has objective (multiple choice) questions for 40 marks and Section B has descriptive questions for 40 marks. The time allowed is 3 hours, with 15 minutes of extra reading time. Internal choice is given in Section B. The table below gives the paper pattern from the official CBSE question paper.
| Section | Question Type | Attempt | Marks |
|---|---|---|---|
| Section A - Objective (Multiple Choice) Questions | Unseen poetry passage: five MCQs (1 mark each) | All compulsory | 5 |
| Unseen prose passage: ten MCQs (1 mark each) | All compulsory | 10 | |
| Textbook MCQs (Aroh Part 2 and Vitan Part 2): ten MCQs (1 mark each) | All compulsory | 10 | |
| Poetry extract (Aroh): five MCQs (1 mark each) | All compulsory | 5 | |
| Prose extract (Aroh / Vitan): five MCQs (1 mark each) | All compulsory | 5 | |
| Abhivyakti aur Madhyam (media): five MCQs (1 mark each) | All compulsory | 5 | |
| Section B - Descriptive Questions | Creative writing, about 120 words (1 topic out of 3, 6 marks) | 1 out of 3 | 6 |
| Two short-answer questions, about 40 words (2 marks each), each with an internal choice | Both, with choice | 4 | |
| Media writing questions, about 60 words (3 marks each) | 2 out of 3 | 6 | |
| Poetry questions, about 40 words (2 marks each) | 2 out of 3 | 4 | |
| Poetry questions, about 60 words (3 marks each) | 2 out of 3 | 6 | |
| Prose questions, about 60 words (3 marks each) | 2 out of 3 | 6 | |
| Prose questions, about 40 words (2 marks each) | 2 out of 3 | 4 | |
| Vitan questions, about 40 words (2 marks each) | 2 out of 3 | 4 | |
| Total | 14 questions | 80 |
CBSE Class 12 Hindi Core Unit-Wise Weightage
| Unit | Marks |
|---|---|
| Apathit Bodh (unseen comprehension: one poetry and one prose passage) | 15 |
| Abhivyakti aur Madhyam (textbook) | 21 |
| Aroh Part 2 and Vitan Part 2 (textbooks) | 44 |
| Theory Paper | 80 |
| Internal Assessment | 20 |
| Grand Total | 100 |








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